Samchar : Alekh
* समाचार : आलेख : १ : तीज़ * समाचार : आलेख : २ : तीज़ डॉ.सुनीता मधुप अनुभूति. शिव ही शक्ति है। शिव ही भक्ति है। अंत भी शिव आदि भी शिव। सत्य ही शिव है शिव ही सुन्दर है। हम सत्यम शिवम सुंदरम की खोज में हम काशी जा पहुंचे थे। शिव की नगरी। सुनते हैं काशी में शिव विराजते हैं। काशी की मणिकर्णिका घाट पर घूमते हुए शक्ति पार्वती की कई कहानियां भी सुनी। पार्वती ने शिव को पाने के लिए घोर तपस्या की थी। यह हम भी जानते हैं उन्होंने तीज व्रत भी किया। निर्जला रही थी। भला क्यों ? कई ऐसा तो नहीं कि शिव अत्यंत सरल, सीधे साधे, भोले भाले, कल्याणकारी रहे इसलिए पार्वती को भा गए। कहते हैं प्रेम हो तो सिर्फ शिव पार्वती के जैसा। मिले तो कई जन्मों के लिए नहीं तो बैरागी हो गए। प्रस्तुत है महाशक्ति मीडिया की संस्कृति और परंपराओं की एक छोटी सी मनभावन प्रस्तुति : काशी, शिव : तीज और पार्वती। * समाचार : आलेख :२ : गणपति भारतवर्ष विविधताओं का देश है। भाषा भाषी , लोग प्रांत अनेक है फिर भी हम सभी के मध्य एकता स्थापित है। भाद्र मास शुक्...