Radhika Krishna Rukmini Darshan.6

©️®️M.S.Media.
Shakti Project.
कृण्वन्तो विश्वमार्यम. 
In association with.
A & M Media.
Pratham Media.
Times Media.
Presentation.
Cover Page.0.
Radhika Krishna Rukmini Darshan. 
Volume : 1. Series : 6.
a Social Media.Web Blog Magazine Philosophical Page. 
Monthly.Address.
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https://drmadhuptravel.blogspot.com/2025/11/radhika-krishna-rukmini-darshan6.html
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Cover Page.0
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राधिका कृष्ण रुक्मिणी दर्शन आवरण पृष्ठ. 
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आवरण पृष्ठ : त्रिशक्ति : शालिनी रेनू अनुभूति.
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राधिकाकृष्ण रुक्मिणी दर्शन : ६ : आज : दैनिक : अनुभाग : लिंक. 
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महाशक्ति मीडिया अधिकृत दैनिक समाचार लिंक. 

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सिर्फ़ आज दैनिक प्रकाशित समाचार के लिए नीचे दिए गए लिंक को दवाएं. 
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महाशक्ति मीडिया अधिकृत दैनिक समाचार लिंक 

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वायरलेस प्राइवेट लिमिटेड : मार्केट रिसर्च : मुंबई : शक्ति.ज्योति.आर्य.नरेंद्र.समर्थित.
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राधिका कृष्ण रुक्मिणी दर्शन : धारावाहिक ६ : विषय सूची. 
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विषय सूची : पृष्ठ : ०.
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राधिकाकृष्णरुक्मिणी. दर्शन. पृष्ठ :०.
राधिका कृष्ण रुक्मिणी दर्शन ६ : आवरण पृष्ठ.
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प्रेम प्रकृति.
राधिकाकृष्ण: प्रेम प्रकृति दर्शन : पृष्ठ : ० / १.
रुक्मिणीकृष्ण.प्रकृति प्रेम दर्शन : आज : पृष्ठ :० /२.
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जीवन : दर्शन.
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त्रि शक्ति : विचार धारा : पृष्ठ : १. 
 राधिकाकृष्ण जीवन दर्शन : दृश्यम : शब्द चित्र : पृष्ठ : १ / १.
रुक्मिणीकृष्ण :जीवनदर्शन : दृश्यम : शब्द चित्र : पृष्ठ : १ / २.
मीराकृष्ण : जीवन दर्शन : शब्द चित्र : पृष्ठ १ /३.
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राधिकाकृष्णरुक्मिणी : शक्ति : फोटो दीर्घा : पृष्ठ :७. 
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राधिकाकृष्णरुक्मिणी : सम्पादकीय शक्ति : पृष्ठ :२. 
सम्पादकीय शक्ति. समूह. नवशक्ति. विचार धारा : अंततः : पृष्ठ :२/ १.
सम्पादकीय त्रि शक्ति जागरण : साँवरे सलोनी गोरी : गद्य संग्रह आलेख : पृष्ठ : २ / २.  
सम्पादकीय त्रि शक्ति  जागरण : साँवरे सलोनी गोरी : पद्य संग्रह : आलेख : पृष्ठ :  / ३.
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राधिकाकृष्णरुक्मिणी : आज का गीत : जीवन संगीत :भजन : पृष्ठ : ३.
राधिकाकृष्णरुक्मिणी : शक्ति : कोलाज दीर्घा : पृष्ठ : ४. 
राधिकाकृष्णरुक्मिणी : शक्ति : कला दीर्घा : पृष्ठ : ५.
दिन विशेष : आज का पंचांग : राशि फल : पृष्ठ : ६.
राधिकाकृष्णरुक्मिणी : शक्ति : फोटो दीर्घा : पृष्ठ :७. 
राधिकाकृष्णरुक्मिणी :समसामयिकी. समाचार : दृश्यम पृष्ठ : ८.
मुझे भी कुछ कहना है : गीता ज्ञान : आपने कहा : आभार : पृष्ठ :९.
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महाशक्ति मीडिया प्रस्तुति.
विषय सूची.
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महाशक्ति मीडिया प्रस्तुति.
विषय सूची.
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 मंगल अनंत शिव. शक्ति शुभकामनाओं के साथ.
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फोर स्क्वायर होटल बैंक्वेट: रांची :समर्थित : दैनिक अनुभाग : मार्स मिडिया ऐड:नई दिल्ली.
   दैनिक / अनुभाग.   
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       सुबह सवेरे:शाम. पृष्ठ :०..
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राधिकाकृष्णरुक्मिणी सदा सहायते. 
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त्रि शक्ति : दर्शन : विचार धारा.  
सम्यक ' साथ ', सम्यक ' दृष्टि ', ' और सम्यक ' कर्म ' 
*
आत्म दीपो भवः   


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दिव्य अनंत शिव शक्ति.
 दैनिक अनुभाग.आज.

*
विक्रम संवत : २०८२ शक संवत : १९४७.
०४.१२.२५. 
मार्गशीर्ष  : शुक्लपक्ष :पूर्णिमा.  
दिन. गुरुवार. 
महालक्ष्मी नारायण दिवस. मूलांक : ४ . 

राधिका : कृष्ण : रुक्मिणी दर्शन. 
त्रि - शक्ति.

राधिका : कृष्ण : रुक्मिणी सदा सहायते. 
*
हरे कृष्णा गोविन्दाय नमः 
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* स्वर्णिका ज्वेलर्स.निदेशिका.शक्ति तनु.आर्य रजत.सोहसराय.बिहार शरीफ.समर्थित. *
 प्रेम. प्रकृति : दर्शन. 
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राधिकाकृष्ण : प्रेम प्रकृति :दर्शन : पृष्ठ :० / १ . 
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राधिका डेस्क. 
मुक्तेश्वर नैनीताल. 
. प्रादुर्भाव वर्ष :१९७६. 
संस्थापना वर्ष : १९९८.महीना : जुलाई. दिवस :४.
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दर्शन डयोढ़ी : राधिकाकृष्ण : आज : पृष्ठ : ० / १.
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राधिका डेस्क.
राधा कृष्ण मंदिर. मुक्तेश्वर.नैनीताल.
*

मेरी भव बाधा हरौ राधा नागरि सोय 
*
सज्जा : संपादन. 
शक्ति* प्रिया.मधुप डॉ.सुनीता .

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राधिकाकृष्ण : प्रेम प्रकृति : दर्शन : आज : पृष्ठ : ० / १.
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राधिका डेस्क.
राधाकृष्ण मंदिर. मुक्तेश्वर.नैनीताल.
शक्ति* प्रिया.मधुप डॉ.सुनीता.

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सखी रे मैं का से कहूं
*
आपने क्या कहा
*
तेरा मेरा साथ
*


सन्दर्भ विचार : माया : शक्ति : रितु
: छाया
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चींटी : चीनी और नमक
*
जीवन में ' सही ' लोगों का चयन कर उसी भांति अपने जीवन को ' मीठा ' बनाइए
जिस प्रकार ' चीनी ' और ' नमक ' एक साथ मिलाया जा सकता है लेकिन चींटी ' नमक ' को अस्वीकार करते हुए चीनी को अपने साथ ले जाती है ठीक उसी प्रकार
अच्छे लोगों का ' चयन ' आपके जीवन को ' मधुर ' बनाता है

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शोध विचार ©️®️ शक्ति प्रिया रेनू मधुप 
*
सम्यक वाणी ,प्रिय
*

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सन्दर्भ विचार माया : शक्ति : छाया : डॉ. अनु
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यथार्थ में प्रार्थना शब्दों में नहीं हृदय व कर्म से ही होनी चाहिए क्योंकि ईश्वर उनकी भी सुनते ही हैं जो बोल नहीं सकते। मूक हैं

©️®️ डॉ. अनु मधुप आस्था 
*
स्वयं को बदल डालो
*


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विचार : सन्दर्भ : शक्ति : डॉ.अनु
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क्रांति या परिवर्तन वही सही है. जो तुम्हें तुम्हारे अंतःमन के भय से मुक्त करे, जो तुम्हें सांसारिक भीड़ से अलग खड़ा करे, और तुम्हारा सम्यक जो तुम्हें ' स्वयं ' लौटा दे
*
मुझे दोष न देना जग बालों

*
शाश्वत प्रेम
*
किसी को चाहो तो यह वाह्य आकर्षण है
किसी को चाहते रहो, उसको,उसकी सोच को उसके सिद्धांतों को
तो यह जन्म जन्मांतर के अन्तःमन का शाश्वत प्रेम है
*
*
माया की छाया

विचार : सन्दर्भ : फोटो : शक्ति : नैना . 
*
*
माया की छाया
विचार : सन्दर्भ : फोटो : शक्ति : रितु. 
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मुझको, हमको, तुमको,सबको इतना भरमाया है
मन मधुप में ही चंचल सुन्दर माया की छाया हैं
न जाने क्यों इस रूप में ही नश्वर संसार ये भाया है
*
©️®️शक्ति प्रिया डॉ. सुनीता सीमा
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परमात्मा को पाने के लिए
अंध विश्वास यथा ईर्ष्या, द्वेष,संकीर्णता का सहारा मत लें
अंधविश्वास को छोड़ कर ,
परमात्मा का अनुभव तो सम्यक प्रकाश यथा सम्यक ज्ञान,संकल्प व कर्म
में ही संभव है, प्रिय !
*

संदर्भ : ढ़ाई आखर प्रेम का : राधा : कृष्ण : फोटो.
*
तेरे मेरे सपने
*
भूत की गलतियों को सुधार कर
वर्त्तमान में सम्यक प्रयास करते हुए
आने वाले कल के तेरे मेरे सपने पुरे करें,प्रिय !
*
राम सिया राधा किशन की यही है कहानी
*
त्रेता युग में मर्यादा पुरुषोत्तम राम
के समक्ष सिया के अतिरिक्त जनकपुरी की उन नारी शक्तियों की चाहत अभिलाषा का भी ज्ञान
था जिसे श्री हरि ने द्वापर युग में श्रीकृष्ण के रूप में अवतरित होकर
मर्यादा से हटकर उन शक्तियों की इच्छा का मान सम्मान रखा था
*
विचार शोध : पुनः लेखन
©️®️शक्ति प्रिया डॉ. सुनीता सीमा 
*
हमको मन की शक्ति देना
दूसरों की जय से पहले ख़ुद को जय करें
*
*
विचार :सन्दर्भ फोटो : शक्ति. फ़रहीन.
*
तप,ध्यान,मौन सब व्यर्थ हैं अगर भीतर क्रोध की ज्वाला है बुद्ध ने ' मुक्ति ' बाहर नहीं बताई, उन्होंने सिखाया ' मन ' को जीतो, वही सबसे बड़ी 'विजय ' है.
*
सच सज्जन साध्वी और सुंदरता.
*
वहाँ कौन है तेरा मुसाफिर जायेगा कहाँ
*

*
विचार : सन्दर्भ : छाया : शक्ति : माया.

*
अगर आप अपने ' मन ' के ' मिथ्या भ्रम ' ' और
' माया जाल ' में ही खोए रहेंगे तो इस ' मानव जीवन ' की सही ' सुन्दरता ' से चूक जायेंगे...मुसाफ़िर
इसलिए जीवन के अंतहीन ' सफ़र ' में ' समय ' ' सच ' के साथ
सोना ' सज्जन ', ' साधु ' जन ' साध्वी ' और ' सद्गुरु ' की
तलाश जारी रखना,माधव !

*

*
संदर्भ : विचार फोटो : शक्ति : आभार
*
तोरा मन दर्पण कहलाए
*
सत्य कोई ऐसी चीज़ नहीं है जिसे बाहर खोजा जाए, बल्कि यह सब के भीतर उनके अंतर्मन का अनुभव है
जो अदृश्य है पहेली है जो व्यक्ति विशेष ही समझ सकता है

संदेह : भरोसा और अन्तःमन.

*
व्यक्ति की बुद्धि सदैव तो सदैव संदेह करती है भरोसा तो केवल हृदय : अन्तःमन ही जानता है..प्रिय !

*
वाणी और शब्द
*
वाणी और शब्द मानवीय जीवन के
वो पहलू हैं जिन्हें संभाल कर प्रयोग में लाए,प्रिय
या तो आप क्षण में दुनियाँ जीत सकते हैं
या पल भर में गवां सकते हैं
*
दिल की गिरह खोल दो
*
मेरे लिए वो ' व्यक्ति ' ही ' ईश्वर ' है 
जिसने मेरे ' अकेलेपन ' : ' मुसीबत ' में ' ह्रदय ' से समझा, जाना 
और जिसने ' मान ' दिया ' सम्मान ' दिया सबके सामने ' ज्ञान ' नहीं 
*

*
सन्दर्भ :फोटो शक्ति.कोलाज.
*
हमसाया
*
दुःख हो या सुख अपने वो होते हैं माधव
जिन्हें कभी भी तकलीफों में खोजना न पड़ें
' माया ' मरी न ' मन ' मरा

*
' रमा ' क्या मन, ' माया ', और ' मनका ' में ?
निःशब्द होकर मन सतत खोज करता ही रहा
निरंतर समय, सच, सपने, सज्जन, सद्गुरु और साध्वी को

शक्ति प्रिया डॉ.सुनीता आस्था
( रमा : पर्याय : रमना और लक्ष्मी )
*
सिर्फ़ ' हा ' ' ना ' नहीं
*
किसी ने पूछा सार प्रेम का क्या है ?
निरुत्तर होते हुए तुम्हारी तरफ़ देखते हुए
मैंने कहा जीवन में सिर्फ तुम्हारे लिए हाँ ही दिखना प्रेम है
*
ईश्वर मानव और सम्यक कर्म.
*
ईश्वर क्या है आपकी ' आस्था '
मानव क्या है उसकी ' रचना ' अपने जीवन में
सम्यक ' आस्था ' और सम्यक ' कर्म ' का सामंजस्य बनाए रखें
*
रीत और प्रीत
*
अपने जीवन एक ही रीत हो और प्रेम की सौगात
बिन बोले समझ लें कान्हा राधिका ,सुदामा , पांचाली के मन की बात
*
©️®️शक्ति प्रिया डॉ.सुनीता मधुप. 
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राधिकाकृष्ण : प्रेम प्रकृति : दृश्यम  : आज : पृष्ठ : ० / १.
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राधिका डेस्क.
राधाकृष्ण मंदिर. मुक्तेश्वर.नैनीताल.
*
फ़िल्म ; लगान : २००१.
सितारे : ग्रेसी सिंह. आमिर खान. रेचल शैली.
मेरी पसंद डॉ. अनु. प्रिया. नैना.
*

*
गाना : मधुवन में जो कन्हैया किसी गोपी से मिले
कभी मुस्काए कभी छेड़े कभी बात करे राधा कैसे न जले
गीत : जावेद अख़्तर. संगीत : ए आर रहमान. गायक : उदित नारायण. आशा भोसले.
गाना सुनने व देखने के लिए नीचे दिए गए लिंक को दवाएं

*
साभार : दृश्यम : राधिका अंत से परे है

*
संपादन
शक्ति* प्रिया.मधुप डॉ.सुनीता.
*
*
आने वाले साल : आपकी खुशियों के साथ : फ़ोकस क्लब एंड रिसोर्ट : रांची : समर्थित. 
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रुक्मिणीकृष्ण. प्रकृति प्रेम दर्शन :आज : पृष्ठ :० /२.
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रुक्मिणी डेस्क
मुक्तेश्वर.नैनीताल.
प्रादुर्भाव वर्ष : १९७८..
संस्थापना वर्ष : १९८७.महीना : अगस्त : दिवस : ६.
*
संपादन 
शक्ति प्रिया मधुप डॉ. सुनीता. 
*

*
अंधेरों से मिल रही रोशनी है. 
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रूक्मिणीकृष्ण : दर्शन ड्योढ़ी : आज : पृष्ठ : ० / २
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*
तेरा साथ है तो मुझे क्या कमी है 
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रूक्मिणीकृष्ण : प्रकृति प्रेम दर्शन : पृष्ठ : ० / २.
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*
©️®️शक्ति प्रिया डॉ. सुनीता सीमा
*
रुक्मिणी डेस्क.
मुक्तेश्वर.नैनीताल.

