Radhika : Krishna : Rukmini Darshan.8.Patrika.SV.2

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कृण्वन्तो विश्वमार्यम. 
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drmadhuptravel.blogspot.com.
Radhika Krishna Rukmini.  
Darshan. 
Patrika.Volume : 1.Series : 8.
a Social Media.Web Blog Magazine Philosophical Page. 
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https://drmadhuptravel.blogspot.com/2026/01/radhika-krishna-rukmini-darshan-8.html
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tri. Shakti. 
Radhika Krishna Rukmini Page.
Cover Page.
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Radhika Krishna Rukmini.  
Darshan. 
Dainik.Volume : 1. Series : 8.
a Social Media.Web Blog Magazine Philosophical Page. 
Daily.Feb.Web Address.

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*
वायरलेस प्राइवेट लिमिटेड : मार्केट रिसर्च : मुंबई : शक्ति.ज्योति.आर्य.नरेंद्र.समर्थित.

*

आवरण पृष्ठ : दैनिक / पत्रिका अनुभाग : लिंक : विषय सूची : त्रिशक्ति  
*
महाशक्ति मीडिया प्रस्तुति.
   विषय सूची : पृष्ठ : ०.

*
राधिका कृष्ण रुक्मिणी दर्शन : धारावाहिक  : आवरण : पृष्ठ : ०.
 राधिका कृष्ण रुक्मिणी  दर्शन :८: दैनिक लिंक : पृष्ठ : ० 
हार्दिक आभार प्रदर्शन : पृष्ठ : ०.
राधिकाकृष्णरुक्मिणी.दर्शन : विषय सूची : पृष्ठ : 
त्रिशक्ति  लेखकीय समूह. : पृष्ठ : ०
त्रिशक्ति संशोधक  समूह : पृष्ठ : ०.

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राधिकाकृष्णरुक्मिणी.दर्शन : विषय सूची : पृष्ठ : 
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*
प्रेम प्रकृति.
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राधिकाकृष्ण: प्रेम प्रकृति दर्शन : पृष्ठ : ० / १.
रुक्मिणीकृष्ण.प्रकृति प्रेम दर्शन : आज : पृष्ठ :० /२.
*
जीवन : दर्शन.
*
त्रि शक्ति : विचार धारा : पृष्ठ : १. 
 राधिकाकृष्ण जीवन दर्शन : दृश्यम : शब्द चित्र : पृष्ठ : १ / १.
रुक्मिणीकृष्ण :जीवनदर्शन : दृश्यम : शब्द चित्र : पृष्ठ : १ / २.
मीराकृष्ण : जीवन दर्शन : शब्द चित्र : पृष्ठ १ /३.
*
सम्पादकीय शक्ति : पृष्ठ :२.
*
राधिकाकृष्णरुक्मिणी : सम्पादकीय शक्ति : पृष्ठ :२. 
सम्पादकीय शक्ति. समूह. नवशक्ति. विचार धारा : अंततः : पृष्ठ :२/ १.
सम्पादकीय त्रिशक्ति : गोरी साँवरे सलोनी : गद्य संग्रह :आलेख : पृष्ठ : २ / २.  
सम्पादकीय :त्रिशक्ति : गोरी साँवरे सलोनी :पद्य संग्रह : आलेख : पृष्ठ :  / ३.

*
राधिकाकृष्णरुक्मिणी : आज का गीत : जीवन संगीत :भजन : पृष्ठ : ३.
राधिकाकृष्णरुक्मिणी : शक्ति : कोलाज दीर्घा : पृष्ठ : ४. 
राधिकाकृष्णरुक्मिणी : शक्ति : कला दीर्घा : पृष्ठ : ५ .
दिन विशेष : आज का पंचांग : राशि फल : पृष्ठ : ६.
राधिकाकृष्णरुक्मिणी : शक्ति : फोटो दीर्घा : पृष्ठ :७. 
राधिकाकृष्णरुक्मिणी : समसामयिकी.समाचार : दृश्यम दिन विशेष : पृष्ठ : ८.
गीता ज्ञान : मुझे भी कुछ कहना है : आभार : पृष्ठ :९.
*
महाशक्ति मीडिया प्रस्तुति.
राधिकाकृष्णरुक्मिणी 
सदा सहायते. 
*
 लेखकीय त्रिशक्ति  : पृष्ठ : ०. 
*


*
शक्ति.शालिनी मधुप रेनू. 
नैनीताल डेस्क 

*
 
संशोधक त्रिशक्ति  : पृष्ठ : ०. 
*

*
शक्ति.नीलम.डॉ.राजेंद्र.रीता. 
   वाराणसी डेस्क.
*
कार्यकारी त्रिशक्ति दिग्दर्शिका


शक्ति.डॉ.रजनी तनु चुन्नी रंजीत
 
*

*
डॉ. दीनानाथ वर्मा. फिजिशियन : दृष्टि क्लिनिक. किसान बाग : बिहार शरीफ. समर्थित 

*

*
---------
राधिकाकृष्ण : प्रेम प्रकृति : दर्शन : आज : पृष्ठ : ० / १.
----------
*
राधिका डेस्क.
राधाकृष्ण मंदिर.मुक्तेश्वर.नैनीताल.
संपादन
शक्ति. डॉ.अनु.प्रिया मधुप 

*
सखी रे मैं का से कहूं
*

राधिका कृष्ण दृश्यम : अहंकार और संस्कार


राधिका : संस्कार क्या होता है कृष्णा ?

*
आपने क्या कहा
*
ढ़ाई अक्षर प्रेम का
*
तुम्हारे लिए.
*

*
सन्दर्भ विचार माया : तुम्हारे लिए.
राधिकाकृष्ण : छाया
*
मुझको मेरे बाद जमाना ढूँढेगा
*
सत्य जो शिव वही सुन्दर है
सच समझने की शक्ति अपने संस्कार में हो
सच कैसे कहा जाए कितना कहा जाए यह व्यवहार और प्यार से सीखा और
समझा जा सकता है
*
शक्ति @ रेनू मधुप रितु
*
मृत्योर्मा अमृतं गमय
जिसने अंत, प्रारब्ध और अपना सत कर्म समझ लिया वो शाश्वत हो गया
संसार से विदा लेते समय उसके बाद उसको जमाना ढूँढेगा
*
शक्ति @ अनुराधा मधुप रेनू
*
मृत्योर्मा अमृतं गमय
*
आरंभ है तो अंत निश्चित है
कुछ ऐसा कर जाओ जो तुम्हें असत्य से सत्य की ओर
अंधकार से प्रकाश की ओर
अंत से अनंत ओर ले जाए
*
शक्ति डॉ.अनुराधा मधुप रेनू

*
अतियों का निषेध

जैसे वीणा के तार बहुत कसे होने पर टूट जाते हैं
और बहुत ढीले होने पर सुर नहीं देते, वैसे ही जीवन में बहुत अधिक दबाव
या बहुत अधिक आलस्य दोनों ही हानिकारक हैं जीवन में अनुप्रयोग करना सीखें,
सुख और दुःख,काम और विश्राम के बीच संतुलन ही सही जीवन शैली है,प्रिये
*
शक्ति @ प्रिया मधुप अनुभूति
*
तुम संग प्रीत लगाई
*
क्यों बांध दिया तुमने प्रीत के धागे में उसके संग
संयोग और वियोग की पीड़ा तुम समझते थे ,न माधव ?

*
भला है बुरा है

अच्छा या बुरा कुछ भी नहीं
व्यक्ति अपनी सोच से स्वयं , और ' स्वयं ' के ' धरम करम ' को
परिभाषित करता है, राधिके !
*
जीवन जोत उजागर है
*

सन्दर्भ विचार माया : तुम्हारे लिए. छाया
*

मत कर अभिमान रे बन्दे
*
अहंकार वह सब है जो आप में वास्तव नहीं हैं।
जिस दिन आप जान लेंगे कि आप कौन हैं, आपका इस संसार में कितना अहम है
तो विश्वास रखिए इस मिथ्या अहंकार का क्या अर्थ
*
शक्ति नैना मधुप आस्था
*
उठने जागने और गलतियों के बाद
सुधरने की कोई समय सीमा नहीं होती
सोने के बाद जागो उठ कर देखो जीवन जोत उजागर है

@ शक्ति शालिनी मधुप रितु
*
प्रेम के धागे


सन्दर्भ विचार : माया : प्रेम के धागे.छाया.
*
धागा हो तो तोड़ भी दूं प्रीत न तोड़ी जाए
जिन नैनों में तुम बसे दूजा कौन समाय

*
कहीं ये वो तो नहीं
*

सन्दर्भ विचार : माया : शक्ति रितु .छाया.
*
कोई तो होगा जो मन की बात समझेगा,सुनेगा
विषम परिस्थितियों में भी धैर्य रखेगा
अतिशय क्रोध में भी असंयमित शब्द नहीं बोलेगा
*
मन ,शब्द और ईश्वर
*

सन्दर्भ विचार : माया : शक्ति डॉ.राखी.छाया.
*
मन ही देवता मन ही ईश्वर
*
अपनी बात को इतना
पवित्र व मनभावन रखें कि आपको ईश्वर की शपथ न लेना पड़ें , प्रिय
*
तोरा मन दर्पण कहलाए
*

शक्ति विचार : माया : राधिका कृष्ण. छाया
*
पूर्ण है श्री कृष्ण ,परिपूर्ण है श्री राधे
आदि है श्री कृष्ण तो अनंत है श्री राधे
*
कल्पना : इच्छा शक्ति और कल्पना
*
इच्छा शक्ति ही कल्पवृक्ष के समान है जो आपको हर वो चीज दे सकती है जिसकी आप कल्पना करते हैं और जिसके लिए आप कर्म करते हैं ।
*
---------
रुक्मिणीकृष्ण.प्रकृति प्रेम दर्शन : आज : पृष्ठ : ० / २.
-----------
मुक्तेश्वर.नैनीताल.
संपादन
शक्ति.मीना डॉ.राखी मधुप
*

दर्पण को देखा जब जब मैंने किया श्रृंगार
*

सन्दर्भ विचार माया : शक्ति.रितु  छाया

*
स्वयं अभिमान चाहे बहुतेरे 
*
स्वयं के अभिमान के पहले 
दूसरे सज्जन साधु जन के मान सम्मान का विशेष ख़्याल रखें  
अपने भीतर अभिमान स्वतः वर्धित होता जाएगा ,प्रिय 
*
@ शक्ति डॉ. राखी मधुप रितु 

*

स्वयं , व्यक्ति  और समाज. 
*
आपसे महत्वपूर्ण इस दुनिया में कुछ भी नही है
स्वयं और अपनों का ख्याल रखें 
स्वयं के निरंतर उन्नयन और परिमार्जन में लगे रहें 
इससे स्वतः व्यक्ति  ,समाज देश परिवेश का विकास होता रहेगा ,प्रिय 

*
आत्म सुधार 

इंसान को विकासोन्मुखी,विकल्पों का आदी होना ही चाहिए,
आत्ममंथन और स्वयं में उत्तरोत्तर सुधार एक अति आवश्यक विकल्प है। 
..खूबियां कमियां तो नए पुराने दोनों में होती है बस विकल्प आत्म सुधार 
और विकास का होना चाहिए 
*
जिंदगी कैसी ये पहेली 
*

*
सन्दर्भ विचार माया : शक्ति. वाणी छाया
*
ज्ञान : मान : घमंड 
*
यहां हर किसी को अपने ज्ञान का घमंड है,
पर किसी को भी अपने घमंड का ज्ञान नहीं..

*
प्रश्नपत्र सी हो गयी है जिंदगी जस की तस स्वीकार्य 
इसमें कुछ भी वैकल्पिक नहीं सभी प्रश्न अनिवार्य 
*
मेरो मन अनत कहाँ सुख पावो

यदि आप सार गर्भित,विशाल सागर के मध्य
छोटी सी नैया ही है तो उड़ते पंक्षी का कहाँ ठिकाना होगा ?
विचार करें....मेरो मन अनत कहाँ सुख पावो
ज़रा सुनिए .....ज़रा देखिए ना
*
शक्ति @ डॉ.राखी मधुप वाणी

*
जिंदगी कैसी है पहेली हाय

*

सन्दर्भ विचार : माया : शक्ति. मीना. छाया
नैनीताल.
*
जीवन में बहुत सी बातें समझ से परे है जैसे पहाड़ कठोर हो गए इसलिए कि नदियाँ पहाड़ को छोड़कर चली गयीं या नदियाँ छोड़कर चली गई इसलिए पहाड़ कठोर है.जरा सोचिए ना ?

