Samchar : Alekh
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समाचार : आलेख :१ :गणपति
भारतवर्ष विविधताओं का देश है। भाषा भाषी , लोग प्रांत अनेक है फिर भी हम सभी के मध्य एकता स्थापित है। भाद्र मास शुक्ल पक्ष तृतीया का शुभ दिन जब शक्तियां शिव की आकांक्षा में निर्जला तीज व्रत करती है। तब उनकी एक मात्र अभिलाषा होती है कि कई जन्मों तक उनके स्वामी भोले शिव शंकर जैसे ही मिले और वो एक पत्नी निष्ठ हो। शायद शिव की महिमा ही ऐसी है।
ठीक इसके एक दिन बाद ही भाद्र शुक्ल पक्ष गणेश चतुर्थी का दिन आता है। इस दिन ही विघ्नहर्ता, वक्रतुंड, महाकाय, गणेश जी का शुभ आगमन होता है।
ज्ञात हो ब्रिटिश कालीन भारत में १९०४ - १९०५ के बंग भंग आंदोलन के विरुद्ध महाराष्ट्र केसरी बाल गंगाधर तिलक, विपिन चंद्र पाल और लाला ने महाराष्ट्र, बंगाल, पंजाब में ही नहीं गणेश उत्सव की परंपरा समस्त भारत में शुरू करने की प्रेरणा समस्त भारतीय को दी थी। जो आज समस्त भारत में पूर्ण रूप से साकार होती दिख रही है। बल्कि यूँ कहें आज यह गणेश उत्सव की परंपरा विश्व व्यापी हो गई है।
सनातनी परंपरा के अनुसार हम अपने प्रत्येक शुभ कार्य करने के पहले बार-बार दोहराते हैं, श्री गणेशाय नमः। गणेश जी सभी के लिए कष्टहर्ता बने यह हमारी हार्दिक आकांक्षा है। सब के कार्य मंगल मय हो। हम गणपति बप्पा मोरया की ह्रदय से वंदना करते हैं।
महाराष्ट्र में सार्वजानिक गणेशोत्सव आम तौर पर १० दिनों तक़ चलता है और ग्यारहवें दिन अनंत चतुर्दशी के दिन मूर्ति विसर्जन के साथ समाप्त होता है। अगले वर्ष तू जल्दी आ इस कामना के साथ हम प्रतीक्षा रत होते हैं।
आपके समक्ष है : महाशक्ति मीडिया की भक्ति की शक्ति प्रस्तुति
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समाचार : आलेख : २ : तीज़
समाचार : आलेख : २ : तीज़
डॉ.सुनीता मधुप अनुभूति.
शिव ही शक्ति है। शिव ही भक्ति है। अंत भी शिव आदि भी शिव। सत्य ही शिव है शिव ही सुन्दर है। हम सत्यम शिवम सुंदरम की खोज में हम काशी जा पहुंचे थे। शिव की नगरी। सुनते हैं काशी में शिव विराजते हैं। काशी की मणिकर्णिका घाट पर घूमते हुए शक्ति पार्वती की कई कहानियां भी सुनी। पार्वती ने शिव को पाने के लिए घोर तपस्या की थी। यह हम भी जानते हैं उन्होंने तीज व्रत भी किया। निर्जला रही थी। भला क्यों ?
कई ऐसा तो नहीं कि शिव अत्यंत सरल, सीधे साधे, भोले भाले, कल्याणकारी रहे इसलिए पार्वती को भा गए। कहते हैं प्रेम हो तो सिर्फ शिव पार्वती के जैसा। मिले तो कई जन्मों के लिए नहीं तो बैरागी हो गए। प्रस्तुत है महाशक्ति मीडिया की संस्कृति और परंपराओं की एक छोटी सी मनभावन प्रस्तुति : काशी, शिव : तीज और पार्वती।

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