*
निर्माण : संरक्षण : संहार
*

*
त्रिदेव : ब्रह्मा : विष्णु : महेश. : सन्दर्भ : फोटो

*
निर्माण : संरक्षण : संहार.
*
जीवन के ये तीन कर्म त्रिदेव : ब्रह्मा : विष्णु : महेश. के पर्याय हैं
सदैव स्मृत रहें जिसने पालन किया,संरक्षण दिया
उसमें असीम सहिष्णुता थी धर्म का कर्म था
विचार करें, प्रिय वो ईश्वर कौन है ?
*
ओम वासुदेव भगवते : राम : कृष्णाय : नमः
*
तन भी सुन्दर मन भी सुन्दर 
*
सत्यम शिवम् सुन्दरम
*
निर्विवादतः चेहरे की सुंदरता आँखों में उतरती है 
और स्वभाव की सुंदरता दिल में ,
जो भाव स्वभाव से दोनों से सुन्दर हैं वही 
सत्यम शिवम् सुन्दरम  हैं 
*
*
विचार सन्दर्भ : शक्ति फोटो : रितु. रांची 
*
©️®️ डॉ.सुनीता मधुप रितु 
*
दिल का रिश्ता बड़ा पुराना है 
*

*
विचार सन्दर्भ : शक्ति फोटो : रेखा : देहरादून  

*
रिश्ते मैत्री और प्यार वहीं ठहरते हैं 
जहाँ समय,सुरक्षा,शब्द, और संस्कार मिलता हो 
*
©️®️शक्ति प्रिया शालिनी सीमा सुनीता 
*
माया से नहीं मिले हरि 
*
 माया से नहीं मिले हरि मिला न मन में सुख सुविधा और संतोष
सब जतन करि हार गए क्लेश गया न मिटा न मन का दोष 
*
©️®️M.S.Media.

अश्वत्थामा नरो वा न कुंजरः
*

संदर्भ : विचार फोटो
*
गुरु द्रोण को महाभारत युद्ध से विलग करने के मात्र निमित्त इस
अर्ध्य सत्य को कहने मात्र में धर्म राज युधिष्ठर को अपने भीतर के अंतर द्वन्द , धर्म - अधर्म,
सत्य - असत्य,जय - पराजय से क्यों कर गुजरना होगा यह तो उनका ह्रदय ही भली भांति जानता है

युधिष्ठर के ऐसे यक्ष प्रश्न अक्सर कभी कभी दूसरों की भूलवश अपने समक्ष भी होते हैं 
समस्या समाधान सलाह विचारणीय ही हैं ,मान्य भी 

*
संस्कार व्यवहार और प्यार. 
*

*
विचार सन्दर्भ : फोटो : शक्ति स्मिता 
एंकर : पटना : दूरदर्शन 
*
पर ' उपदेश ' कुशल बहुतेरे. 

 *
जो तुमने दूसरे के लिए सोचा,समझा और किया ,
उसे सर्वप्रथम अपने लिए सोचो, समझो और करो 
यदि वो तुम्हारे लिए सम्भव और  ग्राह्य है तो दूसरों के लिए भी मान्य ही होगा 
*
©️®️शक्ति. सीमा डॉ.सुनीता मधुप 

*
मन ही देवता मन ही ईश्वर मन से बड़ा न कोई 
जग से कोई भाग ले प्राणी मन से भाग न पाए 
*

*
सन्दर्भ : प्रतीक. फोटो : त्रिशक्ति.
*
संस्कार व्यवहार और प्यार. 
*
त्रिशक्ति संगम 
*
रुक्मिणी कृष्ण राधिका त्रिशक्ति का ' समन्वय ' ,' समझ '  व ' मैत्री '
प्रतीक वस्तुतः ' संस्कार ', ' व्यवहार ' और ' प्यार ' का 
अद्भुत त्रिवेणी ' संगम ' है 
*


*
विचार सन्दर्भ.
फोटो शक्ति रितु
*
ईश्वर मित्र और दर्शन
*
ईश्वर का दर्शन और सच्चे मित्र का मार्गदर्शन दोनों ही
मानव जीवन को उन्नयन की तरफ़ ले जाते हैं

समदृष्टि
*
किसी से भी इतना भी मोह न हो कि उसकी बुराई छुप जाए, और किसी से इतनी भी घृणा भी न हो जाए कि हम उसकी अच्छाई देख न पाए
*


*
विचार सन्दर्भ.
फोटो शक्ति रश्मि.महाराष्ट्र.
*
जीवन जोत उजागर है
*
नज़र बदलें नज़रिया बदलेगा
संगति सज्जन की हो तो संसार बदलेगा,प्रिय
जागो उठ कर देखो
*
अनुभूति : प्यार : दोस्ती.
*
कदर करें, जताए मत. फ़िक्र करें। दिखाए मत
प्रेम और दोस्ती एक ख़्याल है एहसास होने दें,बतलाए मत
*
जब जब तू मेरे सामने आए.
*

विचार : सन्दर्भ
फोटो : डॉ.मधुप.
*
यादें न जाए
*
किसी ने पूछा प्रेम क्या है
निःशब्द हो गए और सिर्फ़ याद आए मन में तुम
*
' कृष्ण ' है तो ' कर्म ' है, कर्म है ' तुम और हम ' है, हमलोग है
फिर तो कृण्वन्तो विश्वमार्यम. है 
*
मन का ' संयम ' टूटा जाए
*
पारिवारिक मानवीय रिश्तें में ' सहिष्णुता ' और ' वाणी '
की ही विशेष ' आजमाइश ' है जिसने जितनी रखी
उसकी ' अहमियत ' उतनी बढ़ी..सोच लेना
*
@ शक्ति प्रिया डॉ.सुनीता सीमा
*
हार जीत
*
जीवन में ' हार ' न मानने की आदत ही
एक दिन ' जीत ' दिला दिलाती है ! प्रिय
@ शक्ति प्रिया डॉ.सुनीता अनु
*
---------
रुक्मिणीकृष्ण. प्रकृति प्रेम दर्शन : दृश्यम  : पृष्ठ :० /२.
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*
रुक्मिणी डेस्क
मुक्तेश्वर.नैनीताल.
*
संपादन 
शक्ति प्रिया मधुप डॉ. सुनीता. 
*
 जैसे सीता के राम : जैसे राधा के श्याम 
हाय मेरी सांसो में   तेरा  ही नाम रे
*
*
प्रस्तुति 
प्रकृति के साधु : गोपाल सिंह नेगी : हर्षिल : उत्तरकाशी. 
*
शॉर्ट रील : दृश्यम : जनकपुर : नेपाल : शक्ति रितु
*
रामजी से पूछे जनकपुर की नारी
लोगवा देत काहे गारी बता दा बबुआ
*
*
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 राधिकाकृष्ण : दर्शन : ड्योढ़ी : आज : पृष्ठ : १ / १ .
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*
राधिकाकृष्ण.
वरसाने.वृन्दावन.डेस्क.
. प्रादुर्भाव वर्ष :१९७६. 
संस्थापना वर्ष : १९९८.महीना : जुलाई. दिवस :४.
*

संपादन
*
शक्ति प्रिया डॉ.सुनीता मधुप. 

*
हे री मैं तो प्रेम दिवानी, मेरा दरद न जाने कोय

*
श्याम तेरी बंशी पुकारे राधा नाम 

*

*
राधा का भी श्याम वो तो मीरा का भी श्याम  

*
----------
 राधिकाकृष्ण : जीवन : दर्शन : आज : पृष्ठ : १ / १ .
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*
राधिकाकृष्ण
वरसाने.वृन्दावन.डेस्क.
. प्रादुर्भाव वर्ष :१९७६. 
संस्थापना वर्ष : १९९८.महीना : जुलाई. दिवस :४.
*
©️®️शक्ति प्रिया डॉ.सुनीता मधुप. 
*
तन भी सुन्दर मन भी सुन्दर
*

*
जिंदगी और कुछ भी नहीं 
तेरी मेरी कहानी है 
*

*
सन्दर्भ  :  विचार : फोटो : डॉ. मधुप 
*
गलत लोग गलत करके भी शर्मिंदा नहीं होते,
सही लोग केवल इल्जाम से ही टूट जाते हैं...

*
समाज और अन्य के दिखावे में नहीं 
अपने अन्तःमन सच्चे कर्म और बाह्य में क्रिया में  विश्वास रखें 
*
MS* Media Powered
*
विचार : सुविचार
*
*
*
विचार सन्दर्भ : फोटो : शक्ति :माया
*
शब्द सार्थक शब्द हो
*
*
विचार फोटो : सन्दर्भ फोटो : शक्ति रितु
*
शब्द सार्थक शब्द हो यह केवल स्थिति प्रज्ञ ही जान सकता है
मौन और मुखर होना समय ,समझ और अपनी परिस्थिति से तय करें
अन्यथा अनर्गल प्रलाप तो संशय ,संकट सवाल को ही जन्म देते हैं

*
कुछ तो लोग कहेंगे
लोगों का काम है कहना
*

*
फोटो : सन्दर्भ : शक्ति : कर्म : कृष्ण

*
आ बता दे कि तुझे कैसे जिया जाता है ?
*

*
माया की छाया
सन्दर्भ : विचार : फोटो : शक्ति. नैना. मसूरी
*
सार्थकता जीवन की
*
आप जिस विषय वस्तु पर ध्यान केंद्रित करते हैं वह सक्रिय हो जाती है....
अतः नकारात्मक दुख से हटकर सकारात्मक विषयों के बारे में
मनन करें,

*
जिसकी मस्ती जिंदा है, उसकी हस्ती जिंदा है वरना तो यूँ समझ लो, मरा उसे कि
बिना मस्ती के वह ख़ाक जिंदा है

*
मिथ्या लोक लाज, समाज के भय से कभी अपने कर्म , कृष्ण निर्णय नहीं बदलना, अधिकतर जन, सलाह ही देते हैं ' समाधान ' और ' साथ ' नहीं...

कृष्ण : कूटनीति : कर्म

*
राधिका : क्या नदी किनारे लगे पेड़, पराए घर में रहने वाले लोग, मंत्री के बिना सम्राट निरर्थक नहीं लगते ,माधव ?
*
विचार :सन्दर्भ :फोटो : राम  रावण और विभीषण
*

*
 माधव : ' विभीषण ' तो ' रावण ' के सगे थे प्रिय !
 परिणाम ! आपको ज्ञात  ही है ....
इस संसार में ' बनना ' ' बिगड़ना ' तो मानव की उसकी ' नियति ' और ' नीति ' में है,  
 हमें तो  अपनी तरफ़ से मात्र सम्यक रहना है, राधिके 
*
शोध विचार @ शक्ति प्रिया डॉ सुनीता मधुप
*
जो मन को तसल्ली दे वो साज उठाना है 
*
मंदिर मस्जिदों में तो बस शोर ही शोर  है
*
ईश्वर तो अपने मन के भीतर है उनकी गूंज और आवाज़
तो अपने अन्तःमन से ही बेहतर प्रतिध्वनित होती हुई प्रतीत होती है 
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रूक्मिणीकृष्ण : जीवन दर्शन : पृष्ठ : १ / २.
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*
रुक्मिणी डेस्क.
विदर्भ डेस्क.महाराष्ट्र.
प्रादुर्भाव वर्ष : १९७८.
संस्थापना वर्ष : १९८७.महीना : अगस्त : दिवस : ६.
*
संपादन
शक्ति प्रिया डॉ.सुनीता मधुप.
*
वाणी : व्यंग्य : वाण
*
*
विचार : सन्दर्भ : छाया : कृष्ण : शिशुपाल
*
' वाणी ' की प्रत्यंचा पर ' व्यंग्य ' और कटाक्ष के मर्म भेदी ' शब्दों '
के ' वाण ' इस तरह अन्य के समक्ष सतत न चलाएं ,शिशुपाल !
जो ' मन 'को छुने के अतिरिक्त मन की ' सहन शक्ति ' को ही भेद जाए
*
©️®️शक्ति प्रिया मधुप सीमा. 
*
आदमी को चाहिए वक़्त से डर कर रहें
*

*
विचार सन्दर्भ : फोटो : माया : छाया 
साभार : शक्ति : रेखा : देहरादून. 
*
लोगों ने ' बतलाया ' कि वक़्त  बदलता है 
लेकिन ' वक़्त ' ने समझाया, कि ' लोग ' बदलते है 
मैं नहीं, परिवर्तन शील दिखता हूँ मैं 
तुम्हारे शब्द ,साथ, सोच, संकल्प ( कर्म ) से 
विचार करें 
*


*
विचार सन्दर्भ.
छाया : शक्ति : रितु
*
राम को समझो कृष्ण को जानो
*
रावण विभीषण : शिशुपाल कृष्ण
*
सच कहा आपने
दूसरों की ' नजर ' में उठने के लिए
लोग ' अपनों ' को गिरा देते हैं , फिर नतीजा ये होता है कि ' गैर ' तो ' अपने ' बनते नहीं लेकिन अपने ' गैर ' बन जाते हैं,
लेकिन सत्य सदभाव और सन्मार्ग के लिए प्रेरित
लेकिन विभीषण की पीड़ा को अपने भाई रावण के लिए
श्री कृष्ण की पीड़ा शिशुपाल के लिए
कोई तो समझे ?
रावण कब अपने भाई विभीषण के लिए
और शिशुपाल कृष्ण के लिए संवेदनशील हुए ? विचार कीजिए
*
अपनों पर सितम गैरों पर रहम
*
शोध विचार.
गोविन्द जी @ शक्ति डॉ.सुनीता मधुप
*
*
विचार सन्दर्भ.
फोटो : शक्ति :नेहा.कोलकोता.
*
तन भी सुन्दर मन भी सुन्दर
*
दिव्यता क्या है ?, किसी के मर्म को स्पर्श करने के लिए
व्यक्ति को तन ( मुख ), मन ( विचार ),धन ( सहयोग ), वचन ( व्यवहार )
से सुंदर अवश्य होना चाहिए
अन्यथा व्यवहार रहित मुख का सौंदर्य तो किस काम का ?