*
----------
 राधिकाकृष्ण : ड्योढ़ी : दर्शन आज : पृष्ठ : १ / १.
------------
प्यार : व्यवहार : संस्कार
*
राधिकाकृष्ण.
वरसाने.वृन्दावन.डेस्क.
. प्रादुर्भाव वर्ष :१९७६. 
संस्थापना वर्ष : १९९८.महीना : जुलाई. दिवस :४.
*

संपादन
*
शक्ति * प्रिया मधुप.डॉ.सुनीता

*
हे री मैं तो प्रेम दिवानी,मेरा दरद न जाने कोय
*
श्याम तेरी बंशी पुकारे राधा नाम

*
तुम्हारे लिए.
*
तू इस तरह से मेरी जिंदगी में शामिल है 
*

*
राधा का भी श्याम वो तो मीरा का भी श्याम  
*
 ------
राधिकाकृष्ण जीवन दर्शन : दृश्यम : शब्द चित्र : पृष्ठ : १ / १.
--------
प्यार : व्यवहार : संस्कार
*
राधिकाकृष्ण.
वरसाने.वृन्दावन.डेस्क.
*
संपादन
*
शक्ति * प्रिया मधुप.डॉ.सुनीता
*
तुम्हारे लिए.
*
आज रंग बरस रहा : बरसाने की छोरी


साभार : दृश्यम : वृन्दावन बांके बिहारी की होरी
*
तोरा मन दर्पण कहलाए 
*
सत्य : असत्य
*

सन्दर्भ विचार माया : माधव   छाया
*
सत्य खोजने की जरूरत नहीं है।
बस उन झूठों को देखना शुरू कर दो अपने भीतर 
जिन्हें तुमने सत्य मान रखा है, सत्य
सत्य अपने आप तुम्हारे भीतर प्रकट हो जाएगा.

शक्ति नैना मधुप शालिनी 
*
मेरे लिए कृष्ण ही काफी है

जब मन में भावनाओं का झंझावात और जीवन में महाभारत छिड़ा हो 
तो कुछ नहीं प्रिय  तुम अपने पक्ष में सिर्फ़ कृष्ण मांग लेना 
*
शक्ति. नीलम मधुप सीमा 
*
जीवन : सार : अंत. 
*
खोजना है तो जीवन जीने के सार और निमित को ढूंढों ! प्रिय 
अन्यथा अंत तो हम सबों को  ढूंढ ही रहा हैं 


*
सन्दर्भ विचार माया : शक्ति. डॉ.अनु  छाया

*
तन को  सौ सौ बंदिशें मन को  लगी न रोक 
तन की दो गज कोठरी मन के तीनों लोक 

*
 नेकी परेशानी और सच्चाई 

जो नेकी और सच्चाई के रास्ते पर चलते हैं 
उनके जीवन में परेशानियां जरूर आती हैं
लेकिन ईश्वर उनकी नैया  को कभी डूबने नहीं देते है।

*

*
सन्दर्भ विचार माया : शक्ति. डॉ. राखी छाया
*
 शबद वाणी और प्रेम 

*
प्रेम और सम्बन्ध तौलने को कोई तराजू नहीं होता पर 
ख्याल, शबद, और चिंता ही  बता देती है कि प्रेम पूर्ण संबंधों  का पलड़ा कितना भारी है

*
जब जब तू मेरे सामने आए
*
संयम , सदाचार ,स्नेह,शबद ( वाणी )और सेवा ये गुण सत्संग
के बिना कभी नहीं आते ,प्रिय 
*
समस्या : समाधान 
*

सन्दर्भ विचार माया : शक्ति रितु छाया
*
हर चीज का समाधान आपके अंदर ही है
बस उसे अच्छे से जानने, समझने व करने की ज़रूरत है,प्रिय 
*
मन दर्पण 
*

सन्दर्भ विचार माया : शक्ति रितु छाया
*
तोरा मन दर्पण कहलाय 
जग से चाहे भाग ले प्राणी मन से भाग न पाय 
*


*
टाइम्स मीडिया अधिकृत 
*
---------
रूक्मिणीकृष्ण : जीवन दर्शन : पृष्ठ : १ / २.
----------
प्यार : व्यवहार : संस्कार
*
रुक्मिणी डेस्क.
विदर्भ डेस्क.महाराष्ट्र.
प्रादुर्भाव वर्ष : १९७८.
संस्थापना वर्ष : १९८७.महीना : अगस्त : दिवस : ६.
*
संपादन
शक्ति प्रिया डॉ.सुनीता मधुप.
*
प्रेम : प्रकृति : पहाड़ : पुरुषोत्तम : पुनर्जन्म
*

*
सन्दर्भ विचार माया : महेंद्र सिंह धोनी : नायक : छाया
मेरी प्रेरणा : महेंद्र सिंह धोनी.
*
डाली डाली फूलों की तुझको बुलाए रे मुसाफ़िर
मेरे उत्तराखण्ड में.
*
कोई पहाड़ों की खुशबू लेकर यहाँ बस गया
तो कोई प्रेम : प्रकृति : पहाड़ : पुरुषोत्तम : पुनर्जन्म
की तलाश में वहाँ चला गया
*
शक्ति @ शालिनी मधुप रेनू

*
सोना सज्जन
स्वयं का अभिमान
*

सन्दर्भ विचार माया : शक्ति रितु   छाया
*
यदि आप सज्जन साधु जन के मध्य है तो स्वयं का अभिमान कैसा
और आप दुर्जन से घीरे है तो उनसे सम्मान की आशा क्या

नज़र और नजरिया
*

सन्दर्भ विचार माया : शक्ति रेनू  छाया
*
जिंदगी की खूबसूरती आपके इसे देखने के फैसले पर निर्भर करती है।
जितना  इसके प्रति आपका नजरिया सकारात्मक होगा
उतनी ही जिंदगी की खूबसूरती बढ़ती जाएगी
*
@ शक्ति रेनू मधुप सुनीता

*
कुल्हाड़ी : पेड़ : पर्यावरण 
जरा सुनिए , ज़रा सोचिए न ? 


विचार : फोटो : पहाड़ : देवदार : चीड़. 
*
आधार लकड़ी की बनी कुल्हाड़ी से ही मैंने पेड़ को कटते देखा है,प्रिय !
कितना अच्छा होता जब हम अपने अपने से न कटते ? 
कम से कम प्रेम के लिए, संरक्षण के लिए, पर्यावरण के लिए तो सही 
जरा सुनिए ज़रा सोचिए न ? 
*
 विचार @ शक्ति प्रिया 
सुनीता अनीता सीमा 
*
सहनशीलता : धैर्य :  शक्ति
*
*
सन्दर्भ विचार माया : शक्ति रितु छाया
*
भोले भाव मिले रघुराई 
*
मेरी अभिलाषा 
*
ईश्वर ! सदैव सीधे सरल और स्वाभाविक रहें 
और ऐसे लोग ही जीवन में मिलते रहें ऐसी ही अभिलाषा हो 
*
जो आप देते है ईश्वर वही आपको प्रत्यावर्तित करते हैं , स्मृत रहे प्रिय !
*
*
प्रथम मीडिया शक्ति प्रस्तुति.
 *
*
 -------
मीरा : दर्शन : ड्योढ़ी :  पृष्ठ १ / ३ .
---------
*
मीरा डेस्क.
मेवाड़ डेस्क.जयपुर.
प्रादुर्भाव वर्ष : १९८२.
संस्थापना वर्ष : १९८९. महीना : सितम्बर. दिवस : ९.
*

*
मेरे तो गिरधर गोपाल दूसरों न कोय
*
मेवाड़ डेस्क.जयपुर.
संपादन.
*
शक्ति जया अनीता गरिमा
*
 -------
मीरा : जीवन दर्शन : पृष्ठ १ / ३ .
---------
मीरा डेस्क.मेवाड़ डेस्क.जयपुर.
संपादन
*
शक्ति.जया अनीता गरिमा.
*
पिया तोसे नैना लागी रे
*

सन्दर्भ विचार माया : शक्ति रजनी  छाया

*
जिंदगी में मिलने वाला हर शख़्स होली जैसा ही होता है
कोई रंग बदल देता है,उड़ा देता है
तो कोई अपने मधुर मधुप व्यवहार से प्रेम के सात रंग भर देता है
*
शक्ति डॉ. रजनी मधुप अनुभूति
*
बुरा जो देखन मैं चला

*

*
सन्दर्भ विचार माया : शक्ति शालिनी छाया

*
खूबियाँ और खामियाँ किस इंसान में नहीं होती, प्रिय !
जो तराशते है वो खूबियाँ देखते हैं
जो तलाशते है वो मात्र कमियाँ ही देखते है

*
शक्ति @ शालिनी मधुप भारती
*

संसार है एक नदियां
सुख दुःख दो किनारे हैं

*


*
सन्दर्भ विचार माया : शक्ति रितु छाया
*
धरम करम 
*
 अन्य को समझाना हमारा कर्तव्य नहीं ,है न ,माधव !
कर्म करना ही हमारे लिए धरम  है क्योंकि कर्म बोलता है ,शब्द नहीं 

*
सुख दुःख जीवन सरिता के दो किनारे हैं, माधव !
सुख दुःख तो अवश्यम्भावी है
ये हमारे ऊपर निर्भर है कि हम कितने समभाव से इन्हें ग्रहण करते है
*
शक्ति जया मधुप रितु
*

 ममता हॉस्पिटल बिहार शरीफ:शक्ति.डॉ.ममता.आर्य. डॉ.सुनील कुमार : समर्थित

*
सम्पादकीय शक्ति पृष्ठ : २.
*
शक्ति संरक्षण
*
*

*
शक्ति. साक्षी. भा.पु.से.  
आर्य. चिरंजीव नाथ सिन्हा.भा. पु. से.  
शक्ति. रश्मि श्रीवास्तवा.भा.पु.से.  

*
त्रिशक्ति छाया :
लघु फ़िल्म सम्पादिका
*

शक्ति. रितु दिप्ती स्वाति.
नैनीताल डेस्क.
*

शक्ति.नेहा.आर्य.अतुल.मुन्नालाल महेश लाल आर्य एंड संस ज्वेलर्स.रांची रोड.बिहार शरीफ.समर्थित

--------
सम्पादकीय :त्रिशक्ति : गोरी साँवरे सलोनी :पद्य संग्रह : आलेख : पृष्ठ : २ / ३.
--------
ढाई आखर प्रेम का : प्रेम के सात रंग
*
संपादन
शक्ति. रेनू डॉ.आर के. सीमा
*

गोरी साँवरे सलोनी : पद्य संग्रह :अनुभाग
*
शक्तिअनुभाग


शक्ति. शालिनी संदीप
लेखिका कवयित्री सम्पादिका
*

शून्य से जो प्रकट हुआ, वो सार है शिव.


*
हर हर महादेव : गिफ़
*
​शून्य से जो प्रकट हुआ, वो सार है शिव,
विष को जो कंठ में धरे, वो प्यार है शिव..!
न आदि है, न अंत है, न रूप है उसका,
अघोरियों के मौन की, पुकार है शिव..!
​जटा से बहती सुरसरी, माथे पे चंद्र साजे,
डमरू की उस थाप पर, ब्रह्मांड सारा नाचे..!
श्मशान की उस राख में, जो खोजता है जीवन,
विनाश में भी सृजन का, आधार है शिव..!
​तन पे लिपटे नाग हैं, मन में अचल शांति,
भक्तों के दुखों की जो, हर ले सारी भ्रांति..!
कहीं वो नीलकंठ है, कहीं वो महाकाल है,
मिटा दे जो अहंकार, वो प्रहार है शिव..!

*
संपादन :डॉ.अनु  मधुप राखी
सज्जा : शक्ति.मंजिता शिवानी अनुभूति 
शिमला डेस्क 


शक्तिअनुभाग
शक्ति रेनू
*
भाविकाएँ
*
तुम्हारे लिए
शक्ति. रेनू
*

*
भाविका : सन्दर्भ : फोटो : शक्ति : रेनू 
*
काँटों के बीच रहकर तुमने
मेरे अपने व्यक्तित्व को गुलाब सा महका कर
जीवन को सार्थक बनाया
सुन रहे हो न ?
तुम्हारे लिए यही काफी है
तुम्ही तुम थे
तुम्ही तुम हो
तुम्ही तुम रहोगे
मुझे हर पल
तुम्हारी यादों की महक
गुलाब की पंखुड़ियों जैसी
महकाती चहकाती
काँटों के बीच रहकर भी
जिंदगी को गुलाब जैसा खिला कर
जीवन की सार्थकता सिखाती हैं
सुनो ? सुन रहे हो न ?
*
संपादन :डॉ.रजनी मधुप शालिनी
सज्जा  : शक्ति.मंजिता स्वाति अनुभूति 
शिमला डेस्क 
*

*
गोरी साँवरे सलोनी : पद्य संग्रह :अनुभाग
डॉ.सुनीता मधुप


प्रेम के सात रंग. 
 डॉ.मधुप. 
*
 अति लघु कवितायें. 
*
पहली. 
 समर्पण. 
*

*
संदर्भित भाविकाएँ 
फोटो : शक्ति रितु 

*
 तुम्हारी, 
 लरजती आँखों की 
 उठती गिरती पलकों में 
 हमेशा मैंने केवल 
' हां ' ही देखा. 
 ' न ' कहाँ था ? 
बोलो न ? 

*
--------

दूसरी
लघु कविता.
*
बेख्याली
*

*
भाविकाएँ : संदर्भित :
फोटो : शक्ति. रितु

*
रहना
नहीं रहना भी
भीड़ !
फ़िर भी कही गुमशुदा
कभी खुद में ही हँस लेना
कभी बिन दिखाए रो लेना
कभी दुनियाँ पागल है
कभी ख़ुद ही पागल हो जाना

--------

तीसरी
लघु कविता.
*
साहस.
डॉ.मधुप. 

*
भाविकाएँ : संदर्भित
फोटो : साभार : मीरा

*
घर छोड़ा,
द्वार छोड़ा,
नाता तोड़ा,
आप से जोड़ा.
लो रंग गयी तेरे श्याम रंग में,
बनकर मीरा बावली हो गयी मैं,
लो मैं तेरे वास्तें,
सब छोड़ के
आ गयी मैं.

--------
चौथी लघु कविता.

ख़ामोशी.
डॉ. मधुप. 

ज्यादा कुछ कहा नहीं
कुछ ज़्यादा सुना नहीं,
हमने पढ़ी सिर्फ़,
नैनों की भाषा,
और क़िताबें दिल की,

नैनों की भाषा.
जैसे पूरे हो गए,
सारे,अनकहें अरमान,
धरा पर ही, जैसे
झुक गया हो आसमान.
*

पांचवी लघु कविता.

हो ली
*

कविता सन्दर्भ : फोटो : राधिका कृष्ण
*
ये प्रेम रंग है कैसा साँवरे ?
बस एक बार तेरे संग जो खेली होली
जीवन भर तेरे साथ मैं हो ली
*
छठवी लघु कविता
*
एकता

जहाँ न मैं रहा
जहाँ न तुम रहें
मिल के हो गए एक
जहाँ न कोई अहम रहा
शेष अशेष जो भी रहा 
मिल कर जो प्यार से हम रहा 

पृष्ठ : सज्जा : संपादन
शक्ति* प्रिया.डॉ.सुनीता अनुभूति
--------
दार्जलिंग डेस्क. 
कविता संपादन : शक्ति प्रिया डॉ.अनु रेनू.  
सज्जा : शक्ति. रितु सीमा शिवानी ( इंदौर ).
------------ 
*
डॉ. दीनानाथ वर्मा. फिजिशियन : दृष्टि क्लिनिक. किसान बाग : बिहार शरीफ. समर्थित 
*
---------
सम्पादकीय त्रिशक्ति : गोरी साँवरे सलोनी : गद्य संग्रह आलेख : पृष्ठ : २ / २. 
-----------
संपादन
नैनीताल डेस्क  
शक्ति.डॉ.रजनी मधुप शालिनी 

*
शक्ति आलेख : २ / २ / ०
*
राम सिया की यही है कहानी : 
शक्ति यात्रा संस्मरण :पाटलिपुत्र मिथिला से अयोध्या 
*
शक्ति आलेख : शक्ति प्रिया डॉ.सुनीता मधुप  
*
वंदे भारत  की पहली यात्रा : बाबरी : से रामनगरी अयोध्या : बन्दे भारत 
सन्नद्धता : रेलवे : सड़क : मार्ग : समयावधि : किराया
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पाटलिपुत्र : से रामनगरी अयोध्या : शक्ति यात्रा : वन्दे भारत : कोलाज : डॉ.सुनीता मधुप स्मिता 

वंदे भारत  की पहली यात्रा : राम नगरी अयोध्या के लिए यात्रा का आरंभ।  शहर पटना।  हम समय से थे। मालूम था हमें गाड़ी खुलने से पांच मिनट पहले पहुँच जाना है। दरवाजें बंद हो गए तो खुलेंगे नहीं। हम अपने अनुभव के लिए तैयार थे। 
दिन ८ फरवरी : शक्ति यात्रा थी पटना से अयोध्या धाम के लिए। गाड़ी बुला रही थी । बन्दे भारत से मेरी पहली यात्रा थी । आराम दायक लगी । समय अनुशासन की  प्रतीक है यह गाड़ी। ८ नंबर प्लेट फार्म पर गाड़ी खड़ी थी समयबद्ध। 
बताते चले वंदे भारत एक्सप्रेस डायनेमिक प्राइस पर चलती है। पहले सस्ती बाद में महंगी होती हुई । हमें  १११७.२५ रुपया अयोध्या धाम के लिए देना पड़ा। 
वंदे भारत एक्सप्रेस की भारत की पहली स्वदेशी सेमी - हाई स्पीड ट्रेन है, जो १६० किमी / घंटा तक की गति से चलती है। चेन्नई की इंटीग्रल कोच फैक्ट्री ( ICF) द्वारा विकसित, यह ' मेक इन इंडिया ' का प्रतीक है। 
१५  फरवरी २०१९ को शुरू हुई यह ट्रेन अब देश भर में वातानुकूलित चेयर कार और स्लीपर वेरिएंट के साथ कनेक्टिविटी को आधुनिक बना रही है। 
बैठने की सीटें सुविधाजनक ही है। सामान रखने के लिए चेयर के नीचे ही मोबाइल के लिए चार्जिंग पॉइंट दिए गए हैं। सीटों के ऊपर सामान रखने के लिए यथा स्थान दिए गए हैं। भारतीय व  पाश्चात्य  शैली के टॉयलेट काफ़ी साफ सुथरे दिखे। 
बैठते ही पानी की रेल नीर वाली बोतल दी गई। थोड़े समयोपरांत नास्ता दिया गया। अयोध्या के बाद यात्रियों के लिए खाना भी दिया जाता है। 

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बाबरी : से रामनगरी : शक्ति यात्रा संस्मरण 
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राम सिया की यही है कहानी अयोध्या : इतिहास : अनुभाग 
शक्ति डॉ.सुनीता.आर के. मधुप 
गतांक से आगे : १. 
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बाबरी : से रामनगरी : शक्ति यात्रा संस्मरण : शक्ति कोलाज : डॉ.सुनीता मधुप स्मिता रंजीत 

राम मंदिर उत्तर प्रदेश के अयोध्या जिले पूर्व फैजाबाद जिला में स्थित है। यह प्रसिद्ध मंदिर अयोध्या शहर में ही राम जन्मभूमि परिसर में सरयू नदी के तट के पास स्थित है। २२ जनवरी २०२४ को यहां श्री राम की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा की गई थी। आज यह एक अंतर्राष्ट्रीय धार्मिक पर्यटन स्थल हो गया है। 
इतिहास के झरोखें से फैजाबाद : अयोध्या : दरअसल १६ वी सदी  में मुगल शासक बाबर के आदेश पर मीर बाकी ने अयोध्या में एक मस्जिद बनाई जिसे बाबरी मस्जिद कहा गया १८८५ में पहला मुकदमा दायर हुआ और यहीं से विवाद सामने आया १९४९ में मस्जिद के अंदर कथित रूप से मूर्तियां रखी गई जिससे मुसलमानों  की नमाज रुक गई। 
३० अक्टूबर और २ नवंबर १९९० को अयोध्या में राम जन्मभूमि आंदोलन के दौरान कारसेवकों यथा राम सेवकों पर पुलिस द्वारा गोलियां चलाई गई थीं। यह घटना तब हुई जब कारसेवक बाबरी मस्जिद के पास एकत्र हुए थे, जिसके बाद तत्कालीन उत्तर प्रदेश सरकार ने पुलिस फायरिंग के आदेश दिए थे। इस गोलीकांड में कई कारसेवक हताहत हुए थे।
६ दिसंबर १९९२ को एक बड़ी रैली के बाद मस्जिद ढहा दी गई जिसके बाद दंगे भड़के और २००० से ज्यादा लोगों की मौत हुई। २०१० में जमीन तीन हिस्सों में बांटी गई और २०१९ में सुप्रीम कोर्ट ने पूरी जमीन एक हिंदू ट्रस्ट को देने का फैसला सुनाया जिसके बाद वहां मंदिर निर्माण शुरू हुआ।
१९८० का दशक : सरयू : राम की पैड़ी : उत्तर प्रदेश के अयोध्या में सरयू नदी के तट पर स्थित भव्य घाटों की एक श्रृंखला है, जो अपने आध्यात्मिक और ऐतिहासिक महत्व के लिए प्रसिद्ध है। १९८० के दशक में निर्मित, यह स्थान पवित्र स्नान के लिए जाना जाता है और दिवाली पर भव्य दीपोत्सव का मुख्य केंद्र है। यह स्थान भगवान राम से जुड़ा है और यहाँ शाम को होने वाली लेजर और लाइट शो श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर देती है। इसका निर्माण १९८४ - १९८५ के दौरान तत्कालीन सरकार द्वारा किया गया था।
हरिद्वार हर की पैड़ी की तरह अयोध्या में भी राम की पैड़ी : आप हरिद्वार गए होंगे तो वहां गंगा के किनारे हर की पैड़ी है। महत्व : यह माना जाता है कि यहाँ स्नान करने से पाप धुल जाते हैं और आत्मा शुद्ध हो जाती है। 
उसी तरह भगवान राम भी अयोध्या में  सरयू नदी में यहाँ स्नान करते थे इसलिए स्नान घाटों का नाम राम की पैड़ी पड़ गया । बताते चले यहाँ हर साल दिवाली के अवसर पर लाखों दीये जलाकर गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया जाता है।
यहाँ लगभग २५ - ३२ स्नान घाट हैं, जो रात में दूधिया रोशनी में बहुत सुंदर लगते हैं। सुविधाएं भी अधिक है घाटों के पास मंदिर, बदलने के लिए कमरे, और आसपास कई होटल / रेस्टोरेंट मौजूद हैं। निकटतम: नयाघाट, अयोध्या रेलवे स्टेशन से लगभग ३ किमी की दूरी पर। यह स्थान वर्तमान में अयोध्या की प्रमुख पर्यटन और धार्मिक स्थलों में से एक है। 
भव्य मंदिर : का निर्माण : २२ जनवरी २०२४ : अयोध्या में भगवान श्री राम का भव्य मंदिर २२ जनवरी २०२४ को बनकर तैयार हुआ और इसी दिन प्राण प्रतिष्ठा समारोह आयोजित किया गया। इस आधुनिक भव्य मंदिर की आधारशिला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा ५ अगस्त २०२० को रखी गई थी। 
यह मंदिर उत्तर भारत की नागर शैली में निर्मित है और वर्षों के कानूनी संघर्ष व सर्वोच्च न्यायालय के फैसले के बाद बना है। मंदिर का निर्माण श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की देखरेख में किया गया है। ऐतिहासिक संदर्भ  की माने तो मान्यतानुसार, मूल मंदिर को १५२८ में तोड़ा गया था। 

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शक्ति : यात्रा ; संस्मरण 


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राम सिया की यही है कहानी अयोध्या : 
शक्ति. डॉ.सुनीता.आर के. मधुप 
गतांक से आगे : २ . 
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सन्नद्धता : रेलवे : सड़क : मार्ग : समयावधि : किराया 
कैसे घूमे : अयोध्या 