*
इंसा जो ख़ुद संभले अपनों को भी संभाले.
*
शक्ति प्रिया डॉ.सुनीता सीमा
*
जो व्यक्ति सबसे पहले ' .... '
और स्वयं आपको ' .... ' भी ' ..... ' भी
वह व्यक्ति ' ..... ' के सबसे ' .... ' होते हैं
परंतु आज के समय में ऐसे व्यक्ति बहुत मुश्किल से
' ..... ' वालों को ही मिलते हैं
*
प्रथम मीडिया शक्ति प्रस्तुति.
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मीरा : दर्शन : ड्योढ़ी :  पृष्ठ १ / ३ .
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*
मीरा डेस्क.
मेवाड़ डेस्क.जयपुर.
प्रादुर्भाव वर्ष : १९८२.
संस्थापना वर्ष : १९८९. महीना : सितम्बर. दिवस : ९.
*
*
मेवाड़ डेस्क.जयपुर.
संपादन.
*
शक्ति जया अनीता सेजल
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मीराकृष्ण : जीवन दर्शन : शब्द चित्र : पृष्ठ :१ / ३.
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संपादन.
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शक्ति जया अनीता सेजल
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धुंध : जीवन : दर्शन 
एक धुंध से आना है 
एक धुंध में जाना हैं 
*

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विचार सन्दर्भ : छाया : धुंध : डॉ.मधुप नवीन. 
स्थान : महाबलेश्वर : महाराष्ट्र 
*
मुसीबतें कोहरे जैसी हैं जीवन में घना अँधियारा करेंगी 
जब  कोई रास्ता नहीं दिखाई दे रहा हो तो 
बहुत दूर तक देखने की कोशिश व्यर्थ ही है ईश्वर को याद करें 
धीरे धीरे सावधानी सूझ बूझ एक एक कदम बढ़ते  रहिये 
राहें  अपने आप दिखने लगेंगी  
*
©️®️शक्ति प्रिया डॉ.सुनीता मधुप 

रही संतों के संग 
रंगी मोहन के रंग 
*
धरम करम और कृष्ण. 
*



मीराबाई.
*
यौ संसार विकार सागर-बीच में घेरी।
नाव फाटी प्रभु पालि बाँधो बूड़त है बेरी॥
*
भावार्थ.
*
यह दुनिया विकारों का समुद्र है जिसमें मैं घिरी हुई हूँ।
मेरी नाव टूटी हुई है। हे प्रभु ! तुम इसमें पाल लगा दो, नहीं तो मैं डूब जाऊँगी।

*
मेरे अपने
*

फोटो : सन्दर्भ : शक्ति डॉ.अनु 
*
तुलसीदास
*
ममता रत सन ग्यान कहानी। अति लोभी सन बिरति बखानी॥
क्रोधिहि सम कामिहि हरिकथा। ऊसर बीज बएँ फल जथा॥
*
भावार्थ
*
ममता में फंसे हुए व्यक्ति से कभी भी ज्ञान की बात न करें।
वह सत्य और असत्य में भेद नहीं कर पाता है।
अति लोभी व्यक्ति के समक्ष त्याग या वैराग्य की महिमा का वर्णन करना व्यर्थ है।
इसी तरह जिस व्यक्ति को हर समय क्रोध आता रहता है उससे शांति की बातें करना व्यर्थ है।
कामी व्यक्ति यानी वासना से भरे व्यक्ति के समक्ष कभी भी भगवान की बातें नहीं करना चाहिए।
जैसे ऊसर (बंजर) भूमि में बीज बोना, जिसका कोई फल नहीं मिलता क्योंकि परिस्थितियाँ अनुकूल नहीं हैं. यह बताता है कि व्यक्ति के स्वभाव के अनुसार ही उसे सही बात समझाई जा सकती है, अन्यथा प्रयास निष्फल होते है
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मीराकृष्ण : जीवन दर्शन : दृश्यम  : पृष्ठ :१ / ३.
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संपादन.
*
शक्ति जया अनीता सेजल

*
गोविन्द बोलो हरि गोपाल बोलो. 
*
*
राधा रमण हरि गोपाल बोलो :भजन 
भजन सुनने के लिए नीचे दिए गए लिंक को दवाएं. 

*
प्रस्तुति
शक्ति* प्रिया. मीना डॉ.सुनीता .
मुक्तेश्वर डेस्क 

*
*
शक्ति.डॉ.राशि. डॉ.मयंक.निदेशक.आशा हॉस्पिटल.मुजफ्फरपुर.बिहार.समर्थित 
*
*
सह : ममता हॉस्पिटल बिहार शरीफ:शक्ति.डॉ.ममता.आर्य. डॉ.सुनील कुमार : समर्थित
*
राधिकाकृष्णरुक्मिणी : सम्पादकीय शक्ति : पृष्ठ : २.
*
मातृ शक्ति. 
*
नमन 

*
निर्मला सिन्हा. 
प्रधान  आचार्या. 
१९४० - २०२३. 
*
सम्पादकीय संरक्षण त्रि शक्ति.
*

*
शक्ति.रश्मि श्रीवास्तवा.भा.पु.से.
शक्ति.अपूर्वा.भा.प्र.से.
शक्ति.साक्षी कुमारी.भा.पु.से.

*
 

महाशक्ति मिडिया
संयुक्त महाशक्ति सम्पादिका.
शक्ति.प्रिया.शालिनी.रेनू.बीना जोशी.
नैना देवी.नैनीताल डेस्क. 
@ हम.४. 
*
राधिकाकृष्णरुक्मिणी 
सम्पादिका.त्रिशक्ति.


*
 
शक्ति.रीता रानी. जमशेदपुर.कवयित्री.लेखिका.
शक्ति. क्षमा कौल.जम्मू. कवयित्री.लेखिका.
शक्ति. प्रीति सहाय. पुणे.कवयित्री.लेखिका.
*
त्रि शक्ति कार्यकारी सम्पादिका.
*

शक्ति गरिमा तनु भारती
नैनीताल डेस्क.
*
कला सम्पादिका
नैनीताल डेस्क
सम्पादिका.त्रिशक्ति.
*

शक्ति.दीप्ति स्वाति जवां
*
फोटो शॉर्ट रील सम्पादिका


शक्ति प्रतिभा सेजल राधा

*
त्रि शक्ति विशेषांक सम्पादिका .
*

*
शक्ति*डॉ.नूतन अजय .
लेखिका.कवयित्री. देहरादून.
*
शक्ति*रश्मि
आर्य. रवि शर्मा.
कार्यकारी संपादक. दैनिक भास्कर ( कुमाऊँ )
नैनीताल.
*
शक्ति *बीना.
आर्य.डॉ. नवीन जोशी.
समाचार संपादक. सहारा समय. नवीन समाचार
नैनीताल.
*
त्रि शक्ति.क़ानूनी संरक्षण
आभार.
*

*
शक्ति.मंजुश्री.मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी.( वर्त्तमान )
शक्ति.अधिवक्ता.सीमा कुमारी.
डिप्टी चीफ लीगल एड डिफेंस काउंसिल.
शक्ति.अधिवक्ता.जसिका सिंह.प्रयाग राज.उच्च न्यायलय.
*

*
महाशक्ति मीडिया  : श्रीधि क्रिएशन बुटीक : पटना : समर्थित.

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सम्पादकीय 
त्रि शक्ति  जागरण : साँवरे सलोनी गोरी : पद्य संग्रह : आलेख : पृष्ठ :  / ३.
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संपादन 
शक्ति. क्षमा सीमा तनु सर्वाधिकारी. 
रघुनाथ मंदिर. जम्मू डेस्क 
*
*
३. भाविकाएँ : १   
*
राधिका : कृष्ण : रुक्मिणी 
प्यार : व्यवहार : संस्कार. 
*
अजनवी कौन हो तुम 


*
©️®️M.S.Media.

फोटो : सन्दर्भ : शक्ति. स्मिता. 
स्थान : हिमाचल.
*
चढ़ती धूप में छाँव हो तुम 
ठिठुरती रात में गर्म अलाव का एहसास हो तुम 
भींगती हुई बारिश में छतरी का   साथ हो तुम 
हर मर्ज का इलाज हो तुम 
हर ग़म हर दर्द की दवा हो तुम 
जो शब्दों में वयां न हो सके वो नाम 
ख़ामोशी में जन्में दिल के रिश्तें का अल्फाज़ हो तुम 

*
कभी कभी
*

*
©️®️M.S.Media.

फोटो : सन्दर्भ : शक्ति. स्मिता. 
स्थान : हिमाचल.
*
कभी कभी
*
ख़्वाब  में 
यू ना हर रोज़ आया करो, 
जो आते हो तो यूँ ही  निहारा ना करो, 
कुछ मेरी सुनो,   
कुछ अपनी कहो. 
ये रात भी फिर बीत  जाएगी, 
सुबह की दस्तक भी हो जाएगी, 
हकीकत की रोशनी में खो जाएगी. 
जो वक़्त  मिला है उसे  जाया ना करो, 
हाथ थामे यूं  ही साथ गुजारा करो. 
सुनो , गुज़ारिश है तुमसे, 
सपने में ही नहीं, 
कभी कभी जमीन पर भी 
सामने आया करो.
*
३. भाविकाएँ : २ 
*
ये दिल और उनकी निगाहों के साए 
*
*
©️®️M.S.Media.

फोटो : सन्दर्भ : शक्ति. स्मिता. 
स्थान : हिमाचल 
*
वो साथ होकर भी साथ नहीं 
साथ होकर भी पास नहीं 
 देखूं जब इन आँखों में 
इन आँखों में 
मेरे लिए इश्क की बरसात नहीं  
बात होती है अब भी दिन रात 
लेकिन सच कहूं 
अब  पहले वाली वो बात नहीं  
ढूँढती  हूं हर पल अक्स अपना 
तेरे साथ में  
लेकिन अब मेरा तेरा वो साथ नहीं
*
शक्ति. स्मिता 
एंकर पटना दूरदर्शन. 
*
सज्जा संपादन : शक्ति मंजिता डॉ.सुनीता मधुप 
फीचर डेस्क : चंडीगढ़ 
*

नाम अलग, पर सार एक,


*
 छाया : माया : शक्ति राधिका : साभार.
*
यह राधा और श्याम का रास,
जहाँ प्रेम ही बना परिभाषा..!
देखा नहीं, पर अनुभव हुआ,
हर पुकार में कृष्णा की भाषा..!
राधा के नयन में कान्हा,
कान्हा की बंसी में राधा..!
नाम अलग, पर सार एक,
जैसे निर्गुण से सगुण साधा..!
प्रेम की वह उच्चतम सीढ़ी,
जहाँ विराग भी बन गया अनुराग..!
यह प्रेम नहीं केवल कहानी,
यह 'ह्लादिनी शक्ति' का जाग..!
यही तो है वह दिव्य स्नेह,
जो गोलोक में होता साकार..!
राधा के बिना कृष्ण अधूरे,
यह प्रेम है मोक्ष का द्वार..!
हर कण में है ब्रज की छाया,
हर धड़कन में उनका नाम..!
यह है प्रेम का परम स्वरूप,
राधा-माधव का अविराम..!
*
शक्ति शालिनी 
संयुक्त महाशक्ति सम्पादिका 
लेखिका कवयित्री 
नैनीताल डेस्क. 
*
भाविकाएँ. * शालिग्राम की बनी प्रिया तुम : तुलसी.


आँगन में जो महक रही है, वह पावन सी क्यारी हो। देवों को अति प्रिय हो तुम, तुलसी मेरी भी प्यारी हो।। ​सात्विक भाव जगाती हो शक्ति, हर घर की तुम शान हो, कण-कण में घोलती अमृत, तुम वो दिव्य वरदान हो। तुमसे ही घर महक रहा है, पावन जिसकी क्यारी हो, देवों को अति प्रिय हो तुम, तुलसी मेरी भी प्यारी हो।। ​रोग-शोक तुम दूर भगाती, औषधि रूप निराला है, श्रद्धा के इस दीप ने ही तो, घर-आँगन को पाला है। रोगों को जो हर लेती हो, तुम वो सघन फुलवारी हो, देवों को अति प्रिय हो तुम, तुलसी मेरी भी प्यारी हो।। ​शालिग्राम की बनी प्रिया तुम, विष्णु के मन भाती हो, बिना तुम्हारे भोग न लागे, तुम ही मुक्ति दिलाती हो। हरि के मन को मोह लिया है, ऐसी तुम सुकुमारी हो, देवों को अति प्रिय हो तुम, तुलसी मेरी भी प्यारी हो।। ​सुबह-शाम दीप जलाकर, चरणों में जो शीश झुकाए, सुख-समृद्धि और शांति का, वह अनमोल वर है पाए। भक्तों के सौभाग्य की देवी, तुम ही मंगलकारी हो, देवों को अति प्रिय हो तुम, तुलसी मेरी भी प्यारी हो।। ​धरती की तुम दिव्य चेतना, ममतामयी स्वरूप हो, शीतल करती मन के तप को, तुम ही सुखद अनूप हो। सारे जग का कष्ट मिटाती, तुम अनुपम अवतारी हो, देवों को अति प्रिय हो तुम, तुलसी मेरी भी प्यारी हो।।

*
सज्जा संपादन : शक्ति प्रिया डॉ सुनीता सीमा

*


*
दृष्टि क्लिनिक : बिहारशरीफ.आर्य.डॉ.दीनानाथ वर्मा:ह्रदय शुगर रोग विशेषज्ञ :समर्थित.

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सम्पादकीय 
त्रि शक्ति जागरण : साँवरे सलोनी गोरी : गद्य संग्रह आलेख : पृष्ठ : २ / २. 
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 यात्रा शक्ति संस्मरण : नैनीताल भुवाली मुक्तेश्वर. 
*
मिले होंगे राधा कृष्ण यहीं कहीं वन में
*
राधिका : कृष्ण : आत्मीयता प्रेम की एक खोज : धारावाहिक :
डॉ.मधुप.
सह लेखन शक्ति.प्रिया डॉ.सुनीता.


ये पर्वतों के दायरे ये शाम का धुआँ :भवाली :नैनीताल :फोटो: शक्ति.प्रिया मधुप डॉ.सुनीता

मैं तो कब से खड़ी इस पार आ जा रे परदेशी .नैनीताल वर्ष २०२४। यायावर थे हम। अकेले थे हम। कुछ लोग साथ भी थे। सच कहें शरीर से यहाँ रहते हैं मन से तो कहीं और,सदैव। पहाड़ों में भटकते हुए। कई सदियों से कई जन्मों से। मन चंचल मधुप जो है। कभी यहाँ तो कभी वहाँ। साथ थे मेरे सुनील, कमल और नैनीताल से प्रकाश आर्य जी और अभय सिंह। पढ़ना,लिखना,मिलना और चरैवेति जारी ही था।
राधिका : कृष्ण : उनकी प्रेम गाथा पर शोध जारी ही था। उनके मंदिरों की तलाश जारी थी। मेरे तो गिरधर गोपाल दूसरों न कोई। जहाँ प्रेम,है सदभाव है,सहयोग है वही राधिका कृष्ण है।
मैं उन स्थानों से गुजर रहा था जहाँ कभी विमल रॉय ने फिल्म मधुमती १९५८ की शूटिंग की थी। ये सारी बातें अभय जी और प्रकाश आर्य जी बतला रहें थे।
१९५८ के आसपास बनी फिल्म मधुमती के रे बंगले की तलाश तब से जारी ही थी। इसे देखना समझना ही था। नैनीताल के पास भुवाली में हम उपस्थित थे।
राधिका : कृष्ण : आत्मीयता, प्रेम, की एक खोज : फिल्म मधुमती की शूटिंग मुख्य रूप से नैनीताल,रानीखेत और अल्मोड़ा जैसे कुमाऊं क्षेत्र के सुंदर स्थानों पर हुई थी,जबकि प्रमुखतः नैनीताल के पास भवाली में ही कई स्थानों में शूट हुई थी। वैसे मधुमती का सीधा संबंध भवाली से ही नहीं, बल्कि नैनीताल जिले के अन्य हिस्सों से भी है।
भुवाली पहुंचते ही प्रकाश जी से मिला। उनके घर अल्मोड़ा की प्रसिद्ध बाल मिठाई भी खायी। उनका प्यार भरा आथित्य मैं कैसे भूला सकता हूँ। उनके साथ हम फिर प्रॉपर्टी देखने निकल पड़ें। रास्ते में ही मैंने फिल्म मधुमती और उस फिल्म में दिखलाए गए रे के बंगले को देखने की अभिलाषा जाहिर की। और प्रकाश जी वहाँ ले गए भी।आभार और प्यार है उनके लिए।
रे का बंगला : फिल्म मधुमती का शूटिंग लोकेशंस : प्रकाश आर्य जी की मदद से मैं वेरोनिका ग्रेवाल रे जी के बंगले तक पहुंच भी गया था। मुझे याद है एकाध घंटे तक मैं वहां रुका था। भुवाली पहाड़ी के शीर्ष पर ब्रिटिश काल में बना यह बंगला मेरे मन को खूब भाया था। लॉन में ढ़ेर सारे फूल खिले थे।
खूब देर तक बातें हुई। उन्होंने मुझे सारा बंगला दिखलाया। एक एक शूटिंग से जुड़ी तस्वीरें व कहानियाँ भी बतलाई। मुझे याद है वो बतला रही थी कि फिल्म मधुमती के समय एक या दो साल की रही होगी। फिर उन्होंने घोड़े, बग्घी अभिनेता प्राण से जुड़ी हुई कुछ बातें बतलाई।
जाते जाते मेहमाननवाजी में पेश की गई मीठी चाय मैं कैसे भूला सकता हूँ ? मैंने उनसे मधुमती से जुड़ी,अभिनेता दिलीप कुमार,और बैजंती माला से जुड़ी ढ़ेर सारी कहानियां सुनी।
मैंने वो प्राण साहेब का तथाकथित निर्जन पहाड़ी बंगला के बारे में उनसे पूछा ...जाती हुई बग्घी..कोठी से दिखती हुई झील यही कोई अभी की यहाँ से दिखने वाली भीम ताल ही रही होगी...
तो उन्होंने कहा फिल्म में दिखाई गयी कोठी की शूटिंग घोड़ा खाल की कोठी में हुई है जहाँ अभी सैनिक स्कूल है।
अभी ठीक लिखने से पहले फिल्म मधुमती फिल्म की अधिकांश शूटिंग स्थल रे के बंगले, और बंगले की वेरोनिका ग्रेवाल रे बंगले की मालकिन : एक छोटी सी मुलाकत : वर्त्तमान मालकिन रे की पुत्री वेरोनिका ग्रेवाल रे से मेरी हल्की औपचारिक बात चीत ५ दिसंबर को १.१९ अपराह्न हुई।
मैंने जब २०२४ में मिलने की बात दोहराई तो भी उन्हें ठीक से याद नहीं आया। फिर भी औपचारिकता वश पूछ ही लिया, ' कैसे है डॉ. रमण.... ? '
मैंने कहा, ' ठीक हूँ , आप कैसी है ? '
उत्तर था, ' ठीक हूँ ...'
मैंने घोड़ा खाल मंदिर के इतिहास और वहाँ स्थित राधा कृष्ण मंदिर के बारे में जानना चाहा तो उन्होंने कहा, ....नहीं पता मैं ईसाई हूँ
ईसाई धर्म से जुड़ी वेरोनिका से जब मैंने पूछा कि आपके बारे में मैं अपने कॉलम छोटी सी मुलाकात में आपके के बारे में लिख रहा हूँ,आप हिंदी पढ़ लेगी....?
तो उन्होंने विनम्रता से जबाव दिया, हिंदी मैं पढ़ी हूँ ....हिंदी मेरी सब्जेक्ट रही है आप लिंक भेजिए मैं पढ़ लूंगी।
वेरोनिका ग्रेवाल अंग्रेजीदा हैं। उम्र यही कोई ६० वर्ष के आस पास लिखने पढ़ने की शौक़ीन है। बहुत ही शालीन लगी और दिखी। मुझ जैसे अज़नबी के लिए समय देना मैं इसके लिए आभार प्रगट करता हूँ। ऊँचे कुल के लोग है ये लोग।
पहाड़ियां में जैसे आजा रे परदेशी की सुरीली जैसे धुन गूंज ही रही थी। जैसे कई जन्मों की पहेलियों को सुलझाने मैं निकला था। छोटी सी मुलाकात मैं कैसे भूलूँ।
प्रकाश जी बतला रहे थे कभी कभी सर्दियों में वो अपनी बेटी के पास न्यूजीलैंड चली जाती है। इन पहाड़ी जगहों में तो सर्दियों में जीवन के हालात ही बदल जाते हैं। सर्दियाँ काटनी मुश्किल हो जाती है जब पारा नीचे गिरता है ,नल और टोटके का पानी जम जाता है। लेकिन बात चीत करने के दरमियाँ पता चला फ़िलहाल अभी वह भुवाली में ही वर्तमान है। मैंने उनसे कुछ उनके बंगले की कुछ तस्वीरें भी मांगी है, शायद मिल जाए तो प्रकाशित कर सकूं ....
घोड़ाखाल मंदिर वो दिखती झील : राधा कृष्ण : लौटने के क्रम में घोड़ाखाल मंदिर मिल गया था। मैं स्वयं सीढियाँ चढ़ते हुए मंदिर के भीतर गया जहाँ राधिका कृष्ण जी भी हैं ....जानकारी थी कि इस मंदिर परिसर में राजश्री की चर्चित फिल्म ' विवाह ' की भी शूटिंग यही हुई थी। शायद एक गाने की...

*
गतांक से आगे : १. 
घोड़ा खाल : नैनीताल : राधिका : कृष्ण : मंदिर :


घोड़ाखाल सैनिक स्कूल : स्थापना काल १९६६ : कोलाज. शक्ति.प्रिया डॉ.सुनीता मधुप.

साल १८५७। सिपाही विद्रोह। कभी अवध के क्रांतिकारियों से बचते हुए एक ब्रिटिश अधिकारी भुवाली के पहाड़ी क्षेत्रों में भटक रहे थे। उनके घोड़े की मृत्यु हो जाने से यह स्थान किसी कहानी से निकल कर यथार्थ में हो गया। मैं दो या तीन बार यहाँ आ चुका हूँ। भवाली से आप यहाँ मात्र ३० रूपये किराया देकर घोड़ाखाल सैनिक स्कूल तथा घोड़ा खाल गोलू देवता मंदिर आ सकते हैं।
भीतर से रमण ब्लॉक का जो फोटो हम तक आया तो मुझे फिल्म का वो दृश्य भी याद आ गया जिसमें बग्घी को किसी हवेली या कोठी तक आते हुए दिखलाया गया था।
चीड़ और देवदार के पेड़। सर्वत्र नीरवता फैली हुई। मैं कहीं कवि न बन जाऊं। प्रकृति,पहाड़,पेड़ में हम प्रेम और पुनर्जन्म को तलाश करते हुए यहाँ तक़ पहुंचे थे। स्थानीय अभय सिंह के घर से निरंतर वो झील भी दिख रही थी।
राधिका कृष्ण या कहें शाश्वत प्रेम की ख़ोज में। हमारे साथ निरंतर हमारे फीचर डेस्क से नैनीताल से भुवन जोशी,भुवाली से प्रकाश जी तथा मुक्तेश्वर से शक्ति संवाददाता सिमरन ऐंजेल जुड़ी थी।
गोलू देवता का मंदिर : घोड़ाखाल मंदिर उत्तराखंड के नैनीताल जिले में स्थित भगवान गोलू देवता को समर्पित एक प्रसिद्ध मंदिर है,जो न्याय के देवता के रूप में पूजे जाते हैं। कहते है गोलू देवता त्वरित गति से न्याय करते हैं। सोचा अपनी भी कोई प्रेम भरी अर्जी लिख ही लेते हैं।
इस मंदिर को ' घंटी वाला मंदिर ' भी कहा जाता है क्योंकि भक्त अपनी मनोकामना पूरी होने पर यहाँ सैकड़ों घंटी बांधते हैं। यह मंदिर भुवाली के पास, समुद्र तल से लगभग २००० मीटर की ऊंचाई पर स्थित है और अपनी अनूठी परंपराओं के लिए जाना जाता है। सुना है यहाँ राधा कृष्ण का मंदिर भी है।
घोड़ाखाल मंदिर के बारे में मुख्य बातें यह है कि देवता : यह मंदिर न्याय के देवता गोलू देवता को समर्पित है। उन्हें गौर भैरव ( शिव ) का अवतार भी माना जाता है।यह नैनीताल जिले में स्थित है,जो भवाली से लगभग ३ किलोमीटर की दूरी पर है।
घंटी वाला मंदिर: भक्तों का मानना है कि गोलू देवता उनकी मनोकामनाएं पूरी करते हैं। जब मनोकामना पूरी हो जाती है, तो भक्त आभार व्यक्त करने के लिए मंदिर में घंटी चढ़ाते हैं, जिसके कारण मंदिर में सैकड़ों घंटी बंधी हुई हैं। यह मंदिर अपनी अनोखी प्रथाओं के लिए जाना जाता है जहाँ भक्त अपनी मन्नतें पूरी करने के लिए घंटियाँ और कागज़ पर लिखी चिट्ठियाँ चढ़ाते हैं, और यह कुमाऊं क्षेत्र में आस्था का एक महत्वपूर्ण केंद्र है।
कहानी गोलू देवता की : कहते है घोड़ाखाल में गोलू देवता के मंदिर की स्थापना महरागांव की एक महिला ने की थी, जो अपने ससुराल वालों से प्रताड़ित थी। उसने चंपावत जाकर गोलू देवता से न्याय मांगा और वे उसके साथ घोड़ाखाल आ गए, जहाँ उन्होंने मंदिर में निवास किया और लोगों को न्याय देना शुरू किया।
यह मंदिर कुमाऊँ क्षेत्र में न्याय के देवता के रूप में प्रसिद्ध है और भक्त अपनी मनोकामनाएं लिखकर यहां चढ़ाते हैं।यह मंदिर अपने आध्यात्मिक वातावरण और अनोखी प्रथाओं के लिए प्रसिद्ध है। यहाँ कई फिल्मों की शूटिंग भी हुई है,जैसे ' विवाह '।
घोड़ाखाल सैनिक स्कूल : यह स्थान प्रसिद्ध सैनिक स्कूल घोड़ाखाल के लिए भी जाना जाता है,जिसकी स्थापना १९६६ में हुई थी। इस स्कूल के लिए जमीन रामनगर के राजा ने उपलब्ध करवायी जहाँ भारत सरकार ने घोड़ा खाल स्कूल को विकसित किया।
इस स्कूल देखने के प्रति मेरी रूचि फिल्म मधुमती १९५८ के बाद हुई जब से मैंने जाना कि पहले कभी फिल्म मधुमती १९५८ की शूटिंग यहाँ हुई थी। मैं इसके प्रवेश द्वार तक गया । प्रवेश की अनुमति की औपचारिकता मिलने में बिलम्ब होने की बजह से परिसर नहीं घुम सका।
हालांकि घोड़ाखाल सैनिक स्कूल में पढ़ा रही वर्त्तमान अंग्रेजी की शिक्षिका शक्ति शालिनी से बातचीत करने के सिलसिले में बहुत सारी बातें अनौपचारिक तरीक़े से मालूम हुई।
वेरोनिका के कथनानुसार जमींदार अभिनेता प्राण उस फिल्म में दुर्जन नाम के क़िरदार की उस हवेली को मैं देखना चाह रहा था जिसका वर्णन उस फिल्म में हुआ था। घाटी से सटी कोई हवेली।
यह तो सच दिखा घोड़ाखाल सैनिक स्कूल परिसर से उस फिल्म में वर्णित किसी झील की चर्चा थी। वो झील भीम ताल ही रही होगी। हमलोगों ने दिन के उजाले में पास कहीं घाटियों में पसरी झील भी देखी भी थी,जो घोड़ा खाल स्कूल से दिखती है ।
घोड़ाखाल सैनिक स्कूल का स्कूल परिसर और भवन जैसे अनायास ही मुझे खींचते हुए मधुमती के शूटिंग लोकेशंस और सेट्स तक ले जा रहा था जहाँ से मेरी कल्पना में पूरी फिल्म ही चल रही थी ।
आप फिल्म देखिये। फिर से बार बार देखिए। हवेली कुछ ऐसी ही दिखेगी। तुम यहीं कहीं न थीं मधुमती...? आ जा रे परदेशी ...
कुछ ऐसा ही दिखता था न...? मधुमती के जमींदार के क़िरदार निभाने वाले फिल्म अभिनेता प्राण तथाकथित दुर्जन की हवेली। जहाँ दुर्जन से बचने के लिए हवेली के छत से गिरकर नीचे अँधेरी गहरी खाई में नायिका ने अपने प्राण गवां दिए थे। आ जा रे परदेशी मैं तो कब से खड़ी इस पार आ जा रे परदेशी ....अँखियाँ थक गयी पंथ निहार.... आ जा रे परदेशी...

*
गतांक से आगे : २ . 
राधिका : कृष्ण : मंदिर : घोड़ा खाल : भवाली नैनीताल :
जहाँ प्रेम,है सदभाव है,सहयोग है वही : राधिका कृष्ण हैं
यात्रा संस्मरण : शोध. शक्ति प्रिया डॉ सुनीता मधुप
*
सहयोग : शक्ति मीना सिमरन सुधा
नैनीताल
*


मिले होंगे राधा कृष्ण यहीं उपवन में : कोलाज राधा कृष्ण : शक्ति. सिमरन डॉ.सुनीता सुधा
*
प्रेम,है सदभाव है,सहयोग है वही : राधिका कृष्ण हैं हम प्रकाश जी के आभारी है। सदैव निस्वार्थ भाव से उन्होंने मेरी मदद की। उनके घर में उनकी जीवन संगिनी शक्ति सुधा आर्य जी ने हम जैसे अनजाने के लिए खुले भाव से स्वागत किया अल्मोड़ा की बाल मिठाई खिलाई वो सदैव स्मृत रहेगा।
राधा-कृष्ण का प्रेम ' भाव ' या कहें गहरी भावना का प्रतीक है, जो आत्मा और परमात्मा के मिलन को दर्शाता है, जहाँ प्रेम निष्काम, निस्वार्थ, समर्पण और त्याग से भरा होता है, जिसमें अधिकार नहीं, सिर्फ एक-दूसरे में एक हो जाने की चाह होती है, जो सांसारिक रिश्तों से परे, शुद्ध भक्ति और शाश्वत आनंद का मार्ग है, जिसे राधा ने पूजा बना दिया और कृष्ण ने ईश्वरता दी। जहाँ प्रेम,है सदभाव है,सहयोग है वही राधिका कृष्ण है याद रखिए। राधिका कृष्ण भाव है अपने जीवन का। प्रेम से परिपूर्ण। नियंत्रण से परे.
हमसब साथ साथ है : शायद हम एक दो बार राधिका कृष्ण मंदिर घोड़ा खाल नैनीताल आए हैं। २०२४ में और उसके पहले जब डॉ.प्रशांत गुजरात, संजय पटना से मेरे साथ थे। हमने नीचे से प्रसाद लिया था। सीढियां चढ़ते हुए गोलू देवता के मंदिर के दर्शन किए थे। हमने भी मन ही मन अपनी मन्नतों के लिए गोलू देवता को कई अर्जियां लिखी हैं कुछ यहाँ कुछ वहाँ। चिर भी बांधे हैं। दूसरों के बंधे धागे,टंगी हुई घंटियों में भी अभिलाषाओं का स्पंदन अनुभूत किया हैं। हमारी महाशक्ति मीडिया टीम की जो भी शक्ति सदस्या जाती हैं हमसब साथ साथ है इस प्रेम पूर्ण भावना के लिए घंटियां बांध ही आती हैं।
राधा-कृष्ण प्रेम के प्रमुख भाव मुख्य भावनाएँ : निस्वार्थता : राधा ने कृष्ण से कुछ मांगा नहीं, केवल उनके प्रेम में खो गईं। उनका प्रेम 'पाने' की चाह नहीं, 'समर्पण' का था।
आत्मा - परमात्मा का मिलन : व्यवहारिकता और अध्यात्म का संयोग : यह सिर्फ प्रेमी-प्रेमिका का रिश्ता नहीं, बल्कि जीवात्मा राधा और परमात्मा कृष्ण के शाश्वत मिलन का प्रतीक है। कैसे आप अपने जीवन में व्यवहारिकता और अध्यात्म का संयोग कर सम्यक मार्ग ,और कर्म की तरफ उन्मुख होते हैं।
समर्पण और भक्ति : राधा की भक्ति इतनी गहरी थी कि कृष्ण भी उसमें बंधे थे। उनका प्रेम हर अपेक्षा से परे था। अधिकारहीन प्रेम बतलाता हैं प्रेम में सिद्ध अधिकार ही नहीं, कर्तव्य विशेष है। सिर्फ एक-दूसरे के उनकी ख़ुशी के लिए जीना होता है। राधा-कृष्ण ने यह सिखाया कि प्रेम में ' मेरा ' नहीं, ' हम ' होता है। हमारे व्लॉग में एक का प्रयास सम्मिलित खुशी देती है समस्त समूह के लिए।
त्याग धर्म : सम्यक के लिए अपने जीवन में कुछ दे देना सीखिए। सच्चा प्रेम त्याग मांगता है, जहाँ व्यक्ति अपने प्रिय के लिए सब कुछ न्योछावर कर सकते हो ।
एकता : राधा और कृष्ण अलग नहीं हैं; एक के बिना दूसरे का नाम अधूरा है राधे-कृष्ण, या कृष्ण-राधे । निष्कर्ष देखें : राधा-कृष्ण का प्रेम हमें सिखाता है कि वास्तविक प्रेम पाने या हासिल करने में नहीं, बल्कि खुद को पूरी तरह से उसमें खो देने, निस्वार्थ भाव से जुड़ने और प्रेम को एक पवित्र पूजा बनाने में है। यह प्रेम भक्ति, शांति और आनंद का सबसे सुंदर उदाहरण है जो हमें ईश्वर के करीब ले जाता है।
प्रेम, प्रकृति, पहाड़, उत्तम पुरुष के लिए साधुवाद : हमारी शक्ति सिमरन हमारे शोध विषय पर पहले से ही काम कर रही है। जहाँ कही भी राधिका : कृष्ण : मंदिर : उपलब्ध है वहाँ जाकर लघु फिल्में बनाना, मुझ तक़ पहुँचाना,जानकारियाँ हासिल करने का प्रयास करती हैं। मेरे भ्रमण के पश्चात शेष कार्य उन्होंने ही पूरे किए हैं।
पहाड़ी लोग सीधे साधे होते हैं। छल प्रपंच से अलग। अब दूषित होती सभ्यता संस्कृति की हवाएं उन्हें भी छू रहीं हैं। उन सहिष्णु ,मेहनती , सरल लोगों , समुदायों और जातियों को कहते हैं जो मुख्य रूप से पर्वतीय और पहाड़ी क्षेत्रों जैसे हिमालय की तलहटी और घाटियों में रहते हैं। ये लोग अपनी सादगी, मेहनत और प्रकृति से जुड़ाव के लिए जाने जाते हैं, और भारत व नेपाल के कई राज्यों जैसे उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, सिक्किम ,अरुणाचल,पूर्वोत्तर भारत में पाए जाते हैं, जिनकी अपनी विशिष्ट संस्कृति, भाषाएँ और जीवनशैली होती है. मेरी अभी तक की अनुभूति में कण कण में भगवान होते हैं।
डॉ नवीन बीना जोशी , रवि रश्मि शर्मा ,आर्य प्रकाश सुधा, केदार, भुवन जोशी ,शक्ति भारती मीना संजय इसी संस्कृति की देन हैं। कहते हैं न भोले भाव मिले रघुराई।

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गतांक से आगे : ३ .
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 यात्रा शक्ति संस्मरण : नैनीताल : भुवाली : भीम ताल . 
शोध. शक्ति प्रिया डॉ. सुनीता मधुप
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सहयोग : शक्ति मीना सिमरन सुधा.
नैनीताल.
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ये वादियाँ ये फिजायें बुला रहीं है तुम्हें : भवाली : नैनीताल फोटो: शक्ति. प्रिया मधुप डॉ.सुनीता.

मिले होंगे राधा कृष्ण यही किसी वन में ? गोलू देवता के मंदिर परिसर स्थित राधा कृष्ण मंदिर देखने के क्रम में हमें बहुत सारी बातें याद आ रही थी। क्यों ऐसा सोच रहा था कि मिले होंगे राधा कृष्ण यही किसी वन में? यहाँ के कण कण में प्रेम माधुरी उनकी बसी है पवन में। और भी पास आ गए थे हम इस दिव्य वातावरण में अपनी कल्पनाओं के। राधा कृष्ण के साक्षात दर्शन हुए। जीवन सफल हुआ। माधव तो मधुप के कण कण में बसते हैं।
भावनाओं का सच है। योगी राज श्री कृष्ण तो अपनी रास लीलाओं के ही जाने जाते है। शिव है नहीं तो पत्थर। आस्थाओं पर प्रश्न नहीं होते।
हमने मंदिर की परिक्रमा की। प्रेम की अर्जियां लिखी। मन्नतों के धागे बांधे। बंधी घंटियों को स्पर्श किया। सोचा कभी सपने पुरे हुए तो मधुप फिर से माधव के दर्शन करेंगे, व घंटियां बांधेंगे ।
नीचे चीड़ व देवदारों के फैले अंतहीन वन थे। प्रेम के साक्षी। मधुमती को दिखने वाली झील भी हमें बुला रही थी, भीमताल। शायद कोई प्रतीक्षा कर रहा हो या इस सुने देश में कोई परदेशी के भेष में आ ही जाए ? हमारा लक्ष्य यहाँ से पतंग आकार में वो दिखने वाली झील थी जहाँ हमें पहुँचना था।


मैं,मेरे हमसफ़र,घोड़ाखाल मंदिर: वो झील : मधुमती की तलाश.शक्ति प्रिया डॉ.सुनीता मीना.
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राजश्री फ़िल्म विवाह की साक्षी : राधा कृष्ण मंदिर : घोड़ा खाल : राजश्री की अति भावुक व चर्चित फिल्म 'विवाह' २००६ की शूटिंग मुख्य रूप से उत्तराखंड के खूबसूरत स्थानों जैसे रानीखेत,नैनीताल नैनी झील के पास, और जागेश्वर मंदिर में हुई थी, जहाँ ' सोमसरोवर ' नामक काल्पनिक गाँव दिखाया गया है ; वस्तुतः नैनी झील ही है। वहीं, गाज़ियाबाद में भी कुछ हिस्से शूट किए गए थे
प्रमुख लोकेशंस : सोमसरोवर काल्पनिक गाँव यह असल में उत्तराखंड के जागेश्वर और बागेश्वर के आसपास के प्राकृतिक दृश्यों और मंदिरों को दिखाया गया है, खासकर जागेश्वर धाम और गोलू देवता मंदिर को। नैनीताल: नैनी झील और आसपास के प्राकृतिक सौंदर्य का उपयोग किया गया। रानीखेत: फिल्म में कई खूबसूरत दृश्यों के लिए रानीखेत को चुना गया था। गाज़ियाबाद: फिल्म के कुछ हिस्से गाज़ियाबाद में भी फिल्माए गए थे। संक्षेप में कहें ,' विवाह ' की ' सोमसरोवर ' लोकेशन उत्तराखंड के प्राकृतिक और आध्यात्मिक स्थानों का मिश्रण है, जिसमें जागेश्वर और नैनीताल प्रमुख हैं।
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मिले होंगे राधा कृष्ण यही किसी वन में : फ़िल्म विवाह कोलाज : शक्ति प्रिया डॉ सुनीता मधुप

प्रेम : विश्वास : विवाह की अर्जियां व बाँधी गयी घंटियां : घोड़ा खाल : राधिका कृष्ण मंदिर

घने देवदारों के मध्य जागेश्वर : शिव को समर्पित : जागेश्वर उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले की सबसे खूबसूरत पर्यटन स्थल है। मैंने तीन दफ़ा भोले के दर्शन किये। सरसराती ठंडी हवाएं कभी भी बादलों का घनीभूत हो जाना बरस जाना लाज़मी है।
अल्मोड़ा स्थित एक प्राचीन और पवित्र हिंदू तीर्थस्थल है,जिसे जागृत ईश्वर 'कहा जाता है, जहाँ १२५ से ज़्यादा मंदिर हैं और इसे १२ ज्योतिर्लिंगों में से एक माना जाता है,जो भगवान शिव को समर्पित है और घने देवदार के घने जंगलों के बीच स्थित है, जो अपनी ऐतिहासिकता और आध्यात्मिक शांति के लिए प्रसिद्ध है।


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गतांक से आगे : ५ . 
प्रकृति, प्रेम, पहाड़ और पुनर्जन्म. मधु मती 
वो झील का किनारा  : भीम ताल : यात्रा संस्मरण  : 
प्रकृति, प्रेम, पहाड़ और पुनर्जन्म. 
भीम द्वारा निर्मित भीमेश्वर महादेव मंदिर :
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डॉ. मधुप. 
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सह लेखन संपादन सज्जा 
शक्ति  प्रिया डॉ.सुनीता. 
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    फ़िल्म में वर्णित बायीं तरफ़ कोई झील : भीम ताल . छाया चित्र : शक्ति प्रिया मीना. बीना नवीन जोशी


चल कर किसी का इंतजार : हमें याद है घोड़ा खाल मंदिर से दुर कहीं दिखने वाली झील एक दम छोटी सी तिकोनी दिख रही थी। अब हमें वो झील भी देखनी थी। राधा कृष्ण मंदिर देखने के बाद हम भीम ताल जा रहें थे।
एकाध घंटे के भीतर ही हम भीम ताल के किनारे थे। सच में यह बहुत बड़ी झील थी।
भीमताल एक त्रिभुजाकर झील है। यह उत्तरांचल में काठगोदाम से १० किलोमीटर उत्तर की ओर है।
झील के उस पार : मधुमती फिल्म लोकेशंस की झील,अपने पूर्व जनम में  अभिनेता दिलीप का किसी झील का जिक्र करना,हालिया उस झील की क्या स्थिति है यह जानने के लिए हम भवाली से भीम ताल के लिए जानने के लिए निकल पड़ें।  इसकी लम्बाई १६७४ मीटर, चौड़ाई ४४७ मीटर और गहराई १५ से ५० मीटर तक है। 
सच माने तो नैनीताल से भी यह बड़ा ताल है। नैनीताल की तरह इसके भी दो कोने हैं जिन्हें निचला इलाका तल्ली ताल और ऊपरी भाग मल्ली ताल कहते हैं। यह भी दोनों कोनों सड़कों से जुड़ा हुआ है। अपर मॉल रोड और लोअर मॉल रोड यहाँ भी है।  
झील में नौकाएं तैर रहीं थीं। झील के मध्य एक टापू बना हुआ था। 
प्रमुख आकर्षण : क्या देखें : 
भीम द्वारा निर्मित भीमेश्वर महादेव मंदिर : इस ताल का नाम भीम ताल क्यों पड़ा ? जरूर कहीं न कहीं यह पांडवों से जुड़ा हैं। भारत एक ख़ोज जारी थी।
भीमताल में मुख्य शिव मंदिर भीमेश्वर महादेव मंदिर है, जो भीमताल झील के किनारे स्थित एक प्राचीन और ऐतिहासिक मंदिर है, जिसके बारे में माना जाता है कि इसका निर्माण महाभारत काल में पांडवों के भीम ने करवाया था और यह कुमाऊँ की चंद वंश की वास्तुकला का प्रतीक है, जहाँ शिवलिंग और नक्काशीदार मूर्तियाँ हैं और यह शांति और आध्यात्मिकता के लिए एक सुंदर स्थान है.

भीमताल झील और एक्वेरियम : झील के बीच में एक द्वीप है जहाँ एक एक्वेरियम है, यहाँ नाव ( बोटिंग ) करके जा सकते हैं. यह मुख्य आकर्षण है, जहाँ आप मछलियाँ देख सकते हैं और कैफे का आनंद ले सकते हैं.
हनुमान गढ़ी : यह एक धार्मिक स्थल है जहाँ हनुमान जी का मंदिर है और यहाँ से झील का सुंदर नज़ारा दिखता है.
तितली अनुसंधान केंद्र और कैफे : प्रकृति प्रेमियों के लिए यह एक बेहतरीन जगह है जहाँ आप विभिन्न प्रकार की तितलियों को देख सकते हैं.
विक्टोरिया बांध : झील के किनारे बना यह पुराना बांध भी देखने लायक है.
नौकुचिया ताल : भीमताल के पास ही स्थित यह एक और सुंदर और शांत झील है जहाँ कई तरह की गतिविधियाँ होती हैं. 
करने लायक चीज़ें : बोटिंग के लिए आप भीमताल झील में नाव की सवारी करें. बड़ा अच्छा लगेगा। 
पैराग्लाइडिंग : रोमांच पसंद करने वालों के लिए पैराग्लाइडिंग का विकल्प है.
ट्रेकिंग : आसपास की पहाड़ियों और जंगलों में ट्रेकिंग का मज़ा लें.
शॉपिंग: स्थानीय बाज़ारों में कुछ खरीदारी करें. 
क्यों जाएँ? भीमताल नैनीताल के पास होने के बावजूद शांत और कम भीड़ वाला है. यह प्राकृतिक सुंदरता और झीलों के लिए जाना जाता है, जो इसे सुकून भरी छुट्टियों के लिए एक अच्छा विकल्प बनाता है.
आप इस वीडियो में भीमताल के शांत और खूबसूरत नजारों को देख सकते हैं:

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चल चले ए दिल करे चल कर किसी का इंतजार


झील के उस पार : भीम ताल : लघु फिल्म : डॉ.मधुप.
क्रमशः जारी
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स्तंभ संपादन : शक्ति शालिनी रेनू माधवी.
स्तंभ सज्जा : शक्ति मंजिता सीमा अनुभूति.


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ए. एंड एम. मीडिया अधिकृत 
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सम्पादकीय त्रि शक्ति जागरण : साँवरे सलोनी गोरी : गद्य संग्रह आलेख : पृष्ठ : २ / ३ .
श्री लक्ष्मी नारायण : भगवान विष्णु को समर्पित.
एक महत्वपूर्ण हिन्दू मंदिर
मुक्ति नाथ : मुस्तांग : नेपाल : यात्रा संस्मरण.
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नेपाल : शोध शक्ति : यात्रा संस्मरण.
शक्ति प्रिया डॉ.सुनीता रितु.
दार्जलिंग डेस्क.
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हम साथ साथ है : मीडिया टीम : २००७ में नेपाल की यात्रा : हम साथ साथ है की मीडिया टीम २००७ में नेपाल की यात्रा पर थी । हमने नेपाल स्थित काठमांडू,सारंगकोट, नागरकोट ,पोखरा आदि का भ्रमण किया था। मुक्ति नाथ के लिए उड़ाने भी देखी थी। समय अभाव की बजह से जा नहीं पाए थे।
२०२५ में जब हमारी शक्ति फोटो लघु फिल्म सम्पादिका रितु ने मुक्ति नाथ की यात्रा पूरी की तो निश्चित हुआ कि इस यात्रा वृतांत को शब्द दिया जाए। लिपिबद्ध किया जाए।
वर्ष २००७ की नेपाल की यात्रा में डॉ.सुनीता मधुप,डॉ.राशि, डॉ.रतनिका,व डॉ.रूप कला शामिल उस यात्रा में शामिल थी ही। तय हुआ कुछ लिखा जाए। फीचर डेस्क ने इसकी तैयारी शुरू कर दी।
तब हमने पशुपति नाथ, बागमती नदी हनुमान डोका,ललितपुर ,भक्तपुर , काठमांडू स्थित इस्कॉन टेम्पल भी देखा था। पोखरा की गहरी झील अभी भी याद है।
काठमांडू नेपाल में सबसे ज़्यादा देखी जाने वाली जगह है और नेपाल की राजधानी भी। यह जगह प्राचीन मंदिरों, सुनहरे पैगोडा, प्राकृतिक सुंदरता और मनमोहक गाँवों से भरपूर है, जिन्हें आप नेपाल के अपने दर्शनीय स्थलों की सूची में शामिल कर सकते हैं।
पशुपतिनाथ मंदिर: शिव :मसाने और बागमती : नेपाल की राजधानी काठमांडू में बागमती नदी के किनारे स्थित है, जो भगवान शिव को समर्पित एक प्रसिद्ध और पवित्र हिंदू मंदिर है और दक्षिण एशिया के महत्वपूर्ण धार्मिक स्थलों में से एक है, जहाँ हिन्दू रीति-रिवाज और अंतिम संस्कार भी होते हैं।
कितनी अजीब बात है कि काशी की तरह यहाँ भी बाबा भोले नाथ बागमती नदी के किनारे मसाने के समीप ही बसते है। जनम जनम के फेरों से मुक्ति आप यहाँ अनवरत जलती चिताओं मैं देख सकते हैं। हमने भी देखी थी।
२०२५ : पुनः पहाड़ों की सैर : मुक्तिनाथ यात्रा : नेपाल के धौलागिरी और अन्नपूर्णा चोटियों के मध्य घाटियों में स्थित मुस्तांग जिले में स्थित,भगवान विष्णु को समर्पित एक महत्वपूर्ण हिन्दू तीर्थ स्थल होने के साथ साथ और एक प्रसिद्ध बौद्ध तीर्थस्थल भी है,हाँ अवलोकितेश्वर बुद्ध की पूजा की जाती है।
यह तीर्थ ३८०० मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। यहाँ लक्ष्मी नारायण के साथ बुद्ध की भी मूर्ति आप देख सकते हैं।
मुक्ति नाथ गांव से इसके प्रवेश द्वार से मंदिर तक पहुंचने में समय २० मिनट का लगता है। यहाँ से पैदल चढ़ते हुए संख्या में लगभग ३०० सीढियाँ चढ़नी पड़ती है।

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गतांक से आगे : २
नेपाल : शोध शक्ति : यात्रा संस्मरण.
शक्ति प्रिया डॉ.सुनीता रितु.
दार्जलिंग डेस्क.
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मुक्तिनाथ:लक्ष्मी और सरस्वती कुंड में पवित्र स्न्नान
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मुक्तिनाथ:लक्ष्मी और सरस्वती कुंड में पवित्र स्न्नान करती शक्ति : शक्ति.डॉ.सुनीता भारती रितु 

यह तीर्थ ३८०० मीटर की ऊंचाई पर स्थित है शायद विश्व का सबसे ऊँचा श्री लक्ष्मी नारायण का मंदिर है।
१०८ जल की नल धाराओं ,२ पवित्र तालाब यथा लक्ष्मी व सरस्वती कुंड : और यहाँ १०८ जल कुंड तथा धुँए की धारा हैं,जहाँ श्रद्धालु पवित्र स्नान करते हैं। हिमालय से निसृत होती १०८जल कुंड धाराओं के ठंडे जल में स्नान करना एक खास आध्यात्मिक अनुभव है।
मुक्तिनाथ मंदिर भगवान विष्णु को समर्पित है मंदिर परिसर के पीछे १०८ जल की हिमालय निःसृत नल धाराएं, व २ पवित्र कुंड यथा लक्ष्मी व सरस्वती कुंड है। कहते है १०८ जल की नल धाराओं ,२ पवित्र तालाब यथा लक्ष्मी व सरस्वती कुंड में स्नान करने से जन्म जन्मांतर के पाप धुलते हैं। शक्ति ने कितने लोगों को पंक्ति बद्ध होते हुए इस जल धारा में स्न्नान करने के पश्चात लक्ष्मी व सरस्वती कुंड में डूबकी लगाते हुए देखा था।
सर्द पानी। बर्फानी हवा। पानी में प्रवेश करते ही लगे की शरीर जम जाए। लेकिन लक्ष्मी नारायण के हांथों से मुक्ति जो पानी है। और यहाँ हिमाचल के ज्वाला देवी की तरह जमीन से निकली प्राकृतिक गैस की ज्वाला भी है।
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साभार शॉर्ट रील : नेपाली भाषा : दार्जलिंग डेस्क
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मुक्तिनाथ मंदिर मा हवा चले सर....र.. र ..आ
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मुक्तिनाथ पहुँचने के सीमित रास्ते : पोखरा से मुक्तिनाथ पहुँचने के सीमित रास्ते हैं। मुख्य रास्ते हैं ट्रैकिंग,पैदल यात्रा, गाड़ी से जाना, हवाई जहाज़ या हेलीकॉप्टर से उड़ान भरना।
आप मुक्तिनाथ के लिए निजी जीप या सार्वजनिक बस ले सकते हैं या पोखरा से जोमसोम के लिए हवाई जहाज़ लेकर जीप या टैक्सी से मुक्तिनाथ पहुँच सकते हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार पोखरा से सुबह शाम चलने वाली बसों का किराया १५०० रुपया मात्र है।
फिर लगभग ३०० सीढ़ियाँ चढ़नी पड़ती हैं तब ३८०० मीटर की ऊंचाई पर स्थित मुक्ति नाथ आप पहुंचेंगे।


मुक्तिनाथ.नेपाल हरि दर्शन के लिए मुक्ति की खोज में हम.कोलाज. शक्ति प्रिया डॉ.सुनीता रितु

क्या देखें : यात्रा का महत्व : मोक्ष का द्वार : मुक्तिनाथ का अर्थ ' मुक्ति का देवता ' है, और यहाँ आने से जन्म-मृत्यु के चक्र से मुक्ति मिलती है, ऐसा माना जाता है।
हिंदू-बौद्ध संगम : यह हिंदुओं के १०८ दिव्य देशों में से एक है और बौद्धों के लिए भी पूजनीय है, जहाँ अवलोकितेश्वर ( बुद्ध ) की पूजा होती है। सामने आप बुद्ध की मूर्ति भी देख सकते हैं।
गोमुख से निकलती पवित्र जल धाराएं व कुंड: मंदिर परिसर में १०८ गौमुख से हिमालय का जल निकलता है, जिसमें भक्त डुबकी लगाते हैं, जिसे अत्यंत पवित्र माना जाता है।कहा जाता है कि १०८ जल की धारा में स्नान करने से मुक्ति मिलती है। इस जल धारा में स्नान करने के बाद मंदिर परिसर में बने कुंड में भी डूबकी लगाई जाती है।
यात्रा के मुख्य पड़ाव में कागबेनी : यह एक पवित्र गाँव है जहाँ भक्त अपने पूर्वजों के लिए पिंडदान करते हैं, जिससे उन्हें शांति और मुक्ति मिलती है।
ज्वाला माई : मंदिर के पास एक प्राकृतिक गैस से जलने वाली लौ ज्वाला भी है।

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गतांक से आगे : ३
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नेपाल : शोध : शक्ति : यात्रा संस्मरण.
शक्ति प्रिया डॉ.सुनीता रितु.
दार्जलिंग डेस्क.
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गतांक से आगे : मुक्ति नाथ यात्रा

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मारफा : पत्थरों के घर
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लेकिन धड़कती हैं दिल में , पहाड़ी देव शक्ति की सभ्यता और संस्कृति


पत्थरों के घरों में दिल : धड़कती हैं  सभ्यता और संस्कृति :कोलाज : डॉ.सुनीता रितु अनुभूति 

मार्फा : गाँव : मुक्ति नाथ से ४० किलोमीटर पहले मारफा नेपाल के मस्तांग जिले का एक सुरम्य गाँव है। निचले मस्तंग क्षेत्र की काली गंडकी घाटी में २६५० मीटर की ऊँचाई पर स्थित यह गाँव एक पर्यटन केंद्र है।इसकी सुंदर गलियों और भव्य बाग़बानी ने एक अनोखा माहौल बनाया है। यहाँ आप पारंपरिक संस्कृति और भावपूर्ण सौंदर्य को अनुभव कर सकते हैं।
मारफा : पत्थरों के घर लेकिन धड़कती हैं पहाड़ी देव शक्ति की सभ्यता और संस्कृति दिल में ,मुक्ति नाथ जाते समय एक दिन पत्थरों के शहर में जरूर रहें।
यह प्राचीन गांव अन्नपूर्णा सर्किट ट्रेक का एक महत्वपूर्ण पड़ाव है, जहां से हिमालय के मनमोहक दृश्य दिखाई देते हैं और नेपाल के पारंपरिक पहाड़ी जीवन की झलक मिलती है। मारफा अपने सफेदी किए हुए घरों, पत्थर की सड़कों और स्वादिष्ट सेब ब्रांडी के उत्पादन के लिए जाना जाता है।
मारफा गांव के प्रमुख आकर्षण थाकाली संस्कृति संग्रहालय, पुराना मठ, सेब के बाग, काली गंडकी नदी, और स्थानीय बाज़ार आदि हैं जिन्हें पर्यटक घूम सकते हैं। पत्थर के बने मकान अत्यंत मनभावन दिखते हैं
कब जाएँ : यात्रा के लिए सितंबर - नवंबर और मार्च - जून का समय सबसे अच्छा है, और आप पोखरा से हवाई जहाज या जीप द्वारा जोमसोम पहुँचकर, फिर जीप और पैदल चलकर मंदिर तक पहुँच सकते हैं, जहाँ लगभग ३०० सीढ़ियाँ चढ़नी पड़ती हैं। ३८०० मीटर की ऊंचाई है। इसलिए सर्दी होगी जरूर जानें। गर्म कपड़े दास्तानें मफ़लर शॉल ,चश्में जरूर रखें।
कैसे पहुँचें : काठमांडू / पोखरा : यात्रा की शुरुआत नेपाल की राजधानी काठमांडू या खूबसूरत शहर पोखरा से होती है।
हवाई मार्ग जोमसोम : पोखरा से जोमसोम सबसे नज़दीकी हवाई अड्डा के लिए छोटी उड़ान भरें या फिर जीप से जाएं।
सड़क मार्ग पहले दिन की यात्रा : पहले दिन की यात्रा पोखरा से शुरू होगी और कुसमा और बेनी होते हुए तातोपानी पहुँचेगी। यात्रा के बीच में, हम देवी की पूजा करने के लिए गैलेश्वर मंदिर में कुछ देर रुकेंगे। तातोपानी पहुँचने के बाद आप प्राकृतिक गर्म पानी के झरने का आनंद ले सकते हैं और आराम कर सकते हैं। पोखरा से बेनी तक लगभग तीन घंटे की ड्राइव है, लगभग पूरी सड़क पर। कभी-कभी, निर्माण प्रक्रिया आपको यह महसूस करा सकती है कि यह पूरी तरह से काली सड़क नहीं है।
दूसरे दिन की यात्रा : दूसरे दिन की यात्रा सुबह-सुबह शुरू होगी और दुनिया की सबसे गहरी खाई, लारजंग, तुकुचे, मारफा ,जोमसोम, कागबेनी और झारकोट गाँव से होते हुए रानीपौवा पहुँचेगी।
मुक्तिनाथ दर्शन के बाद, एक ही दिन में कागबेनी की खोज करते हुए पोखरा वापस लौटेगी।
जीप या कार से पवित्र मुक्तिनाथ की यात्रा करने पर आपको भगवान की कृपा और आशीर्वाद प्राप्त होगा, और यात्रा के अंत में यह पूरी तरह से सार्थक होगी।
बेनी से, तातोपानी, घासा, लेटे, कोबांग और मार्फा होते हुए जोमसोम तक लगभग पाँच घंटे की ड्राइव है। यह पूरी तरह से उबड़-खाबड़ सड़क है।
याने कुल मिला के आठ से नौ घंटे का रास्ता है।
जोमसोम से मुक्तिनाथ मंदिर तक पहुँचने के लिए जीप, पैदल या घोड़े / पालकी पहाड़ी चढ़ाई के लिए का उपयोग करें।
पोखरा से मुक्तिनाथ यात्रा एक आनंददायक यात्रा है जो नेपाल की आध्यात्मिक और प्राकृतिक सुंदरता का संगम है।
यह देश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत में डूबने और हिमालय के दुर्गम प्राकृतिक दृश्यों का आनंद लेने का एक अनूठा अवसर है। बस, कार ,जीप द्वारा मुक्तिनाथ तीर्थ यात्रा एक ऐसा अनुभव है जो आपको जीवन भर याद रहने वाली यादें देगा।
ध्यान रखने योग्य बातें : मार्च से जून और सितंबर से नवंबर तक का मौसम यात्रा के लिए सबसे अच्छा होता है, जब मौसम सुहावना और रास्ते साफ होते हैं।
ऊँचाई और ठंड के कारण, गर्म कपड़े, अच्छे जूते और दवाइयाँ साथ रखें।
यात्रा से पहले शारीरिक रूप से फिट रहें क्योंकि रास्ते चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं।
मंदिर के अंदर तस्वीरें लेना वर्जित है। यदि आप प्रेस से है,स्थापित ब्लॉगर है, लेखक हैं,फ़िल्म कार हैं तो मंदिर प्रबंधन से अनुमति लेकर फोटो खींच सकते हैं।
दूरी : पोखरा से मुक्तिनाथ लगभग १७५ किलोमीटर है.
पोखरा से कुशमा भाया बागलुंग ७० किलोमीटर,
बागलुंग से बेनी ३० किलोमीटर,
बेनी से तातोपानी ( गर्म पानी ) २२ किलोमीटर,
तातोपानी से लेते १६ किलोमीटर,
लेते से मारफा २० किलोमीटर,
मारफा से जोमसोन ( हवाईअड्डा ) किलोमीटर,
जोमसोन से मुक्तिनाथ २४ किलोमीटर है.
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स्तंभ संपादन : शक्ति शालिनी रेनू माधवी.
स्तंभ सज्जा : शक्ति मंजिता सीमा अनुभूति.
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टाइम्स मीडिया शक्ति प्रस्तुति.
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शक्ति.तनु .आर्य.रजत निदेशक : स्वर्णिका ज्वेलर्स : सोहसराय : बिहार शरीफ समर्थित.


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राधिकाकृष्णरुक्मिणी : आज का गीत : जीवन संगीत :भजन : पृष्ठ : ३.
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संपादन 
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शक्ति. प्रिया शालिनी अनुभूति. 
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मेरी पसंद 
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कृष्ण : भजन 
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फिल्म : काजल. १९६५. 
भजन : तोरा मन दर्पण कहलाए 
भले बुरे सारे कर्मों को देखे और दिखाए.
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गीत : साहिर लुधियानवी. संगीत : रवि. गायिका : आशा. 
भजन सुनने  के लिए नीचे दिए गए लिंक को दवाएं 
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टाइम्स  मिडिया : शक्ति : कोलकोता डेस्क 
प्रस्तुति : साभार. भजन : हे राम हे राम. 
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तू अंतर्यामी सब का स्वामी तेरे चरणों में चारों धाम 
तू ही बिगाड़ें तू ही सवारें तू ही तो है राधा का शाम 
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गीत : सुदर्शन फ़क़ीर. संगीत गायन : जगजीत सिंह. 
भजन सुनने  के लिए नीचे दिए गए लिंक को दवाएं 


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साहिल : केशव ज्वेलर्स : चौक बाज़ार : बिहार शरीफ : नालंदा : समर्थित  
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राधिकाकृष्णरुक्मिणी : शक्ति : कला दीर्घा : पृष्ठ : ५ . 
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शक्ति.सोनी जवा जया सोलंकी .
पदमावत डेस्क.जयपुर.
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कृष्ण जीवन की त्रिशक्तियाँ : रुक्मिणी सत्यभामा जामवंती : कृति : शक्ति प्रिया स्वाति रितु. अवध  

राधिका कृष्ण : मोहे पनघट पर श्याम छेड़ गयो रे : कलाकृति : चयन :
शक्ति. जया आस्था सेजल.

राधिका कृष्ण : शाश्वत आध्यात्मिक प्रेम : कलाकृति : चयन : शक्ति आस्था स्वाति जया सोलंकी 

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शक्ति.नेहा.आर्य.अतुल.मुन्नालाल महेश लाल आर्य एंड संस ज्वेलर्स.रांची रोड.बिहार शरीफ.समर्थित.
*
*
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राधिकाकृष्णरुक्मिणी : शक्ति : फोटो दीर्घा : पृष्ठ : ७ . 
---------
संपादन. 
शक्ति मीना सिमरन एंजेल. 
*
नैनीताल डेस्क 
*
राधा रमण हरि गोपाल बोलो : प्रेम मंदिर : वृन्दावन : फोटो : शक्ति वाणी मानसी शबनम 
प्रेम : भक्ति और कृष्ण : लाड़ली राधा रानी मंदिर ; बरसाने : कोलाज डॉ. सुनीता रितु संगीता 
राधा कृष्ण मंदिर : घोड़ाखाल : भवाली : फोटो : शक्ति. सिमरन सुधा प्रकाश आर्य. नैनीताल 
एक धुंध से आना है एक धुंध में जाना है : मसूरी द मॉल : कोलाज : शक्ति डॉ. सुनीता मधुप वनिता

घोड़ा खाल मंदिर : दिव्य राधा कृष्ण : नैनीताल : फोटो. शक्ति मीना सिमरन एंजेल. 
मेरे ही पास तुझे आना है तेरे ही पास मुझे जाना है : गंगोत्री आजकल : फोटो : आर्य. प्रमोद उनियाल

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राधिकाकृष्णरुक्मिणी : समसामयिकी. समाचार : दृश्यम  पृष्ठ :८
----------
संपादन
त्रिशक्ति  शक्ति रितु रश्मि सोनी.
विदर्भ डेस्क.
*
*
हरि की व्यथा और कथा 
लक्ष्मी : सरस्वती : शक्ति का संतुलन आवश्यक है 


*

आर्य : सुनील व्यास. फिल्म निर्माता :
अभिनेता लेखक : विचारक मसूरी. मुंबई.

राधिका कृष्ण : दृश्यम : शॉर्ट रील : धारावाहिक :१२.
*
* कृष्ण : दृश्यम : मैं पक्ष धर नहीं धर्म धर हूँ
*
राधिका कृष्ण : नृत्य की कलात्मक प्रस्तुति * --------- समसामयिकी. समाचार : पृष्ठ : ८ /२ ---------- सपादन शक्ति शक्ति रीता क्षमा प्रीति *
* मैं तुलसी तेरे आँगन की तुलसी पूजन दिवस : GIF : २५ दिसंबर
*

वीर बाल दिवस : २६ दिसंबर. * २१ से २७ दिसम्बर : बलिदान दिवस * चिड़िया संग बाज लड़ाऊं, तहां गोविंद सिंह नाम कहाऊं.
गुरु गोविंद सिंह जी : GIF
*
जो बोले सो निहाल सत् श्री अकाल * आत्म मंथन * अगर किसी को याद हो तो इन्हे भी याद कर लेना ये महीना इन शहीदों की शहादत का है जिन्होंने माँ भारती और सनातनः धर्म के २१ से २७ दिसम्बर के बीच सिर्फ ७ दिनों मे अपना पूरा परिवार शहीद करवा दिया... * शक्ति नैना @ डॉ. अनीता मधुप भारती / नैनीताल डेस्क * प्रकृति के साधु : किसान दिवस : २३ दिसम्बर. की विशेष स्मृति * साभार संकट : समय : संयम : और कर्म : दृश्यम विचार रुक जाना नहीं तू कहीं हार के : फिल्म : इम्तिहान. *
* विश्व ध्यान दिवस : २१ दिसंबर. * कुछ पल अपने लिए स्वयं ,जहाँ मन शांत हो जाए लें श्वास गहरी अंतर्मन में जीवन और सरल हो जाए. *
* सन्दर्भ : फोटो : शक्ति
* विश्व ध्यान दिवस २०२५ आज, २१ दिसंबर को मनाया जा रहा है, जिसे संयुक्त राष्ट्र द्वारा भारत की पहल पर घोषित किया गया है, और इस अवसर पर दुनिया भर से लाखों लोग ध्यान ,गहरी श्वास के माध्यम से वैश्विक शांति और आंतरिक एकाग्रता के लिए सामूहिक ध्यान कर रहें हैं। यह दिन तनाव कम करने और मानसिक स्वास्थ्य में सुधार के लिए ध्यान के महत्व पर जोर देता *

*
शक्ति.डॉ.राशि. डॉ.मयंक.निदेशक.आशा हॉस्पिटल.मुजफ्फरपुर.बिहार.समर्थित   
* -------- आभार : मुझे भी कुछ कहना है : गीता ज्ञान : आपने कहा : पृष्ठ :९. ---------- राधा कृष्ण मंदिर डेस्क नैनीताल. * संपादन शक्ति शालिनी रेनु अनुभूति संयुक्त महाशक्ति सम्पादिका. ------- आपने कहा : मुझे भी कुछ कहना है : पृष्ठ :९ / १ . -------- संपादन शक्ति भारती अनीता गरिमा. * मंडन *
एक दिन आएगा, जब तुम्हें शिकायत वक़्त और जमाने  से नहीं बल्कि ' खुद '
से होगी कि, जिंदगी सामने थी, और मैं
संसार में उलझा रहा...
* खंडन *
संसार है एक नदियाँ सुख दुःख दो किनारे हैं
न जाने कहाँ जाए हम बहते धारे हैं
*
मंडन *
चाय में मक्खी गिरे तो चाय फेंकते हैं, और घी में मक्खी गिरे तो मक्खी फेंकते हैं, इंसान घाटा और मुनाफा देखकर सिद्धांतों का ढोंग करता है। * खंडन * कितना श्रेष्यकर हो की मक्खी जैसी निःसार और नकारात्मक वस्तुओं को समीप आने ही नहीं दिया जाए *
--------
ये है गीता का ज्ञान : पृष्ठ : ९ / २.
-----------
कथा है ये स्वार्थ की परमार्थ की
*

GIF

माधव : पार्थ : महाभारत : गीता :
*
संपादन
डॉ.आर के दुबे. शक्ति डॉ.सुनीता.सीमा.
*
सज्जा
शक्ति कामिनी.दीप्ती. गोविन्द जी
*
महाशक्ति  मीडिया प्रस्तुति 
ये है गीता का ज्ञान.
*
श्री हरि : लक्ष्मी नारायण : राम : कृष्ण के दिव्य दर्शन. 
*
अध्याय :  २. श्लोक संख्या : २२.  
*
वासांसि जीर्णानि यथा विहाय नवानि गृह्णाति नरोऽपराणि |
तथा शरीराणि विहाय जीर्णा न्यन्यानि संयाति नवानि देही || २२ ||
* भावार्थ * यह श्लोक श्रीमद्भगवद्गीता अध्याय :  २. श्लोक संख्या : २२. पुनर्जन्म के सिद्धांत को समझाता है, जिसका अर्थ है कि जिस तरह एक व्यक्ति पुराने, घिसे-पिटे वस्त्रों को त्यागकर नए वस्त्र पहनता है, उसी तरह आत्मा : देहधारी पुराने शरीर को छोड़कर नया शरीर धारण करती है, इसलिए मृत्यु और जन्म के चक्र से दुखी नहीं होना चाहिए  * -------- शुभकामनाएं : आभार : पृष्ठ : ९ / ३. ---------- संपादन.
शक्ति.
काजल डॉ.अनु स्मिता इंद्रप्रस्थ डेस्क * मीडिया व आर्य संरक्षण शक्ति के लिए * माननीय. चिरंजीव नाथ सिन्हा.वर्तमान.भा.पु.से. माननीय.विकास वैभव.वर्तमान.भा.पु.से. माननीय.मुकेश कुमार. वर्तमान.भा.पु.से. माननीय. सत्य प्रकाश मिश्रा वर्तमान.भा.पु.से. * विशेष : संरक्षण : आभार : पृष्ठ : * माननीय. दीपक रावत. कमिश्नर.उत्तराखंड.वर्तमान शक्ति. वंदना सिंह.जिलाधिकारी.वर्तमान माननीय.प्रमोद कुमार.एस डी एम.नैनीताल.वर्तमान माननीय.ज्योति शंकर. उप पुलिस अधीक्षक.साइबर क्राइम.वर्तमान माननीय.पंकज भट्ट.भा.पु.से.उत्तराखंड. *
*
महाशक्ति मीडिया ब्लॉग मैगज़ीन पेज स्व. निर्मला सिन्हा की स्मृति में श्रद्धांजलि सभा आयोजित : संक्षिप्त समाचार को दैनिक भास्कर बिहार शरीफ़ दिनांक १६. १२. २५. पृष्ठ में स्थान देने के लिए *

* प्रकाशित समाचार स्तंभ संलग्न *

दैनिक भास्कर ब्यूरो चीफ़ माननीय सुजीत कुमार वर्मा के लिए साधुवाद और हार्दिक आभार *
शक्ति.सीमा.डॉ.सुनीता.मधुप. रामायण. * महाशक्ति मीडिया के सहयोगी राम कृष्ण.स्वतंत्र छायाकार.मुंबई. अनुपम चौहान.संपादक.समर सलिल.लखनऊ. *
को उनके जन्मदिवस १२ दिसंबर के उपलक्ष्य पर *
* हम सभी देव शक्ति मीडिया परिवार की तरफ़ से अनंत शिव शक्ति मंगल कामनायें *
With the upcoming of 26.Focus Club & Resort :Ranchi :Supporting your Event *

*
with MS Media Powered
English Section
Contents.
*
English Editorial Section : Cover Contents Page 1
Shakti Editorial. English Page : 2
Shakti Editorial. Prose : English Page : 3
Shakti Editorial. P0em : English Page : 4
Shakti Vibes : .Page : 5
Radhika : Krishna : Rukmini  : Photo Gallery.Page : 6
Visuals News : News : Editorial Page : 7
Shakti Art  Gallery  : Radhika : Krishna : Rukmini : English : Page 8.
Day Special : You Said it : Page : 9.
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*
Times Media Advertising Shakti  Powered. 
Contents.
*
Shakti.Pooja. Arya.Dr.Rajeev Ranjan. Child Specialist.Biharsharif. Supporting
*

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Shakti Editorial.English Page : 2
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*
 Editorial Section : English Page 1
Radhika : Krishna : Rukmini : Darshan :
*
Shakti Chief Editor.
*
*
Shakti. Nushka. Krishna Devotee.UK.
Shakti. Archana. TOI Writer.Shimla.India.
Shakti.Nicky.Australia.
*
Executive Editor.
Dehradun Desk.
*
*
Shakti. Madhvee Seema Bhagwanti.
*
* Mahashakti Nyay Samhita : Suggestive Body Supporting.

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Shakti Vibes : .Page : 5
----------
Editor
Shakti Shalini Madhvee Seema.
*
*
A Shakti : Decorative 
*
Let the Past ( Bygone Days ) , Present ( Today ) filter the 
Future ( Coming Days ).
 
--------
Radhika : Krishna : Rukmini  : Photo Gallery.Page : 6
--------
Editor.
*
Shakti.Dr.Anu.Shraddha Seema.
*
Prem Prakriti Punarjanam.
Uttarkashi Desk.
*
Nainital : Naina Peak : New Year Christmas Celebration : Naina Shakti Reporter
Dr .Anu Bharati Latika Joshi : Nainital.

Ranikhet : Trishul : Nanda Devi Panchachuli click : Shakti Lalita Bhuwan Lakshika Joshi

Nepal : Muktinath Temple : Shree Laxami Narayan Temple : Shakti Priya Dr.Sunita Ritu
Mohi Lelkhin Sajni Mora Manwa Pahunwa Ragho : Janakpur : Shakti Ritu Manjita Aastha
Nepal : Muktinath : Lord Vishnu.: Mukti jaldhara : Laxami kund : Collage Shakti Ritu Dr.Sunita.Madhup 

rays upcoming from the hills where the Ganga lives : Harshil :Uttarkashi.
photo Credit  : Shakti 
Pyar Kiran Dr.Uniyal. 
*
* Shakti Dr.Ratnshila. Arya Dr.Braj Bhushan Sinha. Shivlok Hospital. Bihar Sharif. Supporting 
*
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Visuals News : News : Editorial Page : 7.
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Editor.
Shakti Priya Dr.Sunita Seema.
* 
Faith in Shakti : Nainital : Pashan Devi : Night View : Shakti Latika Lakshika Lalita Joshi

Nainital witnessing winter carnival just after seven years : Collage  MS* Media 
Photo : Shakti  Bharti Dipti Beena Joshi.Nainital.

Hon’ble Governor of Bihar Shree Arif Mohammad Khan, an author and global thinker Shree Shashi Tharoor and Prof. Siddharth Singh Highlighting the  Nalanda’s Global Intellectual Legacy at the Rajgir International Convention Centre  on 21st of December 2025 . Photo : MS* Media.
*

*
The Rajgir Mahotsav, a vibrant cultural festival echoing itself
throughout the world 
*


*
the soulful performance of,Salman Ali & Bhavya Pandit : Rajgir Mahotsav.25 MS*Media
*

 
*
 Dr.Manish.Anju.Madhup
New Delhi.
A&M Media.
*

*
Visual : a Kailash Kher's Song 
Piya Ke Rang Rang Dini Odhani.

the soulful performance of Kailash Kher,Salman Ali : Rajgir Mahotsav.25
: MS*Media

*
Visual : Kailash Kher : Piya ke Rang Rang Di Ni Odhani.
*
Day : 1

Nalanda : CR / It has been our glorious culture and tradition of Nalanda that the land of Gautam Buddha and Mahavir, imparting knowledge has been alluring several preachers like Nanak jee and others to visit this place since later Vedic period.
Under the keen observation of Bihar Government with District Administration The Rajgir Mahotsav, a vibrant cultural festival celebrates Bihar's rich history and art in Nalanda.
The Rajgir Mahotsav, a major cultural festival in Bihar, India, first began in 1986,inaugurated on April 4th by then - Chief Minister, to showcase the rich heritage of Rajgir and Nalanda through dance, music, and art.
The Bihar Minister for Rural Development and Transport,Shree Shrawan Kumar, and the Minister of Culture and Tourism,Shree Arun Shankar jointly inaugurated the most notably the annual Rajgir Mahotsav yesterday.
Recently the Rajgir Mahotsav,2025 edition around Dec 19 -21 with performances by artists like Padam Shree Kailash Kher and others, alongside local cultural shows, food fairs, and sports, will attract the tourists from the different parts of India aiming to boost tourism up in the historically significant town, Rajgir , Nalanda and Pawapuri around.
Kailash Kher actively performs, at the Rajgir Mahotsav 2025 in Bihar, mesmerizing audiences with his hit songs like, ' Mai to Tere Pyar Main Diwana', 'Tu Jane Na ',and . ' Kaun Jai Jai Kara '
He's a prominent live performer, known for soulful Sufi/Bollywood hits, with his band KAILASA often featured in festivals and shows across India.with recent headlines highlighting his powerful shows

* a soulful Sufi singer Kailash Kher mesmerizing the audience at Rajgir Mahotsav 25 : Shakti Collage : MS* Media.
*
*
Visual Clip  : Mere Dil Ka Le Gaye  Chain.
*
Day 2 : Salman Ali.
20.12.25.

Day 2 : was special for exclusively for Salman Ali, the winner of Indian Idol, delivered an electrifying and soulful performance on December 20, 2025, which was the second day of the festival. He captivated the audience with a mix of Bollywood and Sufi melodies, celebrating Bihar's rich cultural heritage.Noticeably the youths enjoyed a lot with soulful songs of their beloved singer Salman Ali.

Day 3 : Harshpreet Kaur & Bhavya Pandit.
21.12.25.
*

 an electrifying and  soulful performance of  
Bhavya Pandit : Photo : MS*Media.

Day 3 : For having the last review I reached Rajgir by 7PM around .Personally I was witnessing the live concert of Harshpreet Kaur,Punjab and Bhavya Pandit from Mumbai at Rajgir Mahotsav 25 for Day 3, really it was a concluding day of Rajgir Mahotsav while she appeared at stage around 8 pm.
*
*
Visual Song Clip : Harshpreet Kaur : Teer  Aisa Laga 
*
While I was entering a Punjab based famous Bollywood Singer Harpreet kaur was captivating audiences with her versatile range in Hindi, and Sufi music, And she has been recognized as an iconic face for her classical training and popular film songs.
Bhavya Pandit who is now a promising playback singer.Bhavyas melodious voice as well as her ability to naturally achieve brilliant pitching was unmatched and being recognised by all of us.
She allured the audience with the very popular song ' Bas Ek Bar Mera Kaha Maan Lijiye', O Mere Rashke Qamar'...
With anticipation of further more development in tourism sector,now Bihar is moving a head indeed.

Page Decoratives.
*
*
O Mere Rashke Qamar'...
 Day 3 : Visual.Soulful performance of  Bhavya Pandit 

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Times Media Advertising Powered.
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Short Reel : News : Special : English : Page : 5.
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*
Christmas Special : Celebration.
of three Idiots.
Shakti Priyanshi Lovely Sakshi.
*
 Jingle bells, Jingle bells, Jingle all the way.
Fiction : Feeling : Story. 3 Idiots.

*
*
Nalanda : CR : 3 Idiots characters are liked and imitated by everyone of us. We are assigned for an exclusive interview of a few on the occasion of Christmas by our Shakti Editorial Team.
History simply recalls the birth of a person who shares his life for other's happiness and humanity : First we with our team leader , beloved virus mam Dr. Sunita Sinha altogether wish you a very happy merry Christmas. History simply recalls the birth of a person who sacrifices his life for humanity with having extreme tolerance.
Inside the merry Christmas we should cherish the angels thoughts and ideas of sharing happiness,gifts with each other.
Cherishing the Angels' thoughts and ideas of sharing happiness, gifts with each other. We 3 Idiots visit a house where humanity exists, the undivided Hindu family is having the broad minded approaches only believes in the goodnesses.
We three are usually called as 3 Idiots isn't a direct true story but it is realised by all of us. Each and every parent is facing the same problem in the running life.
The character of Phunsukh Wangdu (Rancho) in that film 3 Idiots ,released in 2009, was heavily inspired by real-life Ladakhi innovator and education reformer Sonam Wangchuk, who founded the Students' Educational & Cultural Movement of Ladakh (SECMOL) and created innovations like the Ice Stupa. The movie combines elements of Wangchuk's life and struggles with a fictional narrative to critique the Indian education system.
Keep a beating heart not being a machine : Really the running education ascertains bookish knowledge only that does empty the persons made for gadgets without feelings,some what.


 Jingle bells, jingle bells,Jingle all the way : photo Shakti Priya Dr.Sunita Seema 

As we share that Christmas is a global festival on December 25th celebrating Jesus' birth. It is well marked by traditions like decorating trees, exchanging gifts, special meals, caroling, and church services,
It according to us blends religious significance for Christians with widespread cultural festivities including festive markets, Santa Claus stories, and unique family customs like Secret Santa or finding a pickle ornament, making it a season of joy, giving, and togetherness.
The same we did and enjoyed a lot . We were given Chocolates, cakes by Santa symbolically stands for passion.The word also comes from Sanskrit, meaning 'peaceful,' 'calm,' or 'good man,' used as a name for deities like Vishnu, and is a common Italian word for "saint.

*
Shakti : Visual.
Priyanshi : Every Festival giving the Happiness.
*
Editing
Shakti Priya.Dr.Sunita Madhup
*
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Shakti Art  Gallery  : Radhika : Krishna : Rukmini : English : Page 8.
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Shakti Manjita Sejal Radha
Barsane Desk.
*
Krishna playing a note on his flute : Art : Shakti Ayushi Ayushman Anita.Pratham Media.
Mere to Giridhar Gopal Dusro Na Koi : Shakti Manjita Sejal Radha : Chandigarh.

*
*
Shakti Dr.Rashmi.Arya.Dr.Amardeep.Biharsharif.Nalanda Supporting 
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Day Special : You Said it : Gratitude.English :  Page : 9.
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Editor.
Shakti.Dr.Bhwana Rashmi Farheen.
Nagpur Desk.
*
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Day Special : Page : 1
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Editor.
Shakti. Priya Dr. Anu Sunita. 
*
wish you a very Happy Merry Christmas
*

*
We altogether simply stand for only 
Humanity in Diversity with Unity.
*
*
Enjoy the lilting Christmas  tune 
*
Birthday Wishes.
*
24 th of December 
Shakti Mulank Divas : 6
Many Many Happy Returns of the Day 
*

Govind Jee.
Principal.Dav.
*
We ' Ham ' Entire Media Family 
unitedly wishing you on your birthday 
with a message of ' Govinday Bhavah '
*
MS* Media.Blog Magazine Page
Hum :  

*
18th of December. 
Shakti Mulank.Divas : 9
*

Shakti Madhvee. 
*

MS* Editor.
English & Hindi Write Up  Section. 
*
MS* Media.
we all together wish you : living a long happily 
*
Exclusively
*
Birthday : GIF
*

three* Idiots
Dr.Bhwana Sunita Sangeeta.
*
Birthday Wishes.
12th of December. 
Shakti Mulank.Divas : 3.
*
Shakti Ritu. 
*

*
Shakti Editor.

Contents Creator.
Reel & Photography Section 
MS* Media.
we all together wish you : 
*
Happy Birthday Wishes : GIF.
*
Many Many Happy Returns of the Day 
Hope your day is amazing.  


4th of December
Shakti * Mulank Divas 
Many Many happy returns of the Day 
*
Shakti Advocate Seema. 
Legal Protector Shakti 
Times Media 
Pratham Media 
MS Media &
AM Media 

*
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You Said it : Gratitude.English :  Page : 9 /2.
-------------
Editor.
Shakti Priya.Dr.Sunita.Bharti.
*
Shakti Naina :Niania Jheel An Evening ang Morning at Nainital.: Collage: Shakti Dipti Bharti.
* Radha Raman Hari Govind Bolo : Dr.Anu Sunita Madhup Seema. Iskcon :
* Nainital Desk. * Prakrit.Prem.Pahad.Purushottam.Punarjanam. * Govind Bolo Hari Gopal Bolo. * Gratitude to you for being with us only for. *
Madhav playing a note of Love & Passion on his flute. * Courtesy : Govind Jee.GIF * Samyak Sankalp.Sath.Sansar. * ---------- Gratitude : Samayak Sath : Discovery of the Year 2025. ------------
Editor.
Shakti Priya.Dr.Sunita.Seema.
* Samayak Sath Ke Liye. Satyam Shivam Sundaram * Editor Shakti Priya.Madhup.Shalini * Shakti Mamta Sunil. Producer : Writer : Actor. Mumbai. *

Mussoorie : Mumbai . * Presently regarded as One of the Chief Mentors of MS* ( Mahashakti ) Meida, * Satyam Shivam Sundaram Shakti Ritu *

A Vlogger A Passionate Social Worker Ranchi. * Presently Regarded as an eminent Photo / Short Reel Editor MS* ( Maha Shakti * ) Media Ranchi Desk. * Shakti Lalita Bhuwan Joshi *
A freelance Photo Journalist. Nainital. * You Said it : Page : 3

*
Sanjeevani Buti. *
* Hanuman Ji : with Sanjeevani GIF.
*
Nux Vom 30 * If you are the victim of bloating, constipation just before sleeping at night simply take Nux.Vom 30. Only 3 drops in the lukewarm water continue it for 15 days with your family Doctor's suggestion * Suggestions Only * Dr.Indradeo.Aayush Doctor. Disclaimer : always be in touch with your friend / learned Doctor ( Vaidya Sushen ) *
*


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You Said it : Sandese Aate Hai English : Page : 9 /3
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Editor 
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Shakti.Latika Angel Lakshika Joshi
Nainital.
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Sandese Aate Hai 
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Comments

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  3. Wonderful publication. Kudos to the publication team

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  4. This comment has been removed by the author.

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    1. Its a very nice blog magzine based publication

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