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राम मंदिर : दृश्यम : बड़ा निक लागे राघव जी के गांववा 
अशोक उपाध्याय : 
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उपलब्ध गाड़ियां  : पटना से : अयोध्या धाम के लिए : फरक्का एक्सप्रेस ,गोमती नगर वन्दे भारत ( गाड़ी संख्या २२३४५ ) ,पटना कोटा एक्सप्रेस है तो 
अयोध्या कैंट के लिए : ओखा द्वारिका एक्सप्रेस, गाँधी धाम एक्सप्रेस , फरक्का एक्सप्रेस, पटना इंदौर एक्सप्रेस , पटना कोटा एक्सप्रेस,भगत की कोठी एक्सप्रेस आदि गाड़ियाँ हैं । 
उपलब्ध गाड़ियां : गया से : गंगा सतलज, दून एक्सप्रेस, जम्मूतवी एक्सप्रेस, गोमती नगरअमृत भारत एक्सप्रेस है। 
समयावधि : किराया : पटना से अयोध्या धाम तक के एक्सप्रेस मेल ट्रेन का किराया मात्र १४० रूपया बिना आरक्षण के बन्दे भारत का डायनमिक फेयर १११७ रुपया है। समयावधि औसतन ७ से ८ घंटे की है। 
सन्नद्धता : रेलवे : सड़क : मार्ग : दूरी : लखनऊ से मात्र १३६ किलोमीटर,पूर्व में, गया से ४४९ किलोमीटर पटना से ४१८ किलोमीटर दूर लगभग दूर पश्चिम में स्थित अयोध्या धाम जंक्शन AY  है। और अन्य अयोध्या कैंट AYC अयोध्या के दो मुख्य रेलवे स्टेशन हैं जो राम मंदिर से लगभग ८ किमी की दूरी पर स्थित हैं। 
नामकरण : अयोध्या जंक्शन को नया रूप देकर अयोध्या धाम जंक्शन  कर दिया गया है। अयोध्या कैंट का पहले नाम फैजाबाद कैंट था, जिसे बदलकर अब अयोध्या कैंट कर दिया गया है।
पुराना नाम : अयोध्या  नया अयोध्या धाम :  से  राम मंदिर के पास १.२ किमी की दूरी पर है और आप पैदल ही जा सकते है। यह तीर्थयात्रियों के लिए मुख्य केंद्र है, राम मंदिर की दूरी : राम मंदिर जाने के लिए अयोध्या धाम स्टेशन (AY) का उपयोग करना बेहतर माना जाता है क्योंकि यह केवल कुछ ही मिनटों की दूरी पर है। अयोध्या धाम स्टेशन की सुविधाएं दर्शनीय है। अयोध्या धाम शहर  को बहुत ही आधुनिक और एयरपोर्ट जैसी सुविधाओं के साथ नया रूप दिया गया है।
जबकि अयोध्या कैंट  पूर्व में नामित फैजाबाद कैंट  शहर के दूसरे हिस्से में स्थित एक प्रमुख रेलवे स्टेशन है।
जो राममंदिर से ८ या नौ किलोमीटर दूर पड़ता है। 
 अयोध्या कैंट स्टेशन भी काफी बड़ा और प्रमुख स्टेशन है जो कई प्रमुख ट्रेनों को संभालता है।
अयोध्या धाम और अयोध्या कैंट के बीच मुख्य अंतर : स्थान और निकटता की बात करें तो अयोध्या धाम रेलवे स्टेशन, राम मंदिर के सबसे करीब १.२ किमी स्थित है। जबकि अयोध्या कैंट  पूर्व में फैजाबाद  शहर की सीमा में थोड़ा आगे है, जो मुख्य मंदिर क्षेत्र से लगभग ८ -१० किमी दूर है
यदि अयोध्या के टूर की बातें करें तो अयोध्या दो से तीन दिनों का आइडियल स्टे है। आप इतने दिनों में आराम से अयोध्या भ्रमण कर सकते हैं। 
पहला दिन : १२ बजे अपराह्न के बाद आप दूर दराज वाले भरत कुंड , सूरज कुंड, मणि पर्वत,   भ्रमण कर लें जो हमने किया। टोटो का किराया ६०० लगा और समय घूमने में हमें ५ से ६ घंटे लगे। संध्या समय लता चौक , राम की पैड़ी , सरयू नदी की आरती देख लें जो हमने भी देखी। 
दूसरा दिन : सुबह सवेरे आप सरयू ,या राम की पैड़ी में स्नान कर सकते हैं। सुबह सवेरे सात से आठ बजे तक राम मंदिर दर्शन , कर लें। आधा घंटा राम मंदिर दर्शन का अनुमानित समय है। 
दर्शन के पश्चात अमावा मंदिर, राम रसोई , में निःशुल्क प्रसाद ग्रहण कर लें। इसके लिए एक मात्र पर्ची कटानी होती है के साथ साथ पैदल ही दशरथ महल ,कनक महल, हनुमान गढ़ी का का दर्शन कर लें सब आस पास ही है। इसी राम रसोई मंदिर के छत से राम मंदिर को आप देख सकते है। यहाँ से दृष्टि लाभ जरूर लें। 
तीसरा दिन : गुप्तार घाट जहाँ राम ने जल समाधि ली थी , आप इसे घूम लें। गुप्तार घाट के पास ही नवाब शुजा-उद-दौला का मकबरा, भी है जिसे गुलाब बारी के नाम से भी जाना जा सकता है घूमने के बाद आप शाम में अपने घर को वापसी ले सकते है।  
बहू बेगम का मकबरा जो नवाब शुजा-उद-दौला के मकबरा के समीप ही है जिसे फैजाबाद का ताजमहल भी कहा जाता है।
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शक्ति : यात्रा ; संस्मरण 


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अयोध्या : यात्रा संस्मरण 
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राम सिया की यही है कहानी अयोध्या : 
शक्ति डॉ.सुनीता.आर के.मधुप 
गतांक से आगे : ३. 
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गुप्तार घाट : जहाँ राम ने जल समाधि ले ली थी :
नवाब शुजा-उद-दौला का मकबरा :
बहू बेगम का मकबरा : ' फैजाबाद का ताजमहल '

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सरयू और घाघरा क्या एक है ? सरयू और घाघरा को मूलतः एक ही नदी के विभिन्न रूप या नाम माना जाता है। घाघरा जो नेपाल में करनाली कहलाती है, उत्तर प्रदेश में प्रवाहित होने वाली एक प्रमुख नदी है, जिसके अयोध्या उत्तर प्रदेश  के पास वाले हिस्से को स्थानीय लोग और धार्मिक मान्यताएं सरयू कहते हैं। ये दोनों नदियाँ अंततः गंगा में मिलती हैं।
गुप्तार घाट : सरयू : फोटो : साभार
गुप्तार घाट : जहाँ राम ने जल समाधि ले ली थी : सरयू नदी के तट पर स्थित यह वही स्थान है जहां भगवान राम ने जल समाधि ली थी। राजा दर्शन सिंह ने १९ वीं सदी की शुरुआत में इसका निर्माण कराया था।
पर्यटक घाट पर राम जानकी मंदिर, पुराना चरण पादुका मंदिर, नरसिंह मंदिर और हनुमान मंदिर भी देख सकते हैं।
किंवदंती के अनुसार, यहीं पर, घाघर नदी की शांत धाराओं के बीच, भगवान राम स्वयं गहन ध्यान में लीन थे, और अंततः सर्वोच्च भगवान विष्णु के अवतार के रूप में वैकुंठ के दिव्य लोक में आरोहण करने से पहले एक आध्यात्मिक ' जल समाधि ' में नदी की गहराई को समाहित कर लिया था।
सरयू नदी के पवित्र तटों पर बसा, जहाँ जल प्राचीन भजनों की फुसफुसाहट करता है और वायु में सदियों पुरानी रस्मों की सुगंध व्याप्त है, वहीं स्थित है गुप्तर घाट एक पूजनीय पवित्र स्थान जिसने दिव्यता के अमिट पदचिह्नों को देखा है। अयोध्या जंक्शन से लगभग १० किलोमीटर दूर स्थित यह पवित्र स्थल कभी हरे-भरे कंपनी गार्डन का पड़ोसी हुआ करता था और अब इस पवित्र भूमि के हर कोने में व्याप्त अटूट श्रद्धा का प्रमाण है।
सदियों बीत जाने के बावजूद, गुप्तार घाट का सार आज भी संरक्षित है। अयोध्या के पवित्र इतिहास का जीवंत वृत्तांत होने के नाते, घाट का जीर्णोद्धार किया गया है और इसे आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित किया गया है, जिससे आने वाली पीढ़ियों के लिए इस पवित्र स्थल की भव्यता बनी रहे।

बहू बेगम का मकबरा : नवाब शुजा-उद-दौला का मकबरा : गुलाब बारी : साभार.

नवाब शुजा-उद-दौला का मकबरा : जिसे गुलाब बारी के नाम से जाना जाता है, उत्तर प्रदेश के अयोध्या जिले पूर्व में फैजाबाद में स्थित है। यह १८ वीं शताब्दी के उत्तरार्ध में निर्मित एक ऐतिहासिक स्मारक है, जो अपने चारों ओर गुलाब के बागों और पानी के फव्वारों से घिरा हुआ है, और यह इंडो-इस्लामिक वास्तुकला का एक बेहतरीन उदाहरण है।
परिसर में विभिन्न किस्मों के गुलाबों का संग्रह है। यह स्थल आज भी काफी अच्छी स्थिति में है और अपनी ऐतिहासिक भव्यता को दर्शाता है।
गुलाब बारी या कहे शुजा-उद-दौला का मकबरा की प्रमुख विशेषताएं : यह फैजाबाद के गुप्तार घाट के पास स्थित है। इसका निर्माण अवध के तीसरे नवाब शुजा-उद-दौला १७५३ - १७७५ ने खुद करवाया था।
मकबरे की वास्तुकला : मकबरे में इंडो-इस्लामिक शैली का प्रयोग किया गया है, जिसमें मेहराबें और खंभों पर सुंदर नक्काशी की गई है।गुलाब बारी न केवल नवाब का अंतिम विश्राम स्थल है, बल्कि यह एक महत्वपूर्ण पर्यटन और ऐतिहासिक स्थल भी है।
बहू बेगम का मकबरा : अक्सर लोग भ्रमित होते हैं, लेकिन ' बहू बेगम का मकबरा ' उम्मत-उज़-ज़हरा बानो अलग है, जो पास में ही स्थित है और इसे ' फैजाबाद का ताजमहल ' भी कहा जाता है।

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शक्ति : यात्रा ; संस्मरण 


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गतांक से आगे : ४ : अंतिम क़िस्त 

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दर्शनीय स्थल : अयोध्या में
और क्या क्या देखें
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अयोध्या महाराज दशरथ का राजमहल : छाया : शक्ति. संगीता राजीव सिंह 
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धार्मिक इमारतें : देखने लायक

दर्शनीय स्थल : अयोध्या में मुख्य रूप से राम मंदिर, हनुमानगढ़ी, कनक भवन, सरयू नदी और विभिन्न घाट यथा राम की पौड़ी, तुलसी घाटआदि दर्शनीय हैं।

प्रमुख धार्मिक स्थल :

राम जन्मभूमि मंदिर : भगवान राम का पवित्र जन्मस्थान, आस्था का केंद्र। भगवान श्री राम लला की वो पावन खूबसूरत मूर्ति देखकर जैसे मूर्तिवत होने लगे। अभिभूत थे श्री राम ही हम सबके जीवन आधार है। मानो सब कुछ यहीं प्रभु श्री राम ही है। वो शांति सुकून का एहसास जिसे शब्दों में बताया नही जा सकता, मुझे बार बार ऐसा न जाने क्यों ऐसा लग रहा था।
एक बहुत ही भव्य मंदिर जो दक्षिण कला शैली से परिपूर्ण था मेरे दृष्टिकोण में अत्यंत दर्शनीय लगा । कोई श्री राम के पूरे परिवार का मंदिर प्रमुख है। और यहाँ मैं अपने माननीय प्रधानमंत्री का भी दिल से धन्यबाद करना चाहूँगी जी उनके अथक प्रयास के कारण ही आज अयोध्या का राम मंदिर का निर्माण हो सका।
हनुमानगढ़ी : हनुमान जी को समर्पित एक प्राचीन मंदिर, सीएम योगी के अनुसार, राम मंदिर जाने से पहले यहां दर्शन करना चाहिए।
कनक भवन: राम और सीता को समर्पित एक सुंदर मंदिर, जो अपने स्थापत्य के लिए जाना जाता है।
राम और सीता की रसोई : राम जन्मभूमि के पास स्थित, पौराणिक कथाओं से जुड़ा स्थान।
दशरथ भवन : राजा दशरथ का निवास स्थान माना जाता है, जिसकी वास्तुकला देखने लायक है।
नागेश्वरनाथ मंदिर : भगवान शिव को समर्पित एक और महत्वपूर्ण मंदिर।
भरत कुंड : सोहावल तहसील जिला अयोध्याजो नंदीग्राम के रूप में प्रसिद्ध हैअयोध्या से लगभग १५ से २० किमी दूर दक्षिण में प्रयागराज मार्ग पर स्थित एक प्रमुख धार्मिक और ऐतिहासिक स्थल है। माना जाता है कि वनवास के १४ वर्षों के दौरान भरत जी ने यहीं से श्रीराम की खड़ाऊ : चरणपादुका : को सिंहासन पर रखकर शासन किया था।
भगवान भरत ने वनवास के दौरान तपस्या की थी। जब भगवान श्री राम वापस लौटे तो वे यहीं पर भरत से मिले थे।
छोटा गया : भरत कुंड को ' छोटा गया ' के रूप में भी जाना जाता है यहाँ पितृ तर्पण पिंडदान करना गया जी के बराबर फलदायी माना जाता है
जटा कुंड : पास ही में जटा कुंड है जहाँ भगवान राम और लक्ष्मण ने वनवास से लौटने के बाद अपने जटा बाल त्यागे थे। विशेषता यहाँ एक प्राचीन कुआँ और वटवृक्ष भी है [भरत कुंड का स्थान राम-भरत प्रेम और त्याग का जीवंत प्रतीक है।


ऐतिहासिक इमारतें : दर्शनीय
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जैसे सूर्य कुंड तुलसी स्मारक भवन कवि तुलसीदास को समर्पित, यहाँ उनकी कृतियों से जुड़ी कला और साहित्य मिलता है।
सूर्य कुंड : अयोध्या ले लगभग चार किलोमीटर की दूर दर्शन नगर में चौदह कोसी परिक्रमा मार्ग पर स्थित सूर्य कुंड और सूर्य मंदिर लाखों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है. माना जाता है कि इस कुंड का निर्माण अयोध्या के सूर्यवंशी शासकों में राजा दर्शन सिंह ने किया था.
इस कुंड के साथ ही भगवान सूर्य का एक मंदिर भी है जो सूर्यवंशियों के लिए सूर्य देव की आस्था का प्रतीक माना जाता है. सरकार ने २२ जनवरी को प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम से पहले इस पौराणिक कुंड और मंदिर का जीर्णोद्धार १४ करोड़ की लागत से कराया है. वेदों में भगवान सूर्य को जड़-चेचन जगत की आत्मा कहा गया है. सूर्यवंशी राजा घोष का कुष्ठरोग इस कुंड में स्नान करने से ठीक हुआ था. मान्यता है कि इस सूर्य कुंड में स्नान और सूर्य मंदिर में दर्शन-पूजन करने से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं.
अन्य आकर्षण : मणि पर्वत: पौराणिक महत्व वाला एक छोटा पर्वत। यहाँ से आप सम्पूर्ण नगरी अयोध्या के दर्शन कर सकते है। यहाँ कामीगंज के पास स्थित मणि पर्वत एक प्राचीन और पवित्र टीला लगभग ६५ फीट ऊँचा है जो रामायण काल से जुड़ा है। मान्यता है कि राम-सीता विवाह के बाद जनकपुर से मिले रत्नों , मणियों के ढेर से यह बना है।
या हनुमान जी द्वारा लाई गई संजीवनी बूटी पर्वत का एक हिस्सा यहाँ गिरा था। यह राम सिया की लीला स्थली है जहाँ सावन में झूला उत्सव मनाया जाता है।




नदी और घाट : जरूर जाए
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जैन मंदिर : अयोध्या जैन धर्म के लिए भी महत्वपूर्ण है, जहाँ कई तीर्थंकरों का 'कल्याणक' हुआ है।
रामकोट : अयोध्या का वह क्षेत्र जहाँ राम का जन्म हुआ माना जाता है।
राम कथा संग्रहालय : रामचरितमानस से जुड़ी कलाकृतियों और इतिहास को प्रदर्शित करता है।
सरयू नदी : अयोध्या की पवित्र नदी, जिसके किनारे कई घाट हैं।
राम की पौड़ी : सरयू नदी पर बने सीढ़ीदार घाट, जहाँ स्नान और आरती होती है।
तुलसी घाट : सरयू तट पर एक शांत घाट, जहाँ टहलने और मनन चिंतन के लिए अच्छा है।
गुप्तार घाट : वह स्थान जहाँ माना जाता है कि भगवान राम ने जल समाधि ली थी।
बिरला मंदिर : नया बना सुंदर मंदिर।
क्वीन हेओ मेमोरियल पार्क : कोरियाई राजकुमारी हेओ के नाम पर।

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स्तंभ संपादन : शक्ति.डॉ.भावना माधवी वाणी.
स्तंभ सज्जा : शक्ति सीमा सुदीप्ता संगीता

संपादन विशेष : शक्ति. डॉ.अनु नीलम संगीता  
सज्जा : शक्ति. सीमा अनुभूति शिवानी 


शक्ति आलेख : २ / २ / १ .
जोत से जोत जगाते चलो : प्रेम की गंगा बहाते चलो
हर्षिल : शक्ति यात्रा संस्मरण
शक्ति आलेख : डॉ.सुनीता मधुप वनिता

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हरि की शिला : हर्षिल
शिव : जलंधर : सती वृंदा : और शापित श्री हरि की कहानी
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गंगोत्री :  गंगा की तलाश : हर्षिल : श्री हरि : कोलाज : शक्ति वनिता मधुप मेघा : हर्षिल 

एक पाप युक्त इंसान : अर्थात मैं का सफर जारी : प्रकृति , प्रेम , पहाड़, पुरुषोत्तम, पुनर्जन्म की अंतहीन यात्रा सतत है। जीवन के इस अंत वाले सफ़र में नदी - नारी सुर - असुर, मानव - दानव, अच्छा बुरा पर एक पाप युक्त इंसान : अर्थात मैं का सफर जारी है।
किंचित सम्यक दुनियाँ सम्यक लोग की ख़ोज जीवन के अंतिम साँस तक जारी रहें।
पिछले साल हम और मेरी सम्पादकीय समूह हर्षिल में थी। शक्ति वनिता,डॉ. सुनीता और आर्य सुनील।
गंगा की ख़ोज में हम सभी निकले थे। हमारे साथ थे हरिद्वार के ड्राइवर देव जो हमारे स्थानीय गाइड भी थे । हमें बार बार प्रतिध्वनित धुन १९८५ से सुनाई दे रही थी मेरे ही पास तुझे आना है तेरे ही पास मुझे जाना है। और हम सच में इतने सालों बाद निकल भी गए थे गंगा की तलाश में।
गंगा : तेरे ही पास मुझे जाना है : गंगोत्री में ही हमें पवित्र ज्योति शक्ति श्रद्धा और गंगोत्री के मार्ग पर शक्ति एकता मिली जो हमारे ब्लॉग मैगज़ीन पेज पर सम्मानित शक्ति सम्पादिका बतौर अब वर्तमान हैं।
गंगोत्री दर्शन के बाद हम एक दिन के लिए हर्षिल में रुके थे। यहीं मिले थे स्नो व्यू लॉज के पास भाई भरत जैसे डॉ. उनियाल जो हर्षिल में ही अपनी एक छोटी सी डिस्पेंसरी चलाते हैं। उन्होंने हमारी मदद करी थी।
स्नो व्यू में सस्ते में दो कमरें दिलवा दिए थे। कैसे भूल सकता हूँ ? उनसे बातें होती रहती हैं। हमने बगोरी भी देखी। हम देव पुत्रों से मिले भी।
और आज दो दिन पहले चकराता के राहुल सिंह मिल गए जो लक्ष्मी नारायण मंदिर हर्षिल में अपना रिसोर्ट लीज़ पर चलाते हैं।


प्रकृति : प्रेम : पवित्रता : हर्षिल की श्रृंखलाएं ; फोटो : शक्ति प्यार देवी डॉ उनियाल : हर्षिल 

आख़िर गाँव का नाम हर्षिल नाम कैसे पड़ा : उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में भागीरथी नदी के तट पर स्थित हर्सिल एक सुरम्य हिमालयी गाँव है। यह तीन नदियों यथा गोमुख से आती भागीरथी ,जालंधरी ,और कपूरा नदी के संगम पर बसा है।
अपने प्राकृतिक सेब के बागानों और शांत वातावरण के लिए प्रसिद्ध है। आखिर इस गांव का नाम हर्षिल कैसे पड़ा ? स्थानीय से संवाद करने पर मालूम हुआ यहाँ हरि का शिला नाम का पत्थर है जिसे हम आस्था वश शालिग्राम के रूप में पूजते हैं। शालिग्राम मूलतः श्री हरि ही हैं जो पाषाण वत हो गए।
लक्ष्मी नारायण मंदिर : हर्सिल में कई प्राचीन मंदिर हैं, जो पारंपरिक लकड़ी और पत्थर की वास्तुकला से बने हैं। भगवान विष्णु और देवी लक्ष्मी को समर्पित यह क्षेत्र मुख्य रूप से अपनी नैसर्गिक सुंदरता और शांत आध्यात्मिक माहौल के लिए जाना जाता है। हमने इस मंदिर के संध्या दर्शन भी किए थे। श्री हरि लक्ष्मी नारायण के हम सभी दर्शनार्थी भी बने थे।
भगवान शिव , असुर जलंधर उसकी पत्नी वृंदा श्री हरि की एक रोचक कहानी है इस हर्षिल से जुड़ी। समझते हैं।
शिव : जलंधर : सती वृंदा : और शापित श्री हरि की कहानी

जलंधर की पौराणिक कहानी : असुर जलंधर की कहानी भगवान शिव के क्रोध और उनकी पत्नी वृंदा के पतिव्रत धर्म की एक प्रसिद्ध पौराणिक गाथा है। जलंधर का जन्म शिव के तीसरे नेत्र की अग्नि से समुद्र में हुआ था।
जलंधर का जन्म : देवराज इंद्र के अहंकार को नष्ट करने के लिए भगवान शिव ने अपनी तीसरी आंख खोली थी, लेकिन उन्होंने उस ऊर्जा को समुद्र में फेंक दिया। उस अग्नि और जल के मेल से एक अत्यंत शक्तिशाली बालक का जन्म हुआ, जिसका पालन - पोषण जल ने किया, इसलिए उसे ' जलंधर ' कहा गया।
अपनी पत्नी वृंदा के पतिव्रत धर्म के कारण वह अजेय हो गया और तीनों लोकों पर आतंक मचाया। अंत में, भगवान विष्णु के छल से वृंदा का सतीत्व भंग होने पर महादेव ने उसका वध कर दिया।
अजेयता और विवाह : जलंधर असुरों का राजा बना और उसने असुर पुत्री वृंदा से विवाह किया। वृंदा परम पतिव्रता थी। वृंदा के पतिव्रत धर्म और भगवान विष्णु की भक्त होने के कारण, जलंधर को कोई भी देवता युद्ध में हरा नहीं सकता था, जिससे वह अजेय हो गया।
जलंधर का आतंक और युद्ध : अजेय होने के बाद जलंधर अहंकारी हो गया और उसने स्वर्गलोक पर अधिकार कर लिया। इतना ही नहीं, वह मां पार्वती को प्राप्त करने के लिए कैलाश भी पहुंच गया, जिससे क्रोधित होकर शिवजी ने उससे युद्ध किया।
श्री हरि की युक्ति और शिव द्वारा जलंधर का वध : जलंधर को हराने के लिए, भगवान विष्णु ने जलंधर का रूप धारण किया और वृंदा का पतिव्रत धर्म भंग कर दिया। जैसे ही वृंदा का पतिव्रत धर्म टूटा, महादेव ने अपने त्रिशूल से जलंधर का वध कर दिया।
सती वृंदा का श्राप श्री हरि का पाषाण बनना और स्वयं वृंदा सती का अतिशय दुःख और पुनः तुलसी में अवतरण : पति की मृत्यु और छल से दुखी होकर वृंदा ने विष्णु जी को श्राप दिया । बाद में, जब श्री हरि अपनी वास्तविक अवस्था में आए तो वृंदा अति शोक मग्न हो गई कि उन्होंने अपने आराध्य देव श्री हरि को ही शापित कर दिया। तब दुःख में सती वृंदा ने आत्मदाह कर लिया।
शापित श्री हरि पाषाण वत हो कर शालिग्राम बन गए। श्री हरि के वरदान स्वरुप तुलसी के रूप में पुनः अवतरित सती वृंदा बतौर शालिग्राम की पत्नी के रूप में सम्मानित भी हुई।
वृंदा की राख से तुलसी का पौधा उत्पन्न हुआ, जिसे भगवान विष्णु ने अपनी प्रिय पूजा सामग्री ( तुलसी ) के रूप में स्वीकार किया। तब से शालि ग्राम पत्थर के साथ तुलसी व श्री हरि की पूजा में तुलसी दल का प्रयोग होता है।

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उत्तरकाशी डेस्क : गंगोत्री : हर्षिल
शक्ति यात्रा शोध आलेख संपादन : शक्ति शालिनी रेनू श्रद्धा
सज्जा : शक्ति सीमा शिवानी स्वाति


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शक्ति आलेख : २ / २ / २ .
शक्ति.शालिनी संदीप आस्था
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शिव - आदि और अनंत है

केवल संहारक नहीं बल्कि सृजन के आधार भी हैं ,शिव : शिव- आदि और अनंत हिंदू धर्म में शिव को ' लय ' का देवता माना गया है, लेकिन वे केवल संहारक नहीं बल्कि सृजन के आधार भी हैं। फाल्गुन मास की कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को आने वाली यह रात्रि ब्रह्मांडीय ऊर्जा के जागरण की रात है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, इसी पावन तिथि पर भगवान शिव और माता शक्ति का विवाह हुआ था अर्थात पुरुष और प्रकृति का मिलन...वैज्ञानिक दृष्टिकोण से देखें तो इस रात पृथ्वी का उत्तरी गोलार्द्ध इस प्रकार स्थित होता है कि मनुष्य के भीतर की ऊर्जा प्राकृतिक रूप से ऊपर की ओर गमन करती है, इसलिए इस रात 'जागरण' का विशेष महत्व है।
संयम, प्रेम वैराग्य और विरोधाभासों का अद्भुत मेल है शिव शक्ति :
फोटो ; शक्ति रितु : शिव की आराधना 
शिवरात्रि हमें सिखाती है कि संयम और वैराग्य के बिना आनंद संभव नहीं है। शिव का स्वरूप विरोधाभासों का अद्भुत मेल है..वे एक तरफ परम तपस्वी हैं, तो दूसरी तरफ गृहस्थों के आदर्श
..! उनके गले में सांप है, लेकिन उनके पुत्र का वाहन मोर है ; उनके पास नंदी है, तो माता पार्वती का वाहन सिंह है। यह इस बात का प्रतीक है कि परस्पर विरोधी विचारों के बीच भी शांतिपूर्वक सह-अस्तित्व संभव है..! महाशिवरात्रि हमें अपने भीतर के ' शिव ' को जगाने का अवसर देती है। जब हम अपने भीतर के क्रोध, लोभ और मोह का त्याग कर शून्य की ओर बढ़ते हैं, तभी हम वास्तव में शिवमय होते हैं क्योंकि शिव सत्य हैं, शिव सुंदर हैं...सत्यम..शिवम..सुंदरम।
शून्य से जो प्रकट हुआ, वो सार है शिव, विष को जो कंठ में धरे, वो प्यार है शिव..! न आदि है, न अंत है, न रूप है उसका, अघोरियों के मौन की, पुकार है शिव..! जटा से बहती सुरसरी, माथे पे चंद्र साजे,
डमरू की उस थाप पर, ब्रह्मांड सारा नाचे..! श्मशान की उस राख में, जो खोजता है जीवन,विनाश में भी सृजन का, आधार है शिव..! तन पे लिपटे नाग हैं, मन में अचल शांति,भक्तों के दुखों की जो, हर ले सारी भ्रांति..!कहीं वो नीलकंठ है, कहीं वो महाकाल है,मिटा दे जो अहंकार, वो प्रहार है शिव..!
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आलेख :
शक्ति. शालिनी. लेखिका ,कवयित्री व सम्पादिका
संपादन : विशेष : शक्ति रेनू प्रीति क्षमा
सज्जा : शक्ति सीमा रितु अनुभूति

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शक्ति आलेख : २ / २ /३
शक्ति. प्रिया डॉ.सुनीता मधुप राखी

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ख़ुशी की वो रात आई कोई गीत बजने दो.
१९ फरवरी :
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राधा कृष्ण :विवाह उत्सव की घड़ी : फुलेरा दूज


मैं तेरी हूँ कह दे सब से : दृश्यम : राधिका : कृष्ण
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फाल्गुन शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि :
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मैं तेरी हूँ कह दे सब से : दृश्यम : राधिका : कृष्ण : फाल्गुन शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि है। ब्रज आज रंगीन हो गया है। आज राधा कृष्ण के विवाह की तिथि है। माना जाता है कि वृंदावन में श्रीकृष्ण और राधा जी का विवाह ब्रह्मा जी ने कराया था। ब्रह्मवैवर्त पुराण के अनुसार श्रीकृष्ण और राधा जी के विवाह में समस्त देवी-देवता उपस्थित हुए थे। तब राधा जी का विवाह एक बार फिर से कृष्ण जी के साथ हुआ। हर युग में राधा रानी हमेशा ही कृष्ण के साथ विवाह करती रही हैं। ब्रज में इस अवसर पर मंदिरों को फूलों से सजाया जाता है और राधा-कृष्ण के दिव्य मिलन का उत्सव मनाया जाता है। आइए जानते हैं कि फुलेरा दूज को शादी के लिए इतना खास और शुभ क्यों माना जाता है।
फुलेरा दूज ब्रज धाम में राधा-कृष्ण विवाह उत्सव : १९ फरवरी को ब्रज धाम में राधा-कृष्ण विवाह उत्सव की अनोखी छटा देखने को मिलेगी। फुलेरा दूज का दिन प्रेम, सौभाग्य और मंगल कार्यों के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। मान्यता है कि इस तिथि पर बिना विशेष मुहूर्त के भी विवाह जैसे मांगलिक कार्य किए जा सकते हैं, क्योंकि यह दिन स्वयं सिद्ध और कल्याणकारी होता है।
राधा और कृष्ण का प्रेम अमर है, इसका न कोई आरंभ है और न कोई अंत। यह भौतिक जगत से परे है और आध्यात्मिक प्रकृति का है। राधा-कृष्ण की कथा में पवित्र बंधन और प्रेम ने ही दोनों को एक साथ जोड़े रखा, न कि विवाह ने, क्या है फुलेरा दूज ? फाल्गुन शुक्ल पक्ष की द्वितीया को मनाया जाने वाला यह पर्व ब्रज परंपरा में राधा और कृष्ण के दिव्य विवाह उत्सव के रूप में देखा जाता है। मान्यता है कि इसी दिन उनका प्रेम लोक परंपरा में उत्सव बनकर झलकता है। मंदिरों में फूलों की सजावट, गुलाल और रसिया गायन के बीच यह पर्व भक्ति और आनंद का संगम रचता है।
ब्रज परंपरा में होली की रंगभरी प्रेमपूर्ण शुरुआत : ब्रज में होली का पहला रंग भी इसी दिन चढ़ता है। मंदिरों में सबसे पहले भगवान को गुलाल और पुष्प अर्पित किए जाते हैं, फिर भक्त एक-दूसरे पर अबीर उड़ाते हैं। यह परंपरा बताती है कि यहां रंग भी भक्ति का माध्यम हैं। फुलेरा दूज तिथि फुलेरा दूज २०२६ इस वर्ष १९फरवरी को मनाई जाएगी। पंचांग के अनुसार द्वितीया तिथि १८फरवरी को दोपहर ४.५७ बजे आरंभ होकर१९ फरवरी को दोपहर ३:५८ बजे तक रहेगी। ब्रजभूमि में यह दिन केवल एक तिथि नहीं, बल्कि प्रेम और भक्ति का जीवंत उत्सव है।
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संपादन : शक्ति : शालिनी रेनू प्रीति
सज्जा : शक्ति रितु मंजिता अनुभूति
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आर्य : डॉ दीना नाथ वर्मा : दृष्टि क्लिनिक बिहार शरीफ समर्थित
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देव महाशक्ति प्रस्तुति 
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राधिकाकृष्णरुक्मिणी : आज का गीत : जीवन संगीत :भजन : पृष्ठ : ३.
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संपादन 
शक्ति.शालिनी मीना अनुभूति. 

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हरि : दर्शन : मेरे मन में राम 
तन में राम रोम रोम में कृष्ण राम रे 
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श्री राम जन्मभूमि अयोध्या धाम
प्रातः कालीन श्रृंगार आरती दर्शन : 
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साभार : मुख्य पुरोहित :
श्री अशोक उपाध्याय जी : अयोध्या


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शक्ति.
शालिनी : दृश्यम : मीरा : भजन

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त्रि शक्ति प्रस्तुति 


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वृन्दावन पेइंग गेस्ट : मुंबई : शक्ति अंजलि आर्य सुभाष : मुंबई : समर्थित 

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राधिकाकृष्णरुक्मिणी : शक्ति : कला दीर्घा : पृष्ठ : ५ .
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संपादन शक्ति.मंजिता शालिनी सीमा.
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मेरी भव बाधा हरो : राधिका कृष्ण : कलाकृति : शक्ति. मंजिता शालिनी मधुप 
सीता राम निवास स्थल : कनक मंदिर : अयोध्या : कृति : शक्ति. शिवानी मंजिता सीमा .इंदौर 
साँवरे सलोनी गोरी : कला कृति : बसंत उत्सव : राधा कृष्ण : संपादन : शक्ति डॉ.अनु मधुप रेनू 

श्याम तेरी बंसी को बजने से काम : राधा का भी श्याम वो तो मीरा का भी श्याम : कृति.

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गोरी साँवरे सलोनी
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राधिकाकृष्णरुक्मिणी : शक्ति : फोटो दीर्घा : पृष्ठ :७. 
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संपादन 
शक्ति.डॉ.रजनी रितु बीना जोशी 
नैनीताल डेस्क 
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बरसाने : नन्द गांव : की होली परंपरा : राधिका कृष्ण : कोलाज : शक्ति डॉ.अनु शालिनी मधुप 
राम कोट : राममंदिर : राम नगरी : फोटो : शक्ति : डॉ सुनीता सुदीप्ता अंकिता 
 मेरे मन में राम : हनुमान गढ़ी : अयोध्या : दर्शन : कोलाज : शक्ति. डॉ.राखी मधुप सुनीता 
 राम सिया की यही है कहानी : अयोध्या : सरयू : सिया राम : कोलाज डॉ.सुनीता मधुप राखी
राम मंदिर : कनक मंदिर : दशरथ महल : अयोध्या : कोलाज : शक्ति. डॉ.राखी मधुप अंकिता 
ये कैसा मंदिर है : राधिका कृष्ण प्रेम मंदिर : रांची : फोटो : डॉ.राखी रितु अनुराधा.चंडीगढ़  

सोमनाथ : गुजरात : भालका : जहाँ द्वारिकाधीश ने अपने प्राण त्यागे थे : शक्ति.बीना भारती नवीन 
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ममता हॉस्पिटल बिहार शरीफ:शक्ति.डॉ.ममता.आर्य. डॉ.सुनील कुमार :समर्थित
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राधिकाकृष्णरुक्मिणी : समसामयिकी.समाचार :दृश्यम : दिन विशेष : पृष्ठ : ८.
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संपादन
नैनीताल डेस्क.
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शक्ति. डॉ.रजनी राखी मीना

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होली आई  रे कन्हाई होली आई रे 
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दृश्यम : भागी रे भागी रे भागी वृजवाला : नंदलाला 
राधा  ने पकड़ा रंग डाला 
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शक्ति : यात्रा : दृश्यम : देव शक्ति भूमि 
वहाँ  कौन है तेरा मुसाफ़िर जाएगा कहाँ


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डाली डाली फूलों की तुझको बुलाए रे मुसाफ़िर 
मेरे उत्तराखण्ड़ में 

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दृश्यम : उत्तराखण्ड : शक्ति प्रिया मधुप मीना 
भारती .नैनीताल डेस्क 
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हनुमान गढ़ी : दृश्यम : डॉ. सुनीता मधुप अंकिता 


राम :तुम मम प्रिय्र भरत हि सम भाई 
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हर्षिल : हरि की शिला : दृश्यम : राहुल 
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शक्ति : तुलसी : शालिग्राम 

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मेरे मन में राम रोम रोम में राम रे.


दृश्यम : अयोध्या : सुबह सवेरे
शक्ति. डॉ.सुनीता मधुप अंकिता सिंह


दृश्यम : अयोध्या : सरयू स्नान.
शक्ति डॉ.राखी मधुप अंकिता सिंह

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दिन विशेष : पृष्ठ : ८ / २
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यशोदा माँ की जयंती
की हमारी हार्दिक शुभकामनायें


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ये है गीता का ज्ञान : आभार : मुझे भी कुछ कहना है : पृष्ठ : ९ 
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संपादन : शक्ति 

शक्ति डॉ.अनु मधुप राखी
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प्यार ; व्यवहार : संस्कार
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ये है गीता का ज्ञान :पृष्ठ : ९ / १ 
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संपादन : शक्ति 
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शक्ति*सीमा.डॉ.आर के.
शक्ति* डॉ.अनीता.प्रशांत. 
शक्ति* बीना.डॉ.नवीन 

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गीता : १८ वें अध्याय के ६३ वें श्लोक
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अर्जुन : श्री कृष्ण : गीता ज्ञान.
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इति ते ज्ञानमाख्यातं गुह्याद्‍गुह्यतरं मया
विमृश्यैतदशेषेण यथेच्छसि तथा कुरु॥
भावार्थ
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यह प्रसंग गीतोपदेश के मोक्ष संन्यास योग का है जिसमें भगवान श्री कृष्ण कहते हैं,
हे अर्जुन, मैंने तुम्हें गुढ़ से गुढ़तम ज्ञान के समस्त सार को बता दिया है, अब तुम मेरे बताए गए मार्ग का अपने बुद्धि विवेक का प्रयोग करते हुए जो इच्छा है करो।
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कृष्ण : अर्जुन : संवाद : महाभारत : दृश्यम : २. 
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सद्कर्म : व्याकुलता : 
शंका.

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जो तुम्हारे हाथ में नहीं, नियंत्रण में नहीं उसके लिए किंचित व्याकुलता कैसी 
जो तुम्हारे हाथ में है उस पर भला शंका कैसी ?
सदकर्म पथ पर चलने वाले कभी एकाकी नहीं होते  ,....पार्थ 
क्योंकि जिनकी ' नीयत ' और ' नीति ' शुद्ध होती है ....परमात्मा उसकी ' नियति '
व  जीवन ' रथ ' के स्वयं सारथी हो जाते है ..
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 शक्ति सीमा.डॉ.आर.के.मधुप. 
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 मुझे भी कुछ कहना है : आपने कहा : पृष्ठ : ९ / ३ 
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संपादन
अवध डेस्क  
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शक्ति.डॉ.राखी वाणी अंकिता.
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 दृश्यम : माधव जी की प्रेम पूर्ण होली की शुरुआत 
प्रस्तुति : वृन्दावन डेस्क : शक्ति. डॉ अनु शालिनी रेनू मीना 
कर के इशारा बुला गयी रे 
बरसाने की छोरी 

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शिव शक्ति विचार धारा : आज : विशेष 
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वैभव नहीं वैराग्य



वो वैभव नहीं वैराग्य जीते हैं 
तुम्हें  क्या चढ़ाऊँ, भोले जो अमृत छोड़ कर विष पीते है 
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@ शक्ति. डॉ अनु मधुप रितु 
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सत्य : असत्य : हानि लाभ

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सन्दर्भ विचार माया : शक्ति.डॉ.राखी छाया

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पहले लोग असत्य बोलने से डरते थे कि हमसे कोई पाप होगा अब लोग सर्वदा,अनावश्यक सच बोलने से डरते हैं
सोचते है कि बोलने से कोई प्रभावी लाभ नहीं होगा

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@ शक्ति.डॉ. राखी मधुप वाणी

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MS Media Powered
English Section

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Contents.
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English Editorial Section : Cover Contents Page 1
Shakti Editorial. English Page : 2
Shakti Editorial. Prose : English Page : 3
Shakti Editorial. P0em : English Page : 4
Shakti Vibes : .Page : 5
Radhika : Krishna : Rukmini  : Photo Gallery.Page : 6
Visuals News : News : Editorial Page : 7
Shakti Art  Gallery  : Radhika : Krishna : Rukmini : English : Page 8.
Gratitude : Day Special : You Said it : Page : 9.

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Times Media Advertising Shakti  Powered. 
Contents.
*
Times Media Powered
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Shakti Editorial. English Page : 2
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Chief Editor.
Chandigarh Desk.
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Shakti. Dr. Anuradha. Chandigarh.
Arya.Er. Manish. IITian. USA.
Shakti. Nikita Australia.
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Shakti.Pooja. Arya.Dr.Rajeev Ranjan. Child Specialist.Biharsharif. Supporting
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Shakti Editorial. Gori Sawarein Saloni : Prose : English Page : 3
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Editor.
Shakti. Dr.Rakhee Madhup Shalini. 
Nainital.Bhimtal.
*
In the context of Lord Krishna's divine love.
A Passage by.
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Barsane Ki Holi :
 

Shakti. Dr.Anuradha.
Chief Editor.Chandigarh
Co Dr.Madhup  Anubhuti.Shimla. 
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MS* Media : Collage : Design : Shakti Shalini Madhup  Anubhuti.
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Barsane : Nand Gaon Radhe Krishna  playing holi with their beloved ones 

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Barsane Ki Holi : Holi, a festival of vibrant colors, is commonly known for symbolizing the triumph of good over evil. However, in the spiritual realm, it holds a deeper significance, particularly in the context of Lord Krishna's divine love.
In the Braj bhumi region, encompassing Vrindavan and Barsana, Holi is a celebration of the eternal love between Radha and Krishna. Vrindavan, the birthplace of Krishna, and Barsana, the birthplace of Radha, come alive with the spirit of Holi, commemorating the divine couple's playful and loving interactions.
The festival represents the blossoming of divine love, as Krishna's playful pranks and Radha's unwavering devotion converge. The colors of Holi signify the vibrant and all-encompassing nature of their love, inspiring devotees to seek a deeper connection with the divine.
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Vrindavan Holi : Nandgaon Lathmar Holi 2026 :
Episode : 2
Dr.Anu*Radha Madhup Anubhuti.
Vrindavan / Shimla.Desk.
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MS* Media Holi Collage.

Radha Playing Holi with Banke Bihari : Collage : Dr. Anu*Radha Madhup Anubhuti. 

Barsane ki Holi : (Holi in Barsana) refers to the famous Lathmar Holi celebrated in Radha Rani's hometown, Barsana, near Mathura, Uttar Pradesh. This vibrant tradition features women playfully hitting men with sticks (lathis) while men defend themselves with shields, commemorating the playful interaction between Radha and Krishna.
Lathmar Holi : Traditionally celebrated a few days before the main Holi festival, where men from Nandgaon (Krishna's village) visit Barsana and are welcomed with sticks.
Songs and Culture : So many popular filmy songs bhajans include Holi Khele Chandni Raat Kanha Barsane Me Aaiye and Barsane Aaye Banwari Holi Khele Radha Pyari.
Cultural Significance : It is a major attraction in the Brij region, attracting thousands of visitors to witness the unique cultural festivities.
Popular songs and bhajans,often highlight the joyful, festive, and romantic atmosphere of these celebrations

Nandgaon Lathmar Holi 2026 : is scheduled for March 5, 2025 Thursday, immediately following the Barsana celebration on March 8. This iconic, high-energy festival involves men from Nandgaon visiting Radha Rani's temple in Barsana to be playfully beaten by women with sticks, re-enacting a traditional, centuries-old Braj tradition.
Just remembering the key details for Nandgaon Lathmar Holi 2026:
Location is fixed at Nandgaon (Nand Bhawan/Temple), Mathura district, Uttar Pradesh where Krishna used to reside with his Yashoda Maiya and Nand Baba.
It is a village where Krishna spent his childhood.
Tradition of Colour Naughtiness : Nand Lal .Traditionally Men from Nandgaon Krishna's village visit Barsana Radha's village to play fully color the women, who then beat them with lathis or sticks.
Atmosphere of both the villages remain very.romantic, intense, joyful, and crowded, featuring traditional songs, colored water, and gulal.
We give you a caution of note while visiting Barsane and Nandgaon be cautious and mentally prepared. It is well advised to wear sturdy, comfortable clothing, protect cameras /phones, and arrive early to the location due to massive crowds

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Decorative  : Shakti Manjita Swati Shivani
Passage Editing : Shakti Shalini  Seema Renu

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 Valentines Week ' is on its way. 
the most awaited week of Love.
Shakti. Shalini Dr.Sunita Shakti* Priya.
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eternal love with nature and beauty : collage : Nainital : Dr.Sunita Shakti* Priya .

We are with the lovable month February. Really love is a passion that never dies. All together we find ourselves remaining very sensitive to the most awaited week of Love “ Valentines Week  ” which  is on its way. 
And we really feel that all around the world the couples around ourselves are usually excited to know about the Valentine Week 2025 with the complete details. 
And they always remain very curious about how to celebrate this week.
So in fact we want to inform all the people, beautiful couples and lovers that awaited  Valentine Week 2025 very eagerly starts from 7th February and ends on 14th February 2025 with Valentine’s Day. All seven days fall in this week in a such a way we can satisfy our friends, dear ones and beloved ones.Valentine's Week is celebrated from February 7 to February 14. The week starts with Rose Day and ends with Valentine’s Day.

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a. 1st Day. 7th of February :  
The Very First Day of our feeling  : Rose Day.
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The festival of love begins with 
a. Rose Day on 7th Feb (Tuesday) has been followed observed by all of us a Rose Day that is indeed much expressing for someone that you care. People were seen buying roses and giving to their beloved ones. A Rose in different colour is one of
the most significant tokens of love and passion which you have.
Itself defines why it is important and a part of Valentine's week.
History of the Rose Day : The story of rose day is believed to be like this, the Greek god whose name was Eros loved his wife Athena the Greek goddess and she loved roses which is why Eros used to give her roses as a symbol of love. 
It is said that the Victorians started the culture of exchanging roses to communicate unspoken feelings casting in side the heart. They sought a way to reveal their feelings. 
However, a Red Rose stands being  a symbol of love and passion but there are so many other shades as well and every colour stands different in the expression of love.
It is believed that giving roses to your loved ones on this special day is the first step of expressing your love. 
A red rose defines your passion and desires towards the another person. This colour of rose is defined as the epitome ( प्रतीक ) of love, this could be the best day for you to express your feeling and say ‘I love you’ to your loved ones. 
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Related Song : Dil Se.
Film : Sharmeeli.1971.
Song : Khilte Hai Gul Yahan.
Valentine Day : Rose Day: . 1st Day. 
7th of February : Special Song.
Starring : Shashi Kapoor. Rakhee.


Lyrics : Neeraj. Composer : S.D. Burman Singer
for watching the song press the given below link.
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Decoratives : Shimla Desk.Shakti.Manjita.Shivani ( Indore ).Anubhuti 
Column Editing : Shakti.Seema Ankita Renu.. 
Song Selection : Shakti Dr.RakheeTanu Madhvee.


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 b. 2nd Day : Propose Day : on 8th Feb 
Doing very creative good for someone 

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b. Propose Day on 8th Feb (Wednesday), is followed by Rose day, propose day is celebrated on the second day of Valentine's week to express love and affection to your loved one. 
In our opinion on this very day propose day
should be celebrated in such a way when you should be impressing someone to do something very good, creative and lovable thing. You should be very emotional to each and every one's sentiments  including all the community.
Significance of propose day : Propose day is a significant day for couples who are in a romantic relationship. It is a day to make their love official by proposing to their partners.
Film : Aakrman.1975.
Song : Ye Mausam Aya Hai .
Valentine Day : Propose  Day: .2nd  Day. 
8th of February : Special Song.
Starring : Rakesh Roshan . Rekha.


Lyrics : . Composer : Lakshmikant Payrelal Singer : Kishore Kumar Lata.
for watching the song press the given below link.

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Decoratives : Shimla Desk.
Shakti. Anubhuti Manjita Swati Shivani..
Song Selection : Shakti. Priya Tanu Seema Shabnam Anubhuti.


3rd.Day.: 9th of February Celebration  among the beloved ones 
c. the 3rd day of the Valentine week celebrated as a Chocolate Day.

c. Chocolate Day  has been celebrated in the most - awaited week of the year Valentine Week on 9th Feb (Thursday) 2025
Every year,Chocolate Day is celebrated among the beloved ones in the 3rd day of the Valentine week of February with a lot of passion, love grandeur and pomp all across the world.
This week is specially dedicated to love, the power of love and urges people to express their emotions to the ones they love by offering chocolates to one another. 
People who are in relationships, spend the week with their partners. 
People who have crush on someone, choose this time of the year to express their feelings to them by sharing the pieces of chocolates. And people, who are single, spend the week with their near and dear ones to feel the togetherness. 
On this day we add sweetness to our family friends and beloved's life by sharing with them a box of delicious chocolates so that their lives should be sweetened.
Film : Aan Milo Sajna.1970
Song : Falak Se Tod Kar Dekho Sitare
Valentine Day : Propose  Day: .3rd  Day. 
9th of February : Special Song.
Starring : Rajesh Khanna. Asha Parekh. Vinod Khanna.


Lyricist :- Anand Bakshi Music Laxmikant -Pyarelal Singer : Mohammed Rafi
for watching the song press the given below link.

Decoratives : Shimla Desk.
Shakti. Anubhuti Manjita Sushmita Shivani.
Song Selection : Shakti Dr Anu. Renu Shalini  Seema 
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4th Day. d.Teddy Day is celebrated on 10th Feb 
The Cutest Gift for the Children and the Beloved ones.


 
Teddy Day 2025 : Always we love to have a teddy bear with us.If you visit anyone's house you will get this toy there. Really it seems to be the cutest one.  
When we look into the history the soft toy gets its name from Theodore Teddy ' Roosevelt, the 26th President of the United States. February 10, the fourth day of the Valentine's Week, is celebrated as Teddy Day every year. On this day, people gift teddy bear soft toys to their loved ones.
A little teddy bear perfectly embodies the feelings someone's  love, warmth, and care. It has also been an ideal gift given for not just a romantic partner but also for children, parents, or anyone you adore. While each day of Valentine's Week has something special to offer, Teddy Day has to be the cutest one.


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Valentine Day : .4th  Day : Teddy   Day
10 th of February : Special Song.
Film : Chalaak.1973.
Song : Dil Ka Nazrana Le O Dildar Le
Starring : Radha Saluja. Kiran Kumar.


Lyricist - Hasrat Jaipuri Music - Ganesh Singer : Kishore Kumar. Asha Bhosle
for watching the song press the given below link.

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Passage Editing : Dr. Anu Rakhi Shalini.Madhvee.
Decoratives : Shimla Desk.Shakti. Anubhuti Manjita  Seema Anita.
Song Selection : Shakti Dr.Sunita Meena Shabnam Ritu.
 
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5th Day : Promise Day : Celebrated on 11th of February.
Keep your Promises till the last Breathe.
write up : Shakti. Dr.Sunita Shakti* Priya.


e. Promise Day Then, on 11th Feb I always try to remember my words unchanged forever.  
What is a promise ? I mean a word which you have to someone exclusively. And I feel that is to be completed if you keep your words for your beloved ones. And in our common life everyone should be honestly sticky to one's words should never stand meaningless.
On this day, couples make a promise to each other, so that their relationship will always be strong and no doubts or suspicions can create a place in their relationship.
On this day, people promise to love their partners or crushes forever. They also commit to working on their relationship, gift each other sweet tokens of love, and more. You can make this day special by sharing romantic messages with your partner.
From the bottom of my heart, I want to make a promise that I will always love you and care for you until my last breath. And whatever I have made a promise to you,I will pray to Almighty to be completed in coming days. 

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Our Favorites
Valentine Day : 5th  Day : Promise Day
11 th of February : Special Song.
Film :Chetan.1970. 
Song : Main To Har Mode Par Tujhko Dunga Sada 
Meri  Awaz Ko Dard Ke Saj Ko Tu Sune Na Sune  
Starring : Anil Dhawan . Rehana Sultan.
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Lyricist - Naqsh Layalpuri Music - Sapan Jagmohan. Singer : Mukesh
for watching the song press the given below link.

Shimla Desk.
Decoratives :Shakti.  Manjita Swati  Anubhuti.Seema 
Passage Editing  : Shakti Dr.Rakhi Shalini Vani
Songs Selection : Dr. Anu Renu Rajni Meena 

Song Selection : Shakti Dr. Sunita Renu Shabnam Seema Shakti* Shalini Priya Anubhuti.


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6th Day. f. When words are not enough to express the feelings. 
Hug Day on 12th Feb .

f. Hug Day on 12th Feb , As we near the end of Valentine's Week, people throughout especially in the European countries  are getting ready to celebrate Hug Day with their special someone, exclusive one.
It is celebrated on the sixth day of Valentine's Week.This year,it will be cared on Sunday, February 12. Hug Day is one of the most awaited occasions in the
Valentine's week. 
And rightly too on this day, people meet their loved ones and comfort them by hugging,by  putting their  arms around somebody, especially to show that they love him / her. They  hold something close to your body, as hugs are a gesture of love, warmth and belonging. 
It passes a warm message to your loved ones when you feel that you are not expressive enough to show your emotions. When words can't be explaining an emotion in a complicated situation. 
After all, nothing fixes emotional cracks, doubts or anxiousness about the future better than a big warm hug. After Hug day, people celebrate Kiss Day and Valentine's Day on February 13 and 14.

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 7th Day.g. Kiss Day : 
that surrenders someone to that beloved ones.

g. Kiss Day on 13th Feb  Kiss Day 2025 : A day before Valentine's Day, people celebrate Kiss Day. It is the seventh day of Valentine's Week and falls on
February 13 usually.
courtesy. photo.
Usually Kissing is in such a lovable position of someone that surrenders someone to the beloved in ones passion.  
On this day,people seal their relationship with a kiss or show affection towards their partner. There are different types of kisses, like hand kisses, neck kisses, forehead kisses, French kisses, and more, and each holds significance on Kiss Day. You can make the day extra special by gifting your significant other something they like alongside a sweet message to convey your feelings on Kiss Day.
As the Kiss Day, celebrated on February 13th, is a special occasion during Valentine's Week, dedicated to expressing love and affection through kisses to someone who remains very special in someone's life. This day highlights the importance of physical touch in romantic relationships, symbolising intimacy and connection to some extent it is felt that is necessary to us. .
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Our Favorites
Valentine Day : 6 th  Day : Hug Day.
12 th of February : Special Song.
Film : Movie: Woh Kaun Thi. 1964.
Starring : Manoj Kumar, Sadhana,
Song : Lag Ja Gale


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Lyrics : Raja Mehndi Ali Khan. Music Director: Madan Mohan. Singer: Lata Mangeshkar
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Our Favorites
Valentine Day 7th Day.g. Kiss Day : Song  
Movie: Jhuk Gaya Aasman.1968.
Song : Kaun Hai Jo Sapnon Mein Aaya
Kaun Hai Jo Dil Mein Samaya
Jhuk Gaya Aasman Bhi
Ishq Mera Rang Laya O Priya.
Starring : Rajendra Kumar. Saira Banu


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Lyricist: Anand Bakshi.Music: Shanker Jaikishan. Singers: Mohammad Rafi
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8th Day : h.Valentine Day 2025 : 
The Most Awaited Day for the Lovers. 

h.Valentine Day 2025 and finally there on 14th Feb .
Valentine’s Day, is also called as St.Valentine’s Day, holiday (February 14) when lovers express their affection with greetings and gifts to loved ones. 
Now it has been a very famous day for the romance loving people throughout the world. 
Given their similarities, it has been suggested that the holiday has origins in the Roman festival of Lupercalia, was held in mid-February. The festival, which was celebrated the coming of spring, included fertility rites and the pairing off of women with men by lottery. 
courtesy :  photo
At the end of the 5th century, Pope Gelasius first forbids the celebration of Lupercalia and is sometimes attributed with replacing it with St. Valentine’s Day, but the true origin of the holiday is vague at best. Valentine’s Day did not come to be celebrated as a day of romance until about the 14th century.
Although there were several Christian martyrs named Valentine, the day may have taken its name from a priest who was martyred about 270 ce.
Formal messages, or valentines, were appeared in the 1500s, and by the late 1700s commercially printed cards were being used by the people. 
The first commercial valentines in the United States were printed in the mid-1800s. Valentines commonly depict Cupid, the Roman god of love, along with hearts, traditionally the seat of emotion. Because it was thought that the avian mating season begins in mid - February, birds also became a symbol of the day. Traditional gifts include candy and flowers, particularly red roses, a symbol of beauty and love. personally I feel to remember the dear ones on this day special and to spend time with them is the best way. 

The Most Loveable and Dedicated Songs to the Beloved ones.
Film : Call Girl.1974.
Cast : Vikram, Zaheera.
Song : Ulfat Mein Zamane Ki Har Rasm Ko Thukrao.
Lyrics by : Naqsh Layalpuri Music : Sapan Jagmohan Singer : Kishore Kumar.

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Write Up : Shakti* Priya Dr.Sunita Madhup
Decoratives : Shimla Desk.Shakti.Manjita Seema Anubhuti .
Song Selection : Shakti Dr.Anu Priya Shalini Renu  .
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Gori Sawarein Saloni.
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Radhika Krishna Rukmini : Photo Gallery : English : Page : 6
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Editor
Shakti. Shalini Seema Renu.
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Panchgani : Table Land : New Era High School : a famous Boarding School.

Seeking talent hunts : Mission Tare Zameen Par : Dr.Sunita Madhup Vidisha.

the rarest view of the Iskcon Temple Nepal : Collage :Shakti.Priya Madhup Rakhi.
Saryu Nadi : Ram Ki Paudi : Ayodhya : Collage : Dr. Rakhee Madhup Sunita.

Prem : Prakriti : Pahad : Punarjanam : Himachal : Shakti Prerna Pramod Anuradha.Shimla.
the sun setting at Krishna's Dwarika : collage : Shakti.Baishakhi Bina Navin


Ramkot : Ayodhya : Subah Savere : Collage : Shakti. Dr.Rakhi Madhup Sunita.
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Visuals News : News : Editorial Page : 7
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Editor.
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Shakti Dr.Rakhi Madhup Ritu.
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Only Positive News 
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Prem : Prakriti : Pahad : Purushottam : Punarjanam : Shakti Collage : Slide
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Dali Dali Pholon Ki Mere Uttarakhand Main : Shakti. Shalini 
Madhup Renu 
Shakti.Meena Mansi Latika Bhuwan Joshi.
Visulaising Barsane Ki Chhori : Tare Zameen Par: Shakti.Prerna Ranjita.Farheen. 
Davian Kids : Performing Today Tare Zameen Par : photo : Shakti. Prerna Ranjita.Farheen.
Shakit  worshipping Lord Shiva : in Shivala collage Shakti. Ritu Sunita Sangeeta.

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Brij Observing  Phulera Dooj Yesterday.
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Pyari Ju : Shree Ladali : Bhajan. Drishyam.
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Radhika Krishna Rukmini : Art Gallery : English : Page : 8
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Editor
Shakti. Dr.Rakhee Shivani Ankita.
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Radhika Krishna : immersing  in Satrangi Prem : a water colour art : Editing : Dr Anu Mahdup Radha 
Radhika Krishan together they represent the eternal love.Art .Annomyous
 
an art of Radhika Krishna : Nanhi  Kalakriti : Shakti Ayushi Vaibhav Anita 
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Shakti.Dr.Mamta.Arya Dr.Sunil Kumar.Mamta Hospital Biharsharif supported.

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Gori Sawarein Saloni : Radhika Krishna Rukmini Darshan

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Gratitude : Day Special : You Said it : Page : 9.
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Editor.
Shakti.Priya.Dr.Anu Madhup 
Darjeeling Desk
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Day Special. Page : 2
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Editor
Shakti Dr.Rakhi Ritu Shalini .
Nainital Desk.
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on 14 th of Feb . Valentine Day.
8th Day : h.Valentine Day 2026: 
The Most Awaited Day for the Lovers. 

Valentine Day : Penguin GIF. 
Jaise Tujhko Banaya Gaya Hai Mere Liye.



Comments

  1. A very devotional and wonderful page 🙏

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  2. This page is full of divine vibes.
    Jai Shree Radhe Krishna
    Radhe ke prem me jo doob gaya
    Krishna ki bhakti me wo kho gaya
    Jahan Radhe naam gunjta hae
    Wahan Har dil Vrindavan ho gaya

    ReplyDelete